दिल्ली-NCR में 5 सितंबर को बारिश के एक और दौर से कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ। गुरुग्राम प्रशासन ने जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। IMD ने दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी है और 6 सितंबर को भी बारिश का अनुमान जताया है।
LOCATION: नई दिल्ली / दिल्ली-NCR
DATE: 5 सितंबर 2026
BYLINE: Apurva Choudhary
दिल्ली-NCR में शुक्रवार की भारी बारिश के बाद शनिवार, 5 सितंबर को एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हुआ। दिल्ली के कई हिस्सों के साथ गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में जलभराव ने सामान्य आवाजाही को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने भी क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि जारी रहने का अनुमान जताया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 5 सितंबर के अपडेट में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। विभाग ने 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बताई है, जबकि इसके बाद चेतावनी की तीव्रता घटने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR में फिर क्यों बिगड़े हालात?
शुक्रवार को हुई तेज बारिश से पहले ही दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था। 5 सितंबर को नए बारिश के दौर ने इस समस्या को फिर बढ़ा दिया और सड़कों, अंडरपास तथा निचले इलाकों में पानी जमा होने की खबरें सामने आईं।
दिल्ली में द्वारका और नजफगढ़-नांगलोई क्षेत्र प्रभावित इलाकों में शामिल रहे। गुरुग्राम में भी कई स्थानों पर पानी जमा होने से सड़क यातायात की रफ्तार कम हुई और स्थानीय प्रशासन को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
यह स्थिति सिर्फ बारिश की मात्रा का मामला नहीं है। लगातार बारिश के दौरान कम समय में बड़ी मात्रा में पानी गिरने से शहरी ड्रेनेज नेटवर्क पर दबाव बढ़ता है, जबकि अंडरपास और निचले हिस्सों में पानी तेजी से जमा हो सकता है।
गुरुग्राम में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह
गुरुग्राम जिला प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान के बीच लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से जलभराव वाली सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
प्रशासन की सलाह सिर्फ ट्रैफिक जाम से बचने के लिए नहीं है। पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगने के कारण वाहन चालकों और पैदल लोगों के लिए खुले मैनहोल, गड्ढे, बिजली के तार और कमजोर सड़क किनारे अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकते हैं।
गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में पेड़ गिरने की भी रिपोर्ट सामने आई है। प्रशासन ने लोगों को तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और ओवरहेड केबल से दूरी रखने की सलाह दी है।
दिल्ली में किन इलाकों पर असर?
दिल्ली में द्वारका और नजफगढ़-नांगलोई जैसे क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। शहर में पहले हुई भारी बारिश के बाद IGI एयरपोर्ट के आसपास भी पानी जमा हुआ था, जिससे यात्रियों और फ्लाइट ऑपरेशन पर असर पड़ा था।
शुक्रवार को स्थिति इतनी गंभीर रही कि IGI एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। Indian Express के मुताबिक 3:30 बजे से शाम 5 बजे के बीच 11 उड़ानें डायवर्ट हुईं, जबकि एयरपोर्ट के बाहर कई जगह जलभराव दर्ज किया गया।
इसलिए 5 सितंबर को एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए सड़क की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। मौसम साफ होने के बावजूद शहर में जलभराव और ट्रैफिक के कारण एयरपोर्ट तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।
IMD ने क्या चेतावनी दी है?
