गाजियाबाद के लोनी में मारपीट और विधायक को धमकी के मामले में वांछित हाजी सलमान को क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ बाइपास से गिरफ्तार किया।
📍 लोनी, गाजियाबाद
🗓️ 09 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
गाजियाबाद के लोनी में हिंदू रक्षा दल से जुड़े दो कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में वांछित हाजी सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम ने उसे राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से पकड़ा।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सलमान पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब पुलिस टीम उसकी तलाश में राजस्थान पहुंची थी।
पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद सलमान फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। बाद में उसकी लोकेशन राजस्थान में मिलने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
मारपीट के मुकदमे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें हाजी सलमान पर लोनी के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने और धमकी देने का आरोप है।
इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद सलमान पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया। पुलिस ने उसे वांछित आरोपी के तौर पर तलाशना शुरू किया।
गाजियाबाद पुलिस की जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम ने राजस्थान में कार्रवाई की। पुलिस ने सलमान को चित्तौड़गढ़ बाइपास से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान जिस वाहन में आरोपी मौजूद था, वह पेड़ से टकराया। इस घटनाक्रम से जुड़ी सभी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस के अनुसार, हाजी सलमान लोनी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ लोनी, लोनी बॉर्डर, ट्रोनिका सिटी और दिल्ली के भजनपुरा थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, उसके खिलाफ मारपीट, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वर्ष 2024 में उसके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उसे 6 महीने के लिए जिला बदर किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
यह विवरण पुलिस और मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आरोपों पर आधारित है। किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होते। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
हाजी सलमान की गिरफ्तारी से पहले लोनी क्षेत्र में यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में रहा। हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगों की ओर से विरोध कार्यक्रम किए गए थे। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई थी।
मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई। गिरफ्तारी के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद बार एसोसिएशन से सलमान के मुकदमे की पैरवी न करने की अपील की। यह विधायक का राजनीतिक और व्यक्तिगत आग्रह है, जबकि किसी आरोपी को कानूनी प्रतिनिधित्व मिलना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हाजी सलमान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। जांच एजेंसियां मारपीट, धमकी और सोशल मीडिया से जुड़े आरोपों के संबंध में साक्ष्य जुटाएंगी।
मामले में फरार बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी रहने की जानकारी सामने आई है। अब जांच का अहम पहलू यह होगा कि पुलिस अदालत के सामने आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य पेश करती है।
लोनी का यह मामला स्थानीय विवाद से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है। ऐसे में निष्पक्ष जांच, दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल और न्यायिक प्रक्रिया का पालन कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।