भारत ने पांच साल बाद चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा जारी करना फिर शुरू कर दिया है। कोविड-19 और सीमा विवाद के बाद यह पहला बड़ा कदम है। विशेषज्ञ इसे भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रहे हैं।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 24 July 2026
✍️ Apurva Choudhary
पांच साल बाद खुला पर्यटक वीज़ा का रास्ता
भारत सरकार ने लगभग पांच वर्षों के अंतराल के बाद चीनी नागरिकों के लिए नियमित पर्यटक वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। कोविड-19 महामारी और उसके बाद सीमा पर बढ़े तनाव के कारण यह सुविधा लंबे समय से निलंबित थी।
भारतीय दूतावास ने चीन में आधिकारिक सूचना जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी। इस फैसले को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वीज़ा आवेदन की नई प्रक्रिया क्या होगी
नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को पहले ऑनलाइन आवेदन भरना होगा। इसके बाद निर्धारित वीज़ा आवेदन केंद्रों पर अपॉइंटमेंट लेकर दस्तावेज़ और बायोमेट्रिक विवरण जमा कराने होंगे।
फिलहाल आवेदन केवल बीजिंग, शंघाई और ग्वांगझोउ स्थित भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्रों के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
बीजिंग की प्रतिक्रिया क्या रही
चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत के इस फैसले का स्वागत किया है। चीनी अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन और आपसी संपर्क को बढ़ाने के लिए संवाद जारी रखा जाएगा।
हालांकि चीन के कुछ सरकारी मीडिया संस्थानों ने वीज़ा प्रक्रिया में लागू पात्रता मानकों और दस्तावेज़ संबंधी आवश्यकताओं को अपेक्षाकृत सख्त बताया है।
भारत-चीन संबंधों में क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
2020 में कोविड-19 महामारी और उसके बाद गलवान घाटी में सैन्य तनाव के चलते दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर ठहराव आ गया था। पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और यात्रा से जुड़े कई क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ा।
अब हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत बढ़ी है। प्रत्यक्ष उड़ानों और कुछ धार्मिक यात्राओं को लेकर भी सकारात्मक संकेत सामने आए हैं।
पर्यटन और कारोबार पर संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटक वीज़ा दोबारा शुरू होने से पर्यटन उद्योग, होटल सेक्टर और एयरलाइन कंपनियों को लाभ मिल सकता है। साथ ही व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क भी धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं।
हालांकि सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दे अभी भी दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
क्या पूरी तरह सामान्य हो गए हैं संबंध?
राजनयिक विशेषज्ञों का कहना है कि वीज़ा सेवा बहाल होना सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसे संबंधों के पूर्ण सामान्यीकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सीमा विवाद और रणनीतिक मतभेद अभी भी दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे हैं।
आने वाले महीनों में दोनों सरकारों के फैसले यह तय करेंगे कि यह प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है।
चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा फिर से शुरू करना भारत की कूटनीतिक नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि दोनों देशों के बीच संवाद और विश्वास बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका असर केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर भी दिखाई दे सकता है।