इजरायल में उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक दोनों प्रमुख खेमे बहुमत से पीछे हैं। अरब नेतृत्व वाले दलों का समर्थन अहम है, लेकिन सहयोग पर राजनीतिक विरोध से सरकार गठन का रास्ता उलझा है।
इजरायल | 30 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
बहुमत से पीछे दोनों प्रमुख खेमे
इजरायल में चुनावी नतीजों के बाद सरकार गठन का सवाल उलझ गया है। केंद्रीय चुनाव समिति के आंकड़ों पर आधारित उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बेंजामिन नेतन्याहू समर्थक दलों को 53 और प्रमुख विरोधी खेमे को 48 सीटें मिली हैं। अरब नेतृत्व वाली जॉइंट लिस्ट और राआम के पास मिलाकर 19 सीटें हैं।
अंतर-संसदीय संघ के चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को 120 सदस्यीय संसद के चुनाव हुए। पूर्ण बहुमत का सामान्य संख्यात्मक आंकड़ा 61 है। हालांकि सरकार बनना दलों के समझौते और संसद में विश्वास हासिल करने पर निर्भर करता है।
अरब दलों से सहयोग पर सियासी विरोध
उपलब्ध चुनावी रिपोर्टों के मुताबिक, प्रमुख विपक्षी नेताओं ने अरब नेतृत्व वाले दलों के साथ सहयोग का विरोध किया है। यही रुख सरकार गठन की बातचीत में अहम है। सीटों का जोड़ पर्याप्त होने के बावजूद दलों को साझा कार्यक्रम, नेतृत्व और समर्थन की शर्तों पर रज़ामंदी बनानी होगी। यह सीटों के गणित पर आधारित संपादकीय आकलन है, किसी गठबंधन की घोषणा नहीं।
19 सीटें, लेकिन एक साझा फैसला नहीं
उपलब्ध सीट विवरण में जॉइंट लिस्ट को 11 और राआम को 8 सीटें मिली हैं। दोनों अलग राजनीतिक दलसमूह हैं।
वोट के बाद नुमाइंदगी का सवाल
इस बहस का एक पहलू अरब नागरिकों की राजनीतिक नुमाइंदगी भी है। संसदीय व्यवस्था में निर्वाचित दलों के बीच सहयोग राजनीतिक बातचीत से तय होता है। किसी समुदाय के मतदाताओं की पसंद और किसी गठबंधन में शामिल होने की सहमति अलग प्रश्न हैं।
शाह टाइम्स का संपादकीय आकलन है कि रिपोर्टिंग में इन दोनों बातों को स्पष्ट रखना जरूरी है। किसी नेता का सहयोग से इनकार पूरे समुदाय के मतदान अधिकार पर कानूनी रोक के बराबर नहीं है।
सरकार गठन की प्रक्रिया क्या है?
संसद की आधिकारिक प्रक्रिया संबंधी जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति संसदीय दलों से मशविरा करके किसी सांसद को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। नियुक्त सांसद को सामान्यतः 28 दिन मिलते हैं। राष्ट्रपति अधिकतम 14 दिन का अतिरिक्त समय दे सकते हैं। नई सरकार को संसद का विश्वास हासिल करना होता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।