मंगलवार, 22 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Business & Economy

India-New Zealand FTA: 20 अक्टूबर से लागू होगा मुक्त व्यापार समझौता

Asif Khan 2026-09-22 08:12:49
India-New Zealand FTA: 20 अक्टूबर से लागू होगा मुक्त व्यापार समझौता

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। भारतीय निर्यात को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड के 95% मौजूदा निर्यात पर शुल्क घटेगा या समाप्त होगा।



📍New Delhi 🗓️ 22 September 2026 ✍️ Asif Khan 


भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। दोनों देशों ने समझौते की घरेलू अनुमोदन और पुष्टि की प्रक्रिया पूरी कर ली है। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार, औपचारिक दस्तावेजों के आदान-प्रदान के बाद समझौते के लागू होने की तारीख तय हो गई है।

भारतीय निर्यात को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री पहुंच

समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारत से आने वाले 100% निर्यात को ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच देगा। इससे भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में मौजूदा शुल्क बाधाओं के बिना प्रवेश का अवसर मिलेगा। हालांकि, ड्यूटी-फ्री पहुंच का मतलब यह नहीं है कि सभी नियामकीय आवश्यकताएं समाप्त हो जाएंगी। निर्यातकों को न्यूजीलैंड के लागू उत्पाद, गुणवत्ता और अन्य नियामकीय मानकों का पालन करना होगा।

भारतीय निर्यातकों के लिए कपड़ा और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों में बाजार पहुंच बढ़ने की संभावना बताई गई है।

न्यूजीलैंड के करीब 95% निर्यात पर शुल्क में कमी या समाप्ति

दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले मौजूदा निर्यात में लगभग 95% हिस्से पर शुल्क या तो समाप्त होगा या कम किया जाएगा। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार, समझौता लागू होने के दिन 57% मौजूदा न्यूजीलैंड निर्यात ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे। पूर्ण कार्यान्वयन के बाद यह हिस्सा 82% तक पहुंचने की बात कही गई है, जबकि अतिरिक्त 13% निर्यात पर शुल्क में महत्वपूर्ण कटौती होगी।

न्यूजीलैंड के प्रमुख लाभार्थी क्षेत्रों में वानिकी और लकड़ी उत्पाद, भेड़ का मांस, ऊन और कोयला शामिल हैं। सेब और कीवी के लिए भी विशेष कोटा आधारित बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है।

व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। न्यूजीलैंड ट्रेड एंड एंटरप्राइज के अनुसार, दिसंबर 2025 तक के वर्ष में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग NZ$3.95 अरब था।

रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देशों के नेताओं ने व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने का लक्ष्य रखा है। समझौते को वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच बाजारों में विविधता लाने के प्रयास से भी जोड़ा गया है।

निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग

FTA केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं है। समझौते में सेवाओं, निवेश और पेशेवरों तथा छात्रों की आवाजाही से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

यह निवेश प्रतिबद्धता व्यापार समझौते के व्यापक आर्थिक सहयोग वाले हिस्से का हिस्सा है। वास्तविक निवेश का आकार और समय अलग-अलग परियोजनाओं तथा निवेश निर्णयों पर निर्भर करेगा।

समझौते की पृष्ठभूमि

भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में FTA पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद दोनों देशों में समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक घरेलू प्रक्रियाएं पूरी की गईं। न्यूजीलैंड की संसद ने सितंबर 2026 में समझौते को लागू करने संबंधी कानून को मंजूरी दी थी।

21 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड सरकार ने पुष्टि की कि दोनों देशों की पुष्टि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और समझौता 20 अक्टूबर 2026 को प्रभावी होगा।

भारतीय कारोबारियों के लिए इसका क्या मतलब?

FTA के लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क संबंधी बाधाओं में कमी का लाभ मिलेगा। इससे खास तौर पर ऐसे क्षेत्रों को अवसर मिल सकता है जिनके उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर पहुंच सकते हैं।

हालांकि, केवल टैरिफ हटना निर्यात बढ़ने की गारंटी नहीं है। उत्पाद की गुणवत्ता, प्रमाणन, स्थानीय नियम, लॉजिस्टिक्स, बाजार की मांग और प्रतिस्पर्धा जैसे कारक भी कारोबार के परिणाम को प्रभावित करेंगे।

महत्वपूर्ण तारीखें और आंकड़े

20 अक्टूबर 2026: FTA लागू होने की तारीख।

अप्रैल 2026: भारत और न्यूजीलैंड ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

100%: न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात के लिए ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच।

95%: समय के साथ शुल्क में कमी या समाप्ति से लाभ पाने वाला न्यूजीलैंड का मौजूदा निर्यात।

57%: समझौता लागू होने के दिन न्यूजीलैंड के मौजूदा निर्यात का हिस्सा जिसे ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी।

82%: पूर्ण कार्यान्वयन के बाद न्यूजीलैंड के मौजूदा निर्यात का अनुमानित हिस्सा जो ड्यूटी-फ्री होगा।

2030: दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य।

20 अरब डॉलर: अगले 15 वर्षों में भारत में निवेश की न्यूजीलैंड की प्रतिबद्धता।

अब आगे क्या होगा?

20 अक्टूबर से समझौते के शुरुआती प्रावधान लागू होंगे। इसके बाद अलग-अलग उत्पादों के लिए तय टैरिफ कटौती और बाजार पहुंच के प्रावधान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगे। निर्यातकों को अपने उत्पादों पर लागू टैरिफ, मूल-स्थान के नियम और अन्य नियामकीय आवश्यकताओं की जानकारी लेकर तैयारी करनी होगी।

सम्पादकीय दृष्टिकोण 

भारत-न्यूजीलैंड FTA दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने के लिए एक औपचारिक ढांचा उपलब्ध कराता है। भारत के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में 100% निर्यात की ड्यूटी-फ्री पहुंच महत्वपूर्ण प्रावधान है, जबकि न्यूजीलैंड के लिए भारत में उसके मौजूदा निर्यात के बड़े हिस्से पर शुल्क में कमी या समाप्ति प्रमुख लाभ है। समझौते का वास्तविक आर्थिक प्रभाव इसके लागू होने के बाद व्यापार, निवेश और निर्यात प्रदर्शन में दिखाई देगा।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Asif Khan

Asif Khan

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भारत सख्त, बेहतर टैरिफ पर ही BTA

2026-09-03 22:36:57

भारत-जाम्बिया में Critical Minerals पर फिर बातचीत, तांबा-कोबाल्ट सप्लाई सुरक्षित करने की कोशिश तेज

2026-09-01 21:45:42

Sensex 120 अंक टूटा, Nifty 23,400 के नीचे; Crude और West Asia का दबाव

2026-09-11 20:41:49

भारत का Forex Reserve रिकॉर्ड ऊंचाई पर, ₹95.55 के कमजोर रुपये के बीच RBI का बड़ा कदम

2026-09-11 19:10:08

ICICI Prudential AMC को RBI की मंजूरी, 4 बैंकों में 9.95% तक हिस्सेदारी

2026-09-09 21:14:12

दिवाला कानून में एमएसएमई के बकाये की सुरक्षा की मांग, आईआईए ने वित्त मंत्री को भेजा 6 सूत्रीय प्रस्ताव

2026-09-09 16:48:54

Rupee at ₹94.68: महंगे Crude और Middle East तनाव के बीच रुपये पर दबाव, RBI ने संभाला मोर्चा

2026-09-08 18:42:25

रिलायंस इंडस्ट्रीज की रुपया बॉन्ड बाजार में वापसी, 12,500 करोड़ जुटाने की तैयारी

2026-09-08 16:23:57

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर