क्या वाकई फिटकरी हमारी स्किन के लिए फायदेमंद है? जानिए क्या कहते हैं तथ्य
फिटकरी यानी Alum का इस्तेमाल भारत में लंबे समय से घरेलू देखभाल और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े तरीकों में किया जाता रहा है। कई लोग इसे चेहरे पर लगाने, शेविंग के बाद इस्तेमाल करने या शरीर की दुर्गंध कम करने के लिए प्रयोग करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या फिटकरी वास्तव में त्वचा के लिए फायदेमंद है या इसका ज्यादा इस्तेमाल नुकसान भी पहुंचा सकता है?
वैज्ञानिक साहित्य में एल्युमिनियम यौगिकों को त्वचा संबंधी कुछ उपयोगों में astringent यानी कसैले एजेंट के रूप में वर्णित किया गया है। 2024 की एक डर्मेटोलॉजी समीक्षा में भी एल्युमिनियम के त्वचा विज्ञान में astringent और hemostatic एजेंट के रूप में उपयोग का उल्लेख किया गया है। साथ ही, इसमें एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी प्रतिक्रियाओं की संभावना पर भी चर्चा की गई है।
फिटकरी त्वचा पर क्या असर डाल सकती है?
फिटकरी त्वचा पर कसैला प्रभाव डाल सकती है। ऐसे पदार्थ त्वचा के ऊतकों को कुछ समय के लिए संकुचित महसूस करा सकते हैं। इसी वजह से फिटकरी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शेविंग के बाद या त्वचा की सतह पर किया जाता रहा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फिटकरी मुंहासे, दाग-धब्बे, झुर्रियां या पिगमेंटेशन का प्रमाणित इलाज है। ऐसे दावों के लिए मजबूत चिकित्सीय प्रमाण उपलब्ध होना जरूरी है।
क्या फिटकरी मुंहासे दूर करती है?
फिटकरी को मुंहासों के घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह अक्सर दी जाती है, लेकिन इसे मुंहासों का प्रमाणित उपचार मानना उचित नहीं है।मुंहासों की समस्या में त्वचा की संवेदनशीलता, अतिरिक्त तेल, बंद रोमछिद्र और सूजन जैसी कई चीजें भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए केवल फिटकरी पर निर्भर रहने के बजाय समस्या लगातार बनी रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
क्या इससे त्वचा का तेल कम हो सकता है?
कसैले प्रभाव के कारण त्वचा कुछ समय के लिए कम तैलीय या अधिक खिंची हुई महसूस हो सकती है। लेकिन यह प्रभाव स्थायी रूप से त्वचा का तेल नियंत्रित करने का प्रमाण नहीं है।बहुत अधिक इस्तेमाल करने से त्वचा में रूखापन या जलन हो सकती है। इसलिए चेहरे पर बार-बार फिटकरी रगड़ना उचित नहीं माना जाना चाहिए।
संवेदनशील त्वचा वालों को क्यों सावधान रहना चाहिए?
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी व्यक्ति को किसी कॉस्मेटिक या त्वचा पर लगाए जाने वाले पदार्थ से जलन या एलर्जी हो सकती है।एल्युमिनियम के त्वचा संबंधी उपयोग पर प्रकाