अमेरिका ने 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप की तस्वीर वाला 1 डॉलर का सिक्का जारी किया। सिक्का लीगल टेंडर है, जबकि जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर को
लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस शुरू हुई है।
वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका | 3 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
अमेरिका में अब जेब में रखा 1 डॉलर का सिक्का एक असामान्य राजनीतिक तस्वीर भी दिखा सकता है।
यूएस मिंट ने 2 सितंबर 2026 से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला नया 1 डॉलर का सिक्का बिक्री और सर्कुलेशन के लिए जारी किया है। यह सिक्का अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के जश्न का हिस्सा है।
इस सिक्के ने आते ही अमेरिकी मुद्रा, राष्ट्रपति की छवि और कानूनी परंपराओं को लेकर बहस छेड़ दी है।
सिक्के के सामने वाले हिस्से यानी हेड्स पर डोनाल्ड ट्रंप का पोर्ट्रेट है।
इसके ऊपर “लिबर्टी” और नीचे “1776 ~ 2026” लिखा है। साथ ही “इन गॉड वी ट्रस्ट” भी अंकित है।
सिक्के के दूसरी तरफ यानी टेल्स पर अमेरिकी प्रेसिडेंशियल सील है। इसमें चील के एक पंजे में जैतून की शाखा और दूसरे में तीरों का गुच्छा है। सील पर “250” अंक अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ को दर्शाता है।
इस सिक्के की आधिकारिक मुद्रा कीमत 1 डॉलर है।
लेकिन यूएस मिंट इसे कलेक्टर पैक के रूप में ज्यादा कीमत पर बेच रहा है। 25 सिक्कों के एक रोल की कीमत 61 डॉलर है, जबकि 100 सिक्कों के बैग की कीमत 154.50 डॉलर रखी गई है।
यानी 25 सिक्कों वाले रोल में प्रत्येक सिक्के की बिक्री कीमत लगभग 2.44 डॉलर बैठती है, जबकि उसका फेस वैल्यू सिर्फ 1 डॉलर है।
100 सिक्कों वाले बैग में प्रति सिक्का कीमत करीब 1.55 डॉलर पड़ती है।
यह अंतर कलेक्टर पैकेजिंग और बिक्री मूल्य से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं कि सिक्के की कानूनी मुद्रा कीमत 1 डॉलर से बढ़कर 1.55 या 2.44 डॉलर हो गई है।
नहीं।
सिक्के का रंग सुनहरा है, लेकिन यह गोल्ड कॉइन नहीं है। यूएस मिंट के मुताबिक इसकी संरचना में 88.5 प्रतिशत कॉपर, 6 प्रतिशत जिंक, 3.5
प्रतिशत मैंगनीज और 2 प्रतिशत निकल है। इसका वजन 8.10 ग्राम और व्यास 26.49 मिलीमीटर है।
इसलिए इसे “गोल्ड कॉइन” कहना भ्रामक होगा। ज्यादा सटीक शब्द “गोल्डन-कलर्ड” या “गोल्ड-फिनिश” सिक्का है।
अमेरिकी सिक्कों पर किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर होना असामान्य है।
अमेरिकी कानून में जीवित व्यक्ति के चित्र को अमेरिकी मुद्रा और सिक्योरिटीज पर इस्तेमाल करने को लेकर प्रतिबंध है। इसी वजह से ट्रंप वाले सिक्के पर सवाल उठे हैं।
लेकिन इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर है।
2020 में पारित Circulating Collectible Coin Redesign Act ने अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए विशेष 1 डॉलर के सिक्के जारी करने का रास्ता बनाया। यूएस मिंट के अनुसार इसी कानून के तहत 2026 के सेमीक्विनसेंटेनियल डॉलर कॉइन को अधिकृत किया गया है।
मौजूदा आधिकारिक जानकारी के अनुसार यूएस मिंट इस सिक्के को कानूनी रूप से अधिकृत सिक्के के रूप में जारी कर रहा है।
इसका एक कारण यह है कि संबंधित कानून 2026 के सेमीक्विनसेंटेनियल सिक्के के डिजाइन के लिए विशेष अधिकार देता है। कानून में व्यक्ति की तस्वीर को रिवर्स यानी पिछले हिस्से पर रखने पर रोक है, जबकि ट्रंप का चित्र ऑबवर्स यानी सामने वाले हिस्से पर है।
इसलिए “ट्रंप की तस्वीर वाला सिक्का गैरकानूनी है” कहना उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर सही नहीं होगा।
हालांकि राजनीतिक और संवैधानिक बहस अलग मुद्दा है।
यह सिक्का अमेरिकी इतिहास की एक पुरानी मिसाल भी याद दिलाता है।
1926 में अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर एक स्मारक सिक्के पर दिखाई गई थी। यह जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर वाले अमेरिकी सिक्कों की ऐतिहासिक मिसालों में शामिल है।
ट्रंप का सिक्का इसी कारण ऐतिहासिक और राजनीतिक दोनों नजरिए से असाधारण माना जा रहा है।
यूएस मिंट इस सिक्के को ट्रंप के व्यक्तिगत सम्मान के बजाय अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़कर पेश करता है।
आधिकारिक विवरण में इसे अमेरिका के 250 वर्षों की विरासत का सम्मान करने वाला सेमीक्विनसेंटेनियल सिक्का बताया गया है। डिजाइन में 1776 और 2026 की तारीखें भी इसी ऐतिहासिक संदर्भ को दर्शाती हैं।
लेकिन राजनीतिक नजरिए से विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति का चेहरा राष्ट्रीय मुद्रा पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी राजनीतिक संस्कृति में राष्ट्रपतियों की तस्वीरों का सार्वजनिक प्रतीकों पर इस्तेमाल नया नहीं है।
लेकिन मुद्रा पर जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर अलग मामला है। अमेरिकी सिक्कों और नोटों पर ऐतिहासिक रूप से मृत राष्ट्रपतियों और अन्य ऐतिहासिक व्यक्तियों की तस्वीरें प्रमुख रही हैं।
इसी वजह से ट्रंप की तस्वीर वाला सिक्का केवल एक न्यूमिस्मैटिक उत्पाद नहीं रह जाता। यह राष्ट्रपति पद, व्यक्तिगत राजनीतिक ब्रांडिंग और राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल पर बहस का हिस्सा बन गया है।
यूएस मिंट ने 250,000 विशेष सिक्के 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया मिंट में ढाले थे।
इन सिक्कों पर विशेष “July 4th” प्रिवी मार्क है। इन्हें 25-सिक्कों वाले रोल और 100-सिक्कों वाले बैग में बेतरतीब तरीके से शामिल किया गया है।
यानी हर खरीदार को ऐसा विशेष सिक्का मिलने की गारंटी नहीं है।
यह व्यवस्था कलेक्टरों के बीच इन सिक्कों की दिलचस्पी बढ़ा सकती है, हालांकि भविष्य में इनकी वास्तविक कलेक्टर वैल्यू बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।
यूएस मिंट ने शुरुआती बिक्री के दौरान एक परिवार के लिए खरीद की सीमा दो ऑर्डर रखी थी।
मिंट के मुताबिक यह सीमा व्यापक खरीदार आधार को अवसर देने के लिए लगाई गई थी। बाद में उपलब्धता और स्टॉक के आधार पर व्यवस्था बदली जा सकती है।
रिलीज के बाद वेबसाइट पर स्टॉक को लेकर दबाव भी दिखाई दिया। मिंट ने बताया कि अतिरिक्त इन्वेंटरी उपलब्ध कराई जा रही है।
सिक्के की पारंपरिक भाषा में हेड्स पर ट्रंप और टेल्स पर प्रेसिडेंशियल सील है।
लेकिन राजनीतिक रूप से यह डिजाइन एक अलग सवाल खड़ा करता है।
क्या राष्ट्रीय मुद्रा पर मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर सिर्फ अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का प्रतीक है?
या यह राष्ट्रपति की व्यक्तिगत राजनीतिक ब्रांडिंग को राष्ट्रीय संस्थानों में ज्यादा प्रमुख बनाने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है?
इस सवाल का जवाब राजनीतिक पसंद और दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा।
यूएस मिंट का आधिकारिक फ्रेमिंग साफ तौर पर सेमीक्विनसेंटेनियल समारोह पर केंद्रित है। दूसरी ओर, आलोचक इसे ट्रंप की सार्वजनिक संस्थानों पर व्यक्तिगत छाप छोड़ने की कोशिशों की व्यापक श्रृंखला के संदर्भ में देखते हैं।
सिक्के की आर्थिक कीमत सिर्फ 1 डॉलर है।
लेकिन इसकी प्रतीकात्मक कीमत कहीं ज्यादा है।
यह अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के दौरान जारी हुआ है। इसमें मौजूदा राष्ट्रपति की तस्वीर है। यह कानूनी टेंडर है। और इसकी बिक्री कलेक्टर बाजार के लिए प्रीमियम कीमत पर की जा रही है।
इसलिए यह सिक्का एक साथ तीन अलग कहानियां बताता है।
पहली, अमेरिका के इतिहास की 250वीं वर्षगांठ।
दूसरी, अमेरिकी मुद्रा डिजाइन में असामान्य बदलाव।
तीसरी, ट्रंप के राजनीतिक युग में राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर चल रही बहस।
डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला 1 डॉलर का नया अमेरिकी सिक्का अब वास्तविकता बन चुका है।
यूएस मिंट ने इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी किया है। सामने ट्रंप का चित्र है और पीछे अमेरिकी प्रेसिडेंशियल सील। सिक्का 1
डॉलर का लीगल टेंडर है, लेकिन कलेक्टरों के लिए इसके रोल और बैग ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
इसका सुनहरा रंग इसे सोने का सिक्का नहीं बनाता। और जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर इसे अपने आप गैरकानूनी नहीं बनाती, क्योंकि 2026 के विशेष
सेमीक्विनसेंटेनियल कॉइन के लिए अलग कानूनी प्रावधान मौजूद है।
लेकिन राजनीतिक बहस यहीं खत्म नहीं होती।
एक तरफ यह अमेरिका के 250 साल पूरे होने का स्मारक है। दूसरी तरफ यह सवाल भी उठाता है कि किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर राष्ट्रीय मुद्रा
पर कितनी दूर तक स्वीकार्य होनी चाहिए।
यही वजह है कि यह छोटा सा 1 डॉलर का सिक्का अमेरिकी राजनीति, कानून और राष्ट्रीय प्रतीकों की बड़ी बहस का हिस्सा बन गया है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।