सोमवार, 07 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 76002.36 ▼ -0.67%
BITCOIN $79081 ▼ -0.94%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Sports

भारत पर 2021 की जीत ने पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया, मोहम्मद यूसुफ का बड़ा दावा

Mohammad Naved 2026-09-07 11:39:41
भारत पर 2021 की जीत ने पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया, मोहम्मद यूसुफ का बड़ा दावा

मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट के संकट पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने 2021 में भारत पर मिली जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़े आत्मविश्वास और कप्तानी की होड़ को नुकसानदेह बताया।


लोकेशन

दुबई / पाकिस्तान

तारीख

7 सितंबर 2026

बाय

Mohd Naved


पाकिस्तान क्रिकेट के संकट पर मोहम्मद यूसुफ का बड़ा बयान

पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों प्रदर्शन, टीम प्रबंधन और नेतृत्व को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। इसी बीच पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने टीम की मौजूदा हालत की वजहों पर अपना नजरिया सामने रखा है। यूसुफ के मुताबिक, 2021 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के भीतर ऐसी मानसिकता बनी, जिसने आगे चलकर नुकसान पहुंचाया।

यूसुफ ने यह बात समा टीवी से बातचीत के दौरान कही। उनका तजज़िया मौजूदा संकट को केवल एक सीरीज या खराब प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखता, बल्कि पिछले कई वर्षों में टीम के भीतर हुए बदलावों, नेतृत्व की होड़ और खिलाड़ियों की जवाबदेही से जोड़ता है।

भारत के खिलाफ 2021 की जीत पर यूसुफ की बात

2021 टी20 विश्व कप में दुबई में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। यह विश्व कप इतिहास में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली जीत थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 151 रन बनाए थे। पाकिस्तान ने बाबर आजम के नाबाद 68 और मोहम्मद रिजवान के नाबाद 79 रन की मदद से बिना विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल किया था।

उस वक्त इस जीत को पाकिस्तान क्रिकेट की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा गया। लेकिन पांच साल बाद मोहम्मद यूसुफ इसे टीम के सफर का एक नकारात्मक मोड़ मानते हैं।

यूसुफ के मुताबिक, जीत के बाद कुछ खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उनका कहना था कि इसके बाद टीम को आगे की रणनीति और निरंतर सुधार पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उनके मुताबिक, कामयाबी के बाद विनम्रता और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है। उनका तर्क है कि जब खिलाड़ी अपनी उपलब्धि को अंतिम मंजिल समझने लगते हैं, तो टीम के भीतर समस्याएं पैदा होने लगती हैं।

यह यूसुफ का व्यक्तिगत आकलन है। इसे पाकिस्तान क्रिकेट के पतन का स्थापित या एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

कप्तानी की होड़ को भी बताया बड़ी वजह

मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान टीम के भीतर कप्तानी को लेकर खींचतान पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि टीम में कई खिलाड़ी कप्तान बनने की कोशिश कर रहे थे।

यूसुफ के मुताबिक, नेतृत्व की इस होड़ का असर ड्रेसिंग रूम की एकजुटता पर पड़ा और इसके नतीजे पाकिस्तान क्रिकेट को लंबे समय तक भुगतने पड़े।

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की कप्तानी और कोचिंग व्यवस्था में कई बदलाव हुए हैं। टीम ने अलग-अलग प्रारूपों में अलग नेतृत्व संरचनाओं का सामना किया है। इसके साथ ही चयन और कोचिंग को लेकर भी लगातार बहस होती रही है।

यूसुफ का तर्क है कि इतने बदलावों के बावजूद खिलाड़ियों की तरफ से पर्याप्त जिम्मेदारी नहीं ली गई।

बड़े टूर्नामेंटों में प्रदर्शन पर भी सवाल

यूसुफ ने पिछले चार से पांच वर्षों के दौरान पाकिस्तान के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि समस्या केवल मौजूदा इंग्लैंड दौरे तक सीमित नहीं है।

इस अवधि में पाकिस्तान ने वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट खेले। कुछ प्रतियोगिताओं में टीम ने अच्छे चरण भी देखे, लेकिन निरंतरता बनाए रखने में मुश्किलें सामने आईं।

पाकिस्तान 2022 टी20 विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा था और एशिया कप में भी फाइनल खेल चुका है। इसके बावजूद बाद के प्रदर्शनों ने टीम की रणनीति, चयन और नेतृत्व पर बहस को तेज किया।

यूसुफ का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम को संभालने के लिए लगातार कोच और सपोर्ट स्टाफ बदले, लेकिन इससे स्थायी समाधान नहीं मिला।

इंग्लैंड दौरे ने संकट को और गहरा किया

मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे से जुड़ी है। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को शुरुआती दो मुकाबलों में भारी हार का सामना करना पड़ा।

हेडिंग्ले में पाकिस्तान पारी और 103 रन से हारा। इसके बाद लॉर्ड्स में उसे 194 रन की शिकस्त मिली। इन नतीजों के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा फेरबदल किया।

पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को वापस भेजा और सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया। इनमें पांच ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें अभी टेस्ट स्तर पर पदार्पण का मौका नहीं मिला था।

कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया। मुख्य कोच सरफराज अहमद और सहायक कोच उमर गुल को हटाया गया। इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक नई बहस को जन्म दिया।

पीसीबी के फैसले का यूसुफ ने किया समर्थन

मोहम्मद यूसुफ ने इंग्लैंड दौरे के बीच किए गए इन बदलावों का समर्थन किया है।

उनके मुताबिक, बोर्ड के सामने कार्रवाई करने के अलावा बहुत कम विकल्प बचा था। उन्होंने पाकिस्तान के टेस्ट प्रदर्शन और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में उसकी स्थिति का भी हवाला दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में नौवें स्थान पर है, यानी नौ टीमों वाली तालिका में सबसे नीचे।

यूसुफ का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है और ऐसे हालात में बोर्ड को कठोर फैसले लेने पड़ते हैं।

हालांकि, टीम में सात नए खिलाड़ियों को शामिल करने से तत्काल बदलाव की गारंटी नहीं मिलती। खुद यूसुफ ने भी संकेत दिया है कि समस्या लंबे समय से चली आ रही है और केवल खिलाड़ियों को बदलने से पूरी तस्वीर बदलना आसान नहीं होगा।

समस्या सिर्फ इंग्लैंड सीरीज की नहीं

पाकिस्तान के हालिया रिकॉर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन अकेला चिंता का विषय नहीं है। टीम को बांग्लादेश के खिलाफ भी लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

2024 में पाकिस्तान को घरेलू मैदान पर बांग्लादेश से टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। इसके बाद 2026 में भी बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 0-2 से शिकस्त दी।

इन नतीजों ने चयन प्रक्रिया, नेतृत्व, टीम संयोजन और घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों की तैयारी पर सवाल खड़े किए हैं।

यूसुफ के बयान का दूसरा पहलू

यूसुफ का बयान पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर एक पूर्व खिलाड़ी का विश्लेषण है। किसी एक मैच या एक जीत को पांच साल के प्रदर्शन का निर्णायक कारण मानना क्रिकेट के पूरे ढांचे की जटिलता को पूरी तरह नहीं समझाता।

टीम के प्रदर्शन पर कप्तानी, चयन, कोचिंग, घरेलू क्रिकेट, खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक तैयारी और बोर्ड प्रशासन जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

2021 में भारत पर जीत के बाद पाकिस्तान तुरंत कमजोर टीम नहीं बना था। इसके बाद भी टीम 2022 टी20 विश्व कप के फाइनल तक पहुंची। इसलिए यूसुफ का तर्क एक विशिष्ट दृष्टिकोण के तौर पर देखा जाना चाहिए, अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं।

अब पाकिस्तान के सामने क्या चुनौती है

पाकिस्तान क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिरता बहाल करने की है। लगातार कप्तान, कोच और खिलाड़ियों में बदलाव से टीम को लंबी अवधि की रणनीति बनाने में मुश्किल होती है।

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में शुरू होना है। इस मुकाबले में नए खिलाड़ियों और बदली हुई टीम संरचना की परीक्षा होगी।

पाकिस्तान को केवल एक जीत की तलाश नहीं है। उसे ऐसी टीम तैयार करनी है जो अलग-अलग परिस्थितियों और प्रारूपों में लगातार प्रदर्शन कर सके।

मोहम्मद यूसुफ का बयान इसी व्यापक संकट की तरफ इशारा करता है। 2021 में भारत पर मिली 10 विकेट की जीत पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। लेकिन यूसुफ के मुताबिक, उस जीत के बाद टीम की मानसिकता में आए बदलाव ने आगे चलकर मुश्किलें बढ़ाईं।

आखिरकार पाकिस्तान क्रिकेट के लिए असली सवाल यह नहीं है कि गिरावट की शुरुआत किस एक मैच से हुई। बड़ा सवाल यह है कि टीम अब अपनी संरचनात्मक समस्याओं को कितनी गंभीरता से पहचानती है और उन्हें दूर करने के लिए कितनी स्थायी रणनीति अपनाती है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर