दिल्ली-NCR में 4 सितंबर को तेज बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ। IGI एयरपोर्ट के T2 और T3 के अप्रोच रोड व फोरकोर्ट में जलभराव हुआ। खराब मौसम के कारण 3:30 से 4:30 बजे के बीच नौ उड़ानें डायवर्ट की गईं। IMD ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया था।
Location: नई दिल्ली, दिल्ली-NCR
Date: 4 सितंबर 2026
Byline: Apurva Choudhary
दिल्ली-NCR में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
दिल्ली-NCR में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव हुआ और सड़क यातायात प्रभावित रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने दिल्ली के लिए भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी।
दोपहर बाद बारिश का असर एयर ट्रैवल पर भी दिखाई दिया। राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पानी जमा होने से यात्रियों को परेशानी हुई और खराब मौसम के चलते कई उड़ानों के संचालन में व्यवधान आया।
IGI एयरपोर्ट के T2 और T3 के आसपास जलभराव
भारी बारिश के बाद IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के अप्रोच रोड तथा फोरकोर्ट में पानी जमा हो गया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दोनों टर्मिनलों के भीतर भी अतिरिक्त पानी पहुंचा, हालांकि उसे बाद में साफ कर दिया गया।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL ने बताया कि दोपहर में हुई भारी बारिश के कारण अप्रोच रोड और फोरकोर्ट क्षेत्रों में पानी जमा हुआ था। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक जमा पानी को कुछ समय के भीतर हटा दिया गया।
यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि IGI देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में कुछ समय के लिए भी मौसम संबंधी व्यवधान का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ सकता है।
9 उड़ानें जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद डायवर्ट
खराब मौसम के कारण शुक्रवार दोपहर कम से कम नौ उड़ानों को दिल्ली से दूसरे एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट किया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 3:30 बजे से 4:30 बजे के बीच चार उड़ानें जयपुर, चार लखनऊ और एक उड़ान अहमदाबाद भेजी गई।
डायवर्जन का मुख्य कारण प्रतिकूल मौसम परिस्थितियां बताई गईं। एयरपोर्ट पर बारिश और विजिबिलिटी से जुड़ी परिस्थितियों के बीच फ्लाइट ऑपरेशन को सुरक्षित बनाए रखना प्राथमिकता रही।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के आधार पर शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर 400 से अधिक उड़ानों में देरी की भी रिपोर्ट सामने आई। हालांकि देरी और डायवर्जन के आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं, क्योंकि मौसम सुधरने के बाद ऑपरेशन दोबारा सामान्य गति से चलने लगते हैं।
IMD का रेड अलर्ट क्यों महत्वपूर्ण है
IMD ने दिल्ली के लिए शुक्रवार को भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी थी। विभाग के शॉर्ट-रेंज फोरकास्ट में दोपहर के दौरान कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई थी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान था।
IMD की 4 सितंबर की चेतावनी में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई। इसका मतलब यह है कि मौसम संबंधी जोखिम शुक्रवार तक सीमित नहीं माना जा सकता था।
नोएडा और गाजियाबाद के लिए भी मौसम की स्थिति गंभीर रही। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट की जानकारी सामने आई, जिससे पूरे NCR में बारिश से जुड़ी मुश्किलों का दायरा बढ़ गया।
सड़क यातायात पर भी पड़ा असर
एयरपोर्ट के अलावा दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव से सड़क यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई। कम समय में तेज बारिश होने पर ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
दिल्ली-NCR में शुक्रवार को ऐसे कई क्षेत्र सामने आए जहां सड़क पर पानी जमा होने से ट्रैफिक धीमा हुआ। एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए समस्या इसलिए ज्यादा गंभीर हो सकती है क्योंकि फ्लाइट का समय निर्धारित होता है और सड़क पर अतिरिक्त देरी सीधे बोर्डिंग और चेक-इन को प्रभावित कर सकती है।
एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों के लिए क्या अहम है
बारिश और फ्लाइट डायवर्जन के बीच यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही रही कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का लाइव स्टेटस जांचें। एयरलाइंस ने भी मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों से अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचने की अपील की।
सिर्फ उड़ान के स्टेटस को देखना पर्याप्त नहीं है। दिल्ली में जलभराव के कारण सड़क यात्रा का समय भी सामान्य से अधिक हो सकता है। इसलिए यात्रियों को एयरलाइन अपडेट, एयरपोर्ट सूचना और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
क्या एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह बंद हुआ?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार IGI एयरपोर्ट का पूरा संचालन बंद नहीं हुआ था। खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानों को डायवर्ट किया गया और कई उड़ानों में देरी हुई, जबकि जलभराव वाले हिस्सों से पानी हटाने की कार्रवाई भी की गई।
DIAL के मुताबिक T2 और T3 के अप्रोच रोड तथा फोरकोर्ट में जमा पानी को कुछ समय के भीतर साफ कर दिया गया। इसलिए इसे पूरे एयरपोर्ट के पूर्ण बंद होने की स्थिति के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
भारी बारिश के पीछे मौसम की स्थिति क्या है
दिल्ली में सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं और स्थानीय स्तर पर बनने वाले मौसम तंत्र के कारण कम समय में तेज बारिश हो सकती है। 4 सितंबर को IMD ने भी बारिश के साथ आंधी और बिजली की संभावना जताई थी।
इस तरह की परिस्थितियों में सबसे बड़ा जोखिम सिर्फ बारिश की मात्रा नहीं बल्कि उसकी तीव्रता और कम समय में होने वाली बारिश है। इससे शहरी ड्रेनेज, सड़क यातायात, एयरपोर्ट संचालन और बिजली व्यवस्था पर एक साथ दबाव बढ़ सकता है।
क्या आगे भी बारिश का असर रहेगा?
IMD की 4 सितंबर की चेतावनी के मुताबिक दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई थी। इसके बाद मौसम की गतिविधि में बदलाव की उम्मीद जताई गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश का पूर्वानुमान अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकता है।
इसलिए किसी एक समय पर बारिश रुकने को पूरे NCR में मौसम सामान्य होने का संकेत नहीं माना जा सकता। एयर ट्रैवल और सड़क यातायात के लिए स्थानीय परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
असली चुनौती सिर्फ बारिश नहीं, शहरी तैयारी भी
दिल्ली में तेज बारिश के दौरान जलभराव कोई नया घटनाक्रम नहीं है। लेकिन हर बार भारी बारिश के बाद सामने आने वाला जलभराव यह सवाल जरूर उठाता है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम अचानक होने वाली अत्यधिक बारिश को कितनी तेजी से संभाल सकता है।
एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों के मामले में यह चुनौती और बड़ी हो जाती है। यहां सड़क, फोरकोर्ट, टर्मिनल एक्सेस और रनवे ऑपरेशन एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसलिए जलभराव को केवल स्थानीय समस्या मानने के बजाय इसे पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की resilience के संदर्भ में देखना जरूरी है।
बारिश और एयर ट्रैवल के बीच यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता
फ्लाइट डायवर्जन यात्रियों के लिए परेशानी जरूर पैदा करता है, लेकिन खराब मौसम में विमान को दूसरे एयरपोर्ट पर भेजने का फैसला सुरक्षा आधारित ऑपरेशनल निर्णय होता है। मौसम की स्थिति सुधरने के बाद उड़ानों को दोबारा सामान्य शेड्यूल में लाने की कोशिश की जाती है।
4 सितंबर की घटना में नौ उड़ानों का डायवर्जन और 400 से अधिक उड़ानों में देरी बताती है कि मौसम का असर सिर्फ कुछ उड़ानों तक सीमित नहीं रहा। हालांकि एयरपोर्ट का पूरा संचालन बंद नहीं हुआ और जलभराव वाले हिस्सों में पानी हटाने की कार्रवाई की गई।
IMD की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों और आम नागरिकों के लिए मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि बारिश से पैदा होने वाली परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए फ्लाइट और ट्रैफिक संबंधी जानकारी को रियल-टाइम अपडेट के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।