शनिवार, 17 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
India

इंटरनेट बच्चों का भी मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने बताई पाबंदी की सीमा

Mohammad Naved • 2026-10-17 12:33:16
इंटरनेट बच्चों का भी मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने बताई पाबंदी की सीमा

सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट तक पहुंच को बच्चों का भी मौलिक अधिकार बताया। अनुच्छेद 21 और 19(1)(a) का हवाला देते हुए पूर्ण प्रतिबंध का समर्थन नहीं किया, लेकिन सुरक्षा उपायों की गुंजाइश रखी


📍 नई दिल्ली

🗓️ 17 अक्टूबर 2026

✍️ Mohd Naved


सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट तक पहुंच और उसके इस्तेमाल को संविधान के अनुच्छेद 21 के साथ पढ़े गए अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मौलिक अधिकार माना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चों को भी यह अधिकार हासिल है। उनकी सुरक्षा के नाम पर इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखने के बजाय ऑनलाइन माहौल सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना होगा।

यह आदेश जस्ट राइट्स फ़ॉर चिल्ड्रन अलायंस बनाम एस. हरीश मामले में 15 अक्टूबर 2026 को दिया गया। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक आदेश 17 अक्टूबर को अपलोड हुआ। इसलिए आदेश की तारीख और खबर सामने आने की तारीख अलग हैं।


किन 2 अनुच्छेदों का हवाला?

अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण से संबंधित है। अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। अदालत ने सूचना हासिल करने और विचार साझा करने में इंटरनेट की भूमिका के संदर्भ में इन संवैधानिक प्रावधानों को साथ पढ़ा है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह विषय बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार संबंधी ऑनलाइन सामग्री की पहचान, रिपोर्टिंग और उसे हटाने के उपायों पर विचार करते हुए उठाया। 


क्या बच्चों पर हर तरह की रोक खत्म हो गई?

आदेश को ऐसा सार्वभौमिक निर्देश समझना गलत होगा कि माता-पिता बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल के लिए कोई सीमा तय ही नहीं कर सकते।

पीठ ने पूर्ण प्रतिबंध से अलग, उम्र और जोखिम के मुताबिक सुरक्षा उपायों की गुंजाइश रखी। अभिभावकों की सहमति, मार्गदर्शन और निगरानी के साथ बच्चों के अकाउंट में चाइल्ड मोड जैसे विकल्पों का उल्लेख किया गया है।

अदालत ने बच्चों के अकाउंट शुरू से निजी रखने, अनजान वयस्कों के संपर्क सीमित करने और विज्ञापनों तथा सामग्री को नियंत्रित करने जैसे उपाय सुझाए। बच्चों के लिए स्वभावतः नुकसानदेह सामग्री या सेवाओं पर रोक की गुंजाइश भी स्पष्ट की। 


मामले के अहम तथ्य

• मामला बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और शोषण संबंधी सामग्री रोकने से जुड़ा है।
• आदेश की तारीख 15 अक्टूबर 2026 है।
• आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की तारीख 17 अक्टूबर 2026 है।
• संबंधित आवेदन संख्या 2553–2554/2026 है।
• ये आवेदन आपराधिक अपील संख्या 2161–2162/2024 में दाखिल हुए हैं। 


पृष्ठभूमि और संदर्भ

आदेश में 23 सितंबर 2024 के मूल फैसले और उसके अनुपालन का संदर्भ है। अदालत की चिंता ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर बच्चों के शोषण संबंधी सामग्री की उपलब्धता, उसे हटाने में कमियों और संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करने की जवाबदेही से जुड़ी है।

इसलिए मौजूदा घटनाक्रम इंटरनेट अधिकार पर टिप्पणी तक सीमित नहीं है। इसमें प्लेटफ़ॉर्म की ज़िम्मेदारी और बच्चों की हिफ़ाज़त के लिए प्रभावी व्यवस्था का प्रश्न भी शामिल है।


आगे क्या देखें?

केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा उपायों की रूपरेखा, अभिभावकीय सहमति की व्यवस्था और प्लेटफ़ॉर्म की जवाबदेही पर उठाए जाने वाले कदम अहम होंगे। किसी सुझाव को लागू नियम बताने से पहले संबंधित सरकारी अधिसूचना की पुष्टि ज़रूरी है।


संपादकीय विश्लेषण

इस फैसले का व्यावहारिक प्रश्न है कि बच्चे सीखने और सूचना पाने के अवसरों का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से कैसे करें। पूर्ण प्रतिबंध और उचित निगरानी के बीच का फ़र्क रिपोर्टिंग में साफ़ रहना चाहिए।

शाह टाइम्स का संपादकीय आकलन है कि नीति की प्रभावशीलता शिकायतों पर कार्रवाई, नुकसानदेह सामग्री हटाने की व्यवस्था और बच्चों की निजता के संरक्षण से परखी जाएगी। इंटरनेट पहुंच का अधिकार सुरक्षा संबंधी जवाबदेही भी मांगता है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

दिल्ली प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी: ‘सारा ट्रांसपोर्ट बंद नहीं कर सकते’, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए सुरक्षित जगह तय करने पर ज़ोर

2026-10-09 16:52:14

ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया एल्गोरिदम बंद करने की तैयारी?

2026-10-15 12:33:10

दिल्ली प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश

2026-10-15 15:43:28

सुप्रीम कोर्ट ने यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के AT1 बॉन्ड राइट-ऑफ को किया रद्द, निवेशकों को बड़ी राहत

2026-10-15 14:57:12

सुप्रीम कोर्ट में SIR पर सुनवाई, राहुल गांधी के मार्च पर भी सवाल

2026-10-15 14:32:16

SIR प्रक्रिया पर ओवैसी की चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

2026-10-14 15:10:43

राहुल गांधी के आवास पर इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक: SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी व सियासी लड़ाई तेज करने का संकल्प

2026-10-14 06:00:43

राहुल गांधी और विपक्षी दलों की याचिका में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने पाईं 14 खामियां: SIR के खिलाफ अर्जी पर फिलहाल सुनवाई टली

2026-10-13 11:55:21

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर