नई दिल्ली। सुबह की शुरुआत हो या शाम का समय, भारत में चाय पीने की आदत काफी आम है। लेकिन कुछ लोग कैफीन का सेवन कम करने के लिए हर्बल टी को विकल्प के तौर पर अपनाते हैं। इनमें पुदीना हर्बल टी भी शामिल है, जिसे खासतौर पर खाने के बाद पेट को हल्का महसूस कराने और ताजगी के लिए पिया जाता है।
हालांकि, पुदीना हर्बल टी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के स्वास्थ्य दावे किए जाते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इसके संभावित फायदे क्या हैं और किन परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए।
पुदीना हर्बल टी क्या है?
पुदीना हर्बल टी आमतौर पर ताजे या सूखे पुदीने की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर तैयार की जाती है। इसमें सामान्य चाय की पत्तियों की तरह कैफीन नहीं होता, इसलिए जो लोग कैफीन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक विकल्प हो सकती है।
पुदीने में मेंथॉल नामक यौगिक पाया जाता है, जो पुदीने को उसकी विशिष्ट ठंडक और खुशबू देता है।
क्या यह पाचन के लिए फायदेमंद हो सकती है?
पेपरमिंट यानी पुदीने से जुड़े शोध में इसके पाचन तंत्र पर संभावित प्रभावों का अध्ययन किया गया है। खासतौर पर पेपरमिंट ऑयल पर हुए अध्ययनों में इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से जुड़े कुछ लक्षणों में राहत की संभावना देखी गई है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—पेपरमिंट ऑयल और पुदीने की हर्बल टी एक ही चीज नहीं हैं। इसलिए तेल पर हुए शोध के आधार पर पुदीने की चाय को किसी बीमारी का इलाज कहना सही नहीं होगा।
पेट फूलने और भारीपन में मिल सकता है आराम
कुछ लोगों को पुदीने की चाय भोजन के बाद ताजगी और आराम महसूस करा सकती है। गर्म पेय होने के कारण यह भोजन के बाद एक आरामदायक विकल्प भी हो सकता है।
लेकिन अगर लगातार पेट फूलना, तेज दर्द, उल्टी, खून आना या वजन कम होना जैसे लक्षण मौजूद हों तो केवल हर्बल टी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
चाय की जगह क्यों ले सकते हैं?
अगर आपकी रोजाना चाय में चीनी ज्यादा होती है या आप कैफीन कम करना चाहते हैं, तो बिना चीनी वाली पुदीना हर्बल टी एक विकल्प हो सकती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य चाय सभी लोगों के लिए नुकसानदायक है। चाय का सेवन व्यक्ति की कुल डाइट, मात्रा और उसमें इस्तेमाल होने वाली चीनी पर निर्भर करता है।
पुदीना हर्बल टी बनाने का आसान तरीका
इसे घर पर बहुत आसानी से बनाया जा सकता है।
सामग्री:
विधि:
चीनी डालने से पेय में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ेगी, इसलिए इसे बिना चीनी लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
पुदीना या पेपरमिंट कुछ लोगों में सीने की जलन और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए जिन लोगों को पहले से बार-बार हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स की शिकायत रहती है, उन्हें इसे पीने के बाद लक्षण बढ़ें तो इसका सेवन बंद कर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
गर्भावस्था, किसी बीमारी या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में किसी भी हर्बल उत्पाद का नियमित और अधिक सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
कितनी मात्रा सही है?
पुदीना हर्बल टी के लिए कोई एक सार्वभौमिक दैनिक मात्रा तय नहीं है। इसे सामान्य पेय की तरह सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। इसका अधिक सेवन करने से अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे, ऐसा प्रमाणित नहीं है।
निष्कर्ष
पुदीना हर्बल टी कैफीन कम करने वाले लोगों के लिए एक अच्छा पेय विकल्प हो सकती है और कई लोगों को भोजन के बाद इससे ताजगी व आराम महसूस हो सकता है। पुदीने और पेपरमिंट पर पाचन संबंधी कुछ शोध जरूर उपलब्ध हैं, लेकिन पुदीना हर्बल टी को गैस, एसिडिटी या किसी पाचन रोग का इलाज मानना सही नहीं है।
अगर पेट की परेशानी बार-बार होती है या उसके साथ दर्द, उल्टी, खून या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण हैं, तो घरेलू पेय के बजाय चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।