
पनीर के साथ साथ उसका पानी भी होता है सेहत के लिए फायदेमंद?

पनीर के स्वाद के बारे में तो आप सभी जानते होंगे। यह जितना खाने में स्वादिष्ट होता है उससे कहीं ज्यादा हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। पनीर से बहुत से व्यंजन बनाएं जाते है।लेकिन क्या कभी अपने पनीर के पानी का सेवन किया है यदि आपका जवाब नमी है तो आज हम आपको पनीर के पानी का सेवन करने से होने वाले फायदे के बारे में बताने वाले हैंदरअसल पनीर का पानी हमारी हेल्दी किसी चमत्कार से काम नहीं है तो चलिए आज हम आपको बताते हैं पनीर खाने का सेवन करने से हमारी हेल्प पर क्या प्रभाव पड़ता है।
अक्सर घरों में पनीर बनाते समय जो पानी निकलता है, उसे बेकार समझकर फेंक दिया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही पानी, जिसे मट्ठा या व्हे वॉटर भी कहा जाता है, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पोषक तत्वों से भरपूर यह पानी हमारी रोज़मर्रा की कई स्वास्थ्य समस्याओं में सहायक हो सकता है।
पोषक तत्वों का भरपूर
पनीर के पानी में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये तत्व शरीर की हड्डियों को मज़बूती देने, मांसपेशियों के विकास और ऊर्जा स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
यह पानी पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया आंतों की सेहत सुधारते हैं, जिससे कब्ज़, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। हल्का और सुपाच्य होने के कारण इसे रोज़ाना सीमित मात्रा में पिया जा सकता है।
वज़न कंट्रोल करने में सहायक
कम कैलोरी वाला पनीर का पानी लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे अनावश्यक भूख कम होती है और संतुलित आहार बनाए रखना आसान होता है। यही कारण है कि फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग भी इसे अपने आहार में शामिल कर रहे हैं।
हाइड्रेशन और ऊर्जा का स्रोत
गर्मी के मौसम में पनीर का पानी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है। यह शरीर को ठंडक देता है और थकान कम करने में सहायक हो सकता है।
कैसे करें सेवन
पनीर का ताज़ा पानी छानकर उसमें थोड़ा सा नमक या भुना जीरा मिलाकर पिया जा सकता है। ध्यान रहे कि यह पानी ताज़ा हो और अधिक मात्रा में न लिया जाए।
निष्कर्ष
पनीर का पानी, जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, वास्तव में सेहत के लिए एक प्राकृतिक और किफायती पेय है। यदि इसे सही तरीके और सीमित मात्रा में अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुँचा सकता है।





