जापान यात्रा के दौरान भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट विपनदीप कौर ने ₹40,000 का कस्टमाइज़्ड तकिया खरीदा। गर्दन दर्द और नींद की परेशानी के बीच उनके इस फ़ैसले पर सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है।
जापान | 6 नवंबर 2026
By Mohd Haris
लंबे समय तक लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करने से गर्दन में दर्द और नींद से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहीं भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट विपनदीप कौर ने जापान में एक ऐसा तकिया खरीदा है, जिसकी क़ीमत लगभग ₹40,000 है। यह कोई सामान्य तकिया नहीं, बल्कि ग्राहक की शारीरिक बनावट, गर्दन की स्थिति और सोने की आदतों के मुताबिक़ तैयार किया जाने वाला विशेष तकिया है। विपनदीप ने अपनी जापान यात्रा के दौरान इस तकिए को खरीदा और 4 नवंबर को इंस्टाग्राम पर इससे जुड़ा वीडियो साझा किया। इसके बाद उनका अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
जापान की 400 साल पुरानी दुकान से ख़रीदारी
रिपोर्ट के मुताबिक़, विपनदीप कौर भारत से एकतरफ़ा टिकट लेकर जापान पहुंची थीं। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने टोक्यो के निहोनबाशी इलाक़े में जापानी बिस्तर उत्पाद निर्माता निशिकावा की एक ऐतिहासिक दुकान का दौरा किया। बताया गया है कि यह दुकान लगभग 400 साल पुरानी है। यहां ग्राहकों की व्यक्तिगत ज़रूरतों के मुताबिक़ तकिए तैयार किए जाते हैं। विपनदीप ने सामान्य तकिया खरीदने के बजाय अपनी गर्दन और सोने की स्थिति के मुताबिक़ तैयार होने वाला तकिया चुना। इसकी क़ीमत लगभग ₹40,000 बताई गई है।
कैसे तैयार होता है ₹40,000 का तकिया?
विपनदीप के साझा किए गए अनुभव के मुताबिक़, तकिया तैयार करने से पहले विशेषज्ञ ग्राहक की गर्दन की स्थिति और शारीरिक बनावट का आकलन करते हैं।
इसके बाद ग्राहक को अलग-अलग ऊंचाई वाले तकियों पर लेटाकर देखा जाता है कि कौन-सा विकल्प उसकी सोने की आदतों के अनुरूप है।
इस प्रक्रिया में तकिए की ऊंचाई, इस्तेमाल होने वाले कपड़े और अंदर भरी जाने वाली सामग्री का चुनाव किया जाता है।
विपनदीप ने बताया कि उनके तकिए में काले बिनचोतान चारकोल पाइप बीड्स का इस्तेमाल किया गया है। इस सामग्री को आराम और शरीर की स्थिति को बेहतर सहारा देने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाता है।
लैपटॉप और मोबाइल के इस्तेमाल से गर्दन में परेशानी
विपनदीप कौर ने अपने अनुभव में बताया कि वह पहले अपनी नींद पर अधिक ध्यान नहीं देती थीं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उन्हें महसूस हुआ कि उनकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक़, दिनभर लैपटॉप पर काम करने और मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने से उनकी गर्दन पर असर पड़ा है।
इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने बेहतर नींद के लिए विशेष तकिए पर पैसा खर्च करने का फ़ैसला किया।
विपनदीप का मानना है कि ₹40,000 का यह खर्च उनके लिए एक अच्छा निवेश है। उन्हें उम्मीद है कि इससे गर्दन की तकलीफ़ कम होगी और नींद में सुधार आएगा।
यह उनकी व्यक्तिगत उम्मीद है। तकिए के इस्तेमाल से उन्हें कितना फ़ायदा हुआ, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
विपनदीप का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग राय ज़ाहिर की।
रिपोर्ट के मुताबिक़, वीडियो साझा किए जाने के शुरुआती 4 घंटों में इसे 3 लाख से अधिक बार देखा गया।
कुछ लोगों ने बेहतर नींद के लिए महंगे तकिए पर खर्च करने के उनके फ़ैसले का समर्थन किया। वहीं दूसरे लोगों ने सवाल उठाया कि क्या एक तकिए पर इतनी बड़ी रक़म खर्च करना ज़रूरी है। एक यूज़र ने इतनी महंगी ख़रीदारी करने की आर्थिक क्षमता पर टिप्पणी की। दूसरे ने इसे उपयोगी निवेश बताया। एक अन्य यूज़र ने सुझाव दिया कि मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल की आदतों में बदलाव करके भी नींद से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इन प्रतिक्रियाओं से साफ़ है कि इस ख़रीदारी को लेकर लोगों की राय एक जैसी नहीं है।
क्या महंगा तकिया गर्दन दर्द का समाधान है?
गर्दन को उचित सहारा देने वाला तकिया सोते समय आरामदायक स्थिति बनाए रखने में मददगार हो सकता है। हालांकि, किसी तकिए की अधिक क़ीमत अपने आप में उसकी चिकित्सकीय प्रभावशीलता का प्रमाण नहीं होती। गर्दन दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें काम करने की मुद्रा, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना और मांसपेशियों पर दबाव शामिल हैं। लगातार दर्द रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना ज़रूरी है। तकिए को किसी बीमारी के प्रमाणित इलाज के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
बेहतर नींद पर खर्च की नई बहस
विपनदीप कौर की यह ख़रीदारी व्यक्तिगत आराम और महंगे वेलनेस उत्पादों की उपयोगिता से जुड़ा सवाल सामने लाती है।
एक तरफ़ ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें ग्राहक की शारीरिक ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जाता है। दूसरी तरफ़ उनकी ऊंची क़ीमत और वास्तविक फ़ायदे को लेकर सवाल हैं।
फ़िलहाल विपनदीप को उम्मीद है कि उनका नया तकिया गर्दन दर्द और नींद की परेशानी कम करने में मदद करेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।