रूसी मिसाइल हमलों के बाद यूक्रेन के प्रमुख स्टील संयंत्रों में उत्पादन ठप है। ArcelorMittal Kryvyi Rih 5 हफ्तों में 4 हमलों के बाद दोबारा शुरू नहीं हो सका।
यूक्रेन | 30 सितंबर 2026
By Mohd Haris
यूक्रेन की इस्पात इंडस्ट्री पर रूसी मिसाइल हमलों का असर सितंबर 2026 में और गहरा गया है। देश के कई प्रमुख स्टील संयंत्रों को लगातार हमलों में नुकसान पहुंचा है और उत्पादन इकाइयां बंद हुई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यूक्रेन के सबसे बड़े स्टील संयंत्र ArcelorMittal Kryvyi Rih ने सुरक्षित और टिकाऊ तरीके से उत्पादन दोबारा शुरू करने में असमर्थता जताई है।
ArcelorMittal Kryvyi Rih पर 5 हफ्तों के भीतर 4 मिसाइल हमले हुए। अंतिम हमला 21 सितंबर को हुआ। कंपनी के मुताबिक इन हमलों में संयंत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा और 5 कर्मचारियों की मौत हुई, जबकि 17 कर्मचारी घायल हुए।
कंपनी ने यूक्रेनी सरकार को बताया कि मौजूदा हालात में संयंत्र का सुरक्षित और टिकाऊ संचालन संभव नहीं है। फिलहाल उत्पादन बहाल करने के बजाय बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में हालात सुधरने पर दोबारा संचालन का विकल्प बचा रहे।
Zaporizhzhia स्थित Zaporizhstal स्टील संयंत्र भी लगातार मिसाइल हमलों का निशाना बना है। 17 सितंबर को संयंत्र पर 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की जानकारी सामने आई। हमले में औद्योगिक हिस्सों, इंजीनियरिंग ढांचे और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। 1 कर्मचारी घायल हुआ।
इससे पहले अगस्त और सितंबर में भी संयंत्र पर हमले हुए थे। इन हमलों से उत्पादन श्रृंखला और ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा था। संयंत्र पहले ही उत्पादन बंद कर चुका था।
Kamianske स्थित Kamet Steel पर सितंबर की शुरुआत में बैलिस्टिक मिसाइल हमला हुआ। हमले में उत्पादन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और संयंत्र का पूरा उत्पादन रोकना पड़ा। कंपनी के अनुसार इस हमले में 5 लोगों की मौत और 4 कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी दी गई।
हमले से सिंटरिंग और ब्लास्ट फर्नेस संचालन के साथ ऊर्जा और परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचा। उत्पादन दोबारा कब शुरू होगा, इसकी निश्चित समयसीमा उपलब्ध नहीं है।
अगस्त 2026 में यूक्रेन का स्टील उत्पादन 277,000 टन रहा। यह पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 57.3% कम था। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कुल स्टील उत्पादन 4.3 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर 12.5% की गिरावट है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि संकट केवल एक संयंत्र तक सीमित नहीं है। युद्ध से पहले से मौजूद लॉजिस्टिक दबाव, ऊर्जा ढांचे पर हमले और निर्यात संबंधी बाधाओं के साथ मिसाइल हमलों ने उद्योग की उत्पादन क्षमता पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
ArcelorMittal Kryvyi Rih के बंद होने से कंपनी ने लगभग $1 बिलियन के गैर-नकद हानि शुल्क की संभावना जताई है। यह मुख्य रूप से संयंत्र की संपत्ति, संयंत्र और उपकरण की वैल्यू में कमी से जुड़ा है।
क्या यूक्रेन का पूरा स्टील उद्योग तबाह हो गया है?
मौजूदा तथ्यों के आधार पर “पूरी तरह तबाह” कहना सावधानी के लिहाज से उचित नहीं है। सही तस्वीर यह है कि यूक्रेन के प्रमुख स्टील संयंत्रों का बड़ा हिस्सा हमलों के कारण बंद या गंभीर रूप से बाधित है।
कुछ उत्पादन इकाइयों की मरम्मत और बहाली की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां क्षतिग्रस्त उपकरण और बुनियादी ढांचे का आकलन कर रही हैं। लेकिन लगातार हमलों के कारण पुनर्निर्माण और उत्पादन बहाली का जोखिम काफी बढ़ गया है।
इस्पात संयंत्रों में वात भट्टी जैसी भारी औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करना तकनीकी और वित्तीय रूप से जटिल प्रक्रिया है। ऐसे संयंत्रों को लगातार ऊर्जा, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है।
यदि किसी संयंत्र पर दोबारा हमला हो जाए तो मरम्मत के बाद उत्पादन शुरू करने का फैसला आर्थिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर कठिन हो जाता है। Zaporizhstal के मामले में उत्पादन बहाली के प्रयासों के बीच दोबारा हमले होने की जानकारी सामने आई है।
यूक्रेन में युद्ध का असर अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं दिख रहा। ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी संघर्ष के महत्वपूर्ण हिस्से बन गए हैं।
इस्पात संयंत्रों पर लगातार हमलों ने उत्पादन क्षमता के साथ-साथ औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित किया है। कच्चे माल की आवाजाही, ऊर्जा आपूर्ति और तैयार स्टील के निर्यात पर दबाव बढ़ने से कंपनियों के लिए उत्पादन जारी रखना और मुश्किल हो जाता है।
स्टील उद्योग यूक्रेन के कई औद्योगिक शहरों में बड़े पैमाने पर रोजगार देता है। संयंत्रों के बंद होने का सीधा असर कर्मचारियों और ठेकेदारों पर पड़ता है। ArcelorMittal Kryvyi Rih के बंद होने से हजारों कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था में स्टील प्लांट की भूमिका केवल फैक्ट्री तक सीमित नहीं होती। परिवहन, सर्विस सेक्टर, सप्लाई चेन और छोटे कारोबार भी इन औद्योगिक केंद्रों पर निर्भर रहते हैं।
यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त उत्पादन क्षमता को सुरक्षित रखना और युद्ध के दौरान औद्योगिक ढांचे को बचाए रखना है।
आर्सेलर मित्तल ने फिलहाल उत्पादन फिर शुरू करने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी भविष्य में हालात सामान्य होने पर संचालन बहाल करने की संभावना खुली रखना चाहती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।