एशियन गेम्स में आर. माधवन के बेटे वेदांत का डेब्यू, रिले फाइनल से चूकी भारतीय टीम
Harish Qureshi
•
2026-09-21 16:27:45
आर. माधवन के बेटे वेदांत माधवन ने 2026 एशियन गेम्स में तैराकी से डेब्यू किया। भारत की 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम 7:24.32 के समय के साथ 9वें स्थान पर रही और फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
आइची-नागोया, जापान | 21 सितंबर 2026
By Mohd Haris
एशियन गेम्स में वेदांत माधवन का डेब्यू
अभिनेता आर. माधवन के बेटे और भारतीय तैराक वेदांत माधवन ने 2026 एशियन गेम्स में अपना डेब्यू किया। उन्होंने पुरुषों की 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
वेदांत के साथ साजन प्रकाश, दक्षन शशिकुमार और अनीश सुनील कुमार गौड़ा भारतीय टीम का हिस्सा थे। टीम ने हीट्स में 7:24.32 का समय दर्ज किया।
फाइनल से चूक गया भारत
भारतीय चौकड़ी 13 टीमों के बीच 9वें स्थान पर रही। इस स्पर्धा में शीर्ष 8 टीमों को फाइनल में जगह मिलनी थी, इसलिए भारत पदक मुकाबले से बाहर हो गया।
भारत और 8वें स्थान पर रहने वाली टीम के बीच अंतर केवल 0.2 सेकंड रहा। इस वजह से भारतीय तैराकों के लिए फाइनल की राह बेहद करीबी अंतर से बंद हुई।
वेदांत के लिए अहम अंतरराष्ट्रीय मंच
वेदांत माधवन लंबे समय से प्रतिस्पर्धी तैराकी में सक्रिय हैं। उन्होंने 2022 में जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पुरुषों की 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में राष्ट्रीय जूनियर रिकॉर्ड बनाया था।
2023 मलेशिया ओपन में उन्होंने 5 स्वर्ण पदक भी जीते थे। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और भारतीय सीनियर तैराकी सर्किट में हिस्सा लेते रहे हैं।
पिता की पहचान से अलग अपनी जगह बनाने की कोशिश
वेदांत के खेल करियर पर उनके पिता आर. माधवन की लोकप्रियता का असर स्वाभाविक रूप से रहा है। हालांकि वेदांत पहले भी कह चुके हैं कि वह अपनी पहचान तैराकी के प्रदर्शन से बनाना चाहते हैं।
एशियन गेम्स में उनका डेब्यू इसी सफर का एक और अहम पड़ाव है। बड़े महाद्वीपीय मंच पर सीनियर स्तर की प्रतिस्पर्धा उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव दे रही है।
रिले में भारतीय टीम का प्रदर्शन
4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारत ने 7:24.32 का समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के बावजूद टीम शीर्ष 8 में जगह नहीं बना सकी।
भारतीय तैराकी दल के लिए दिन पूरी तरह अनुकूल नहीं रहा। श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल में 10वां स्थान हासिल किया, जबकि कई अन्य भारतीय तैराक अपनी हीट्स से आगे नहीं बढ़ सके।
वेदांत का अभियान अभी खत्म नहीं
रिले में फाइनल से बाहर होने के बावजूद वेदांत के पास एशियन गेम्स में आगे प्रतिस्पर्धा करने का मौका है। वह 23 सितंबर को पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में उतरेंगे।
इस स्पर्धा में उनका प्रदर्शन व्यक्तिगत स्तर पर ज्यादा अहम होगा, क्योंकि इसमें उन्हें अपनी तैराकी क्षमता दिखाने का अलग अवसर मिलेगा।
भारतीय तैराकी के लिए चुनौती
एशियन गेम्स में भारतीय तैराकी को एशिया की मजबूत टीमों से कड़ी चुनौती मिल रही है। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के तैराक लंबे समय से महाद्वीपीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करते रहे हैं।
वेदांत के लिए ऐसे माहौल में डेब्यू सीनियर स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में एक अहम अनुभव है। रिले में फाइनल नहीं पहुंच पाने के बावजूद उनकी प्रतियोगिता अभी जारी है।
आगे वेदांत पर नजर
अब ध्यान 23 सितंबर की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा पर रहेगा। वेदांत के लिए यह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत प्रदर्शन दर्ज कराने का मौका होगा।
21 सितंबर के रिले मुकाबले में भारत 13 टीमों में 9वें स्थान पर रहा। फाइनल में जगह नहीं बन सकी, लेकिन केवल 0.2 सेकंड के अंतर ने मुकाबले की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाया। वेदांत के लिए एशियन गेम्स का सफर अभी बाकी है।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।