अरिजीत और अरमान के साथ अमाल का खुला रिश्ता
गाने में कमी दिखे तो सिंगर बदलने से भी नहीं हिचकते अमाल
एआई के दौर में सिंगर्स की ट्रेनिंग पर अमाल मलिक की चिंता
अमाल मलिक ने अरिजीत सिंह और अरमान मलिक के साथ अपने बेबाक प्रोफेशनल रिश्ते की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों की रिकॉर्डिंग में कमी लगे तो वह सीधे बताते हैं। अमाल ने एआई आधारित स्क्रैच वोकल्स पर चिंता जताई। ‘ये आवारापन’ में अरिजीत की आवाज और अमाल का संगीत है।
स्थान: मुंबई
तारीख: 18 अगस्त 2026
बायलाइन: Mohd Naved
मुंबई में संगीतकार अमाल मलिक ने अरिजीत सिंह और अरमान मलिक के साथ अपने प्रोफेशनल रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है। अमाल के मुताबिक दोनों गायकों के साथ उनका रिश्ता इतना सहज और भरोसेमंद है कि वह रिकॉर्डिंग के दौरान किसी कमी को लेकर सीधे अपनी राय रखते हैं। उनके अनुसार जरूरत पड़ने पर वह गाने के फाइनल वर्जन के लिए किसी दूसरे सिंगर को आजमाने की बात भी कह देते हैं।
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमाल मलिक इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ के टाइटल ट्रैक ‘ये आवारापन’ को लेकर चर्चा में हैं। गाने को अरिजीत सिंह ने आवाज दी है, जबकि संगीत अमाल मलिक ने तैयार किया है और बोल रश्मि विराग ने लिखे हैं। गाना जुलाई में रिलीज हुआ था और फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में पहुंची।
अमाल मलिक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अरिजीत सिंह और अरमान मलिक के साथ उनका बॉन्ड ऐसा है जिसमें वह दोनों से सीधे अपनी बात कह सकते हैं। उनके मुताबिक यदि किसी गाने में उन्हें कुछ ठीक नहीं लगता तो वह बिना झिझक कमी बता देते हैं।
अमाल ने यह भी बताया कि कभी-कभी बातचीत इस स्तर तक पहुंच जाती है कि वह सिंगर्स से कहते हैं कि दोनों इस गाने को ट्राई करें और फिर देखा जाए कि किसकी आवाज गाने के लिए ज्यादा मुफीद बैठती है। यह टिप्पणी उनके स्टूडियो वर्किंग स्टाइल और गायकों के साथ रचनात्मक संवाद की तरफ इशारा करती है।
उनका कहना है कि किसी गाने को अंतिम रूप देने में केवल लोकप्रिय नाम काफी नहीं होता। कंपोजिशन, आवाज, डिलीवरी और गाने की जरूरत के बीच सही तालमेल जरूरी है। यही वजह है कि अमाल अपने करीबी सिंगर्स के सामने भी रचनात्मक आलोचना रखने से पीछे नहीं हटते।
अमाल ने अपने भाई अरमान मलिक के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि एक सिंगर के लिए स्टूडियो में दूसरे अनुभवी गायकों के साथ काम करना महत्वपूर्ण सीख देता है।
उन्होंने अरमान के शुरुआती अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सोनू निगम और केके की रिकॉर्डिंग में असिस्ट किया है। अमाल के मुताबिक अरमान ने कई मौकों पर अरिजीत सिंह की रिकॉर्डिंग में भी काम किया। उनके अनुसार ऐसे अनुभव सिंगर को स्टूडियो की बारीकियां समझने में मदद करते हैं।
यह पहलू संगीत इंडस्ट्री की उस पुरानी कार्यप्रणाली की तरफ ध्यान खींचता है जिसमें नए कलाकार केवल अपना हिस्सा रिकॉर्ड नहीं करते थे, बल्कि अनुभवी गायकों, कंपोजर्स और म्यूजिक प्रोडक्शन टीम के काम को करीब से देखते थे।
अरमान और अमाल का पेशेवर सहयोग भी नया नहीं है। दोनों ने लंबे वक्त से साथ काम किया है। अमाल पहले भी कह चुके हैं कि रिकॉर्डिंग स्टूडियो में वह अरमान से ज्यादा सख्ती से काम लेते हैं, क्योंकि उन्हें उनकी क्षमता पर भरोसा है।
अमाल मलिक ने बातचीत में म्यूजिक इंडस्ट्री में आ रहे तकनीकी बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कंपोजर्स अब स्क्रैच वोकल्स के लिए एआई का इस्तेमाल करने लगे हैं।
उनका तर्क है कि पहले नए सिंगर्स को डेमो और रिकॉर्डिंग के जरिए इंडस्ट्री की बारीकियां समझने के ज्यादा मौके मिलते थे। यदि शुरुआती चरण में ही एआई से स्क्रैच वोकल्स तैयार होने लगें, तो नए गायकों के लिए स्टूडियो के वास्तविक माहौल में सीखने के अवसर कम हो सकते हैं।
यह टिप्पणी एआई और म्यूजिक प्रोडक्शन के बीच बदलते रिश्ते पर एक अहम बहस सामने रखती है। तकनीक ने कंपोजिशन, डेमो और प्रोडक्शन की प्रक्रिया को तेज किया है, लेकिन इससे कलाकारों की ट्रेनिंग और रचनात्मक भागीदारी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
अमाल की चिंता को इसी संदर्भ में देखना जरूरी है। उन्होंने एआई को लेकर किसी व्यापक निषेध की मांग नहीं की, बल्कि नए सिंगर्स को इंडस्ट्री के व्यावहारिक अनुभव से दूर होने की आशंका जाहिर की है।
‘ये आवारापन’ ‘आवारापन 2’ का टाइटल ट्रैक है। इसमें अरिजीत सिंह की आवाज के साथ अमाल मलिक का संगीत और रश्मि विराग के बोल हैं। गाने का मिजाज भावुक और दर्द भरा है, जो फिल्म के रोमांटिक और ड्रामेटिक टोन से जुड़ता है।
गाने की रिलीज से पहले ही अरिजीत सिंह को लेकर चर्चा तेज थी। वजह यह थी कि उनके नए प्लेबैक प्रोजेक्ट्स को लेकर प्रशंसकों में लगातार दिलचस्पी बनी हुई थी। गाना रिलीज होने के बाद कई मीडिया रिपोर्टों ने इसे उनकी प्लेबैक सिंगिंग से जुड़ी वापसी के संदर्भ में भी देखा।
हालांकि, अरिजीत सिंह के मैनेजर की ओर से बाद में स्पष्ट किया गया कि इसे नए प्रोजेक्ट्स में व्यापक वापसी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और यह पहले से जुड़े कमिटमेंट्स से संबंधित था।
‘आवारापन 2’ साल 2007 में आई इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। करीब 19 साल बाद इस कहानी को आगे बढ़ाया गया है। फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आजमी अहम भूमिकाओं में हैं। निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।
फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। उपलब्ध फिल्म डेटाबेस और इंडस्ट्री लिस्टिंग भी इसी रिलीज डेट और नितिन कक्कड़ के निर्देशन की पुष्टि करती हैं।
फिल्म की रिलीज के बाद शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्टों में मजबूत प्रदर्शन की जानकारी सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म ने शुरुआती दिनों में उल्लेखनीय कमाई दर्ज की। ये आंकड़े फिल्म की व्यावसायिक प्रतिक्रिया का संकेत देते हैं, हालांकि अंतिम प्रदर्शन का आकलन लंबी थिएट्रिकल रन के बाद ही अधिक स्पष्ट होगा।
अमाल मलिक और अरिजीत सिंह इससे पहले भी कई चर्चित गानों पर साथ काम कर चुके हैं। दोनों की साझेदारी में भावनात्मक मेलोडी और अरिजीत की वोकल डिलीवरी प्रमुख तत्व रहे हैं।
अमाल का यह कहना कि वह अरिजीत को भी सीधे कमी बता देते हैं, इस प्रोफेशनल साझेदारी की एक अलग तस्वीर पेश करता है। यहां स्टारडम से ज्यादा फोकस गाने की जरूरत पर दिखाई देता है।
संगीत निर्माण में यह रवैया अहम होता है। एक कंपोजर के लिए गायक की लोकप्रियता से ज्यादा यह देखना जरूरी होता है कि आवाज कंपोजिशन की मांग पूरी कर रही है या नहीं।
अमाल मलिक के मौजूदा बयान से तीन बातें स्पष्ट होती हैं। पहली, अरिजीत सिंह और अरमान मलिक के साथ उनका पेशेवर रिश्ता खुला और प्रत्यक्ष संवाद वाला है। दूसरी, अमाल सिंगर के चुनाव में गाने की जरूरत को प्राथमिकता देने की बात करते हैं। तीसरी, वह एआई आधारित स्क्रैच वोकल्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर नए कलाकारों की ट्रेनिंग पर चिंता जाहिर कर रहे हैं।
अरमान मलिक के बारे में अमाल की बातों का एक हिस्सा उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। इसलिए इसे इंडस्ट्री के हर नए सिंगर पर लागू होने वाला सार्वभौमिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
इसी तरह एआई से जुड़े प्रभाव पर भी अभी व्यापक स्वतंत्र शोध या उद्योग-स्तरीय आंकड़े इस इंटरव्यू में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इसलिए यह अमाल मलिक का पेशेवर आकलन है, स्थापित सांख्यिकीय निष्कर्ष नहीं।
अमाल की टिप्पणी संगीत इंडस्ट्री में तकनीक और मानव कौशल के बीच संतुलन पर बहस को आगे बढ़ाती है। एआई आधारित टूल्स प्रोडक्शन को तेज कर रहे हैं, लेकिन स्टूडियो अनुभव को पूरी तरह तकनीकी विकल्पों से बदलना कलाकारों की व्यावहारिक ट्रेनिंग को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी तरफ, एआई आधारित स्क्रैच वोकल्स कंपोजर्स के लिए शुरुआती डेमो तैयार करने का सुविधाजनक माध्यम भी हैं। इसलिए इस तकनीक को केवल नकारात्मक नजरिए से देखना भी पूरी तस्वीर नहीं देता।
असल सवाल यह है कि एआई का इस्तेमाल किस चरण पर और किस उद्देश्य से किया जा रहा है। यदि यह शुरुआती प्रयोग तक सीमित रहे और अंतिम रचनात्मक प्रक्रिया में इंसानी कलाकारों की भूमिका बनी रहे, तो दोनों के बीच संतुलन संभव है।
‘आवारापन 2’ की रिलीज के बाद अब फिल्म के संगीत और उसके गीतों की लोकप्रियता पर नजर रहेगी। ‘ये आवारापन’ के जरिए अरिजीत सिंह और अमाल मलिक की साझेदारी को पहले ही दर्शकों का ध्यान मिला है।
अमाल का बयान इस चर्चा को फिल्म के संगीत से आगे ले जाता है। यह सिंगर्स की ट्रेनिंग, स्टूडियो कल्चर और एआई के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े बड़े सवालों को सामने रखता है।
अमाल मलिक की बात का सबसे अहम पहलू उनका अरिजीत सिंह और अरमान मलिक के साथ खुला रचनात्मक संवाद है। उनके मुताबिक सिंगर की लोकप्रियता से ऊपर गाने की जरूरत आती है।
‘ये आवारापन’ इसी सोच का मौजूदा उदाहरण है, जहां अरिजीत की आवाज, अमाल का संगीत और रश्मि विराग के बोल एक भावुक गीत का रूप लेते हैं। साथ ही एआई पर अमाल की टिप्पणी यह सवाल उठाती है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नई पीढ़ी के गायकों को वास्तविक स्टूडियो अनुभव किस तरह दिया जाए।
यह बहस अभी खुली है। लेकिन अमाल का बयान संगीत इंडस्ट्री में बदलती कार्यप्रणाली पर एक अहम पेशेवर नजरिया जरूर सामने रखता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।