IMD के 5 सितंबर के आधिकारिक सब-डिविजन वार्निंग अपडेट में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 5 सितंबर को Heavy Rain और 6 सितंबर को भी Heavy Rain की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 7 सितंबर से इस क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली के हर हिस्से में लगातार भारी बारिश होगी। मौसम संबंधी चेतावनी व्यापक क्षेत्र के लिए होती है और वास्तविक बारिश की तीव्रता स्थान और समय के अनुसार बदल सकती है।
शनिवार सुबह की रिपोर्टों में भी दिल्ली-NCR में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आगे बारिश की संभावना बताई गई थी। कुछ समय के लिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में चेतावनी का स्तर भी अलग रहा।
शुक्रवार की बारिश ने पहले ही दिखा दिया था दबाव
5 सितंबर की बारिश को समझने के लिए शुक्रवार की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। 4 सितंबर को दिल्ली में भारी बारिश के दौरान Palam में 75.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। Naraina में 54 मिलीमीटर, Janakpuri में 48.5 मिलीमीटर और Safdarjung में 32.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
गुरुग्राम में भी 44.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि नोएडा में उस रिपोर्टिंग अवधि में बारिश काफी कम रही। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि दिल्ली-NCR में बारिश का वितरण एक समान नहीं था।
शुक्रवार को IMD ने दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था और 50 से 100 मिलीमीटर तक बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना जताई थी। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका भी जताई गई थी।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए क्या सावधानी?
दिल्ली में बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट यात्रियों के लिए सिर्फ फ्लाइट स्टेटस देखना पर्याप्त नहीं है। एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले रास्तों पर ट्रैफिक और जलभराव भी यात्रा का समय बढ़ा सकते हैं।
हालिया मौसम व्यवधान के दौरान एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी फ्लाइट का स्टेटस वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जांचने और एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी।
IGI एयरपोर्ट को लेकर फ्लैश-फ्लड जोखिम की चेतावनी भी सामने आई है। ऐसे में मौसम और स्थानीय ट्रैफिक अपडेट को यात्रा से पहले दोबारा देखना अधिक सुरक्षित रहेगा।
क्या नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद भी प्रभावित हैं?
दिल्ली-NCR का मौसम एक साझा प्रणाली से प्रभावित होता है, लेकिन बारिश और जलभराव की स्थिति हर शहर में अलग हो सकती है। 5 सितंबर के पूर्वानुमान में दिल्ली के साथ नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद क्षेत्र में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई थी।
इसलिए पूरे NCR को एक समान “भारी बारिश” क्षेत्र मानना सही नहीं होगा। किसी खास इलाके में स्थानीय बारिश, ड्रेनेज क्षमता और सड़क की स्थिति के आधार पर परेशानी ज्यादा या कम हो सकती है।
बार-बार जलभराव से क्या सवाल उठते हैं?
लगातार बारिश के दौरान बार-बार जलभराव सामने आना दिल्ली-NCR की शहरी जलनिकासी व्यवस्था के लिए चुनौती है। शुक्रवार को एयरपोर्ट, प्रमुख सड़कों और अंडरपास पर पानी जमा होने के बाद शनिवार की बारिश ने इस समस्या को फिर सामने ला दिया।
इसका समाधान केवल बारिश रुकने के बाद पानी निकालने तक सीमित नहीं हो सकता। ड्रेनेज क्षमता, पंपिंग व्यवस्था, नालों की सफाई, अंडरपास डिजाइन और जल निकासी के प्राकृतिक रास्तों को सुरक्षित रखना दीर्घकालिक शहरी योजना का हिस्सा होना चाहिए।
विशेषज्ञों के लिए चुनौती यह भी है कि कम समय में होने वाली अत्यधिक बारिश के पैटर्न को देखते हुए पुराने ड्रेनेज मानकों की पर्याप्तता का फिर से आकलन किया जाए। दिल्ली-NCR में तेजी से बढ़ता निर्माण और पक्की सतह भी बारिश के पानी के प्राकृतिक अवशोषण को प्रभावित करती है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
IMD के 5 सितंबर के अपडेट के अनुसार दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र में 6 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी है। 7 सितंबर के बाद इस विशेष उपखंड के लिए तत्काल भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना मौसम प्रणाली के अनुसार बदल सकती है।
इसलिए अगले 24 से 48 घंटे दिल्ली-NCR के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। खासकर निचले इलाकों, अंडरपास और पहले से जलभराव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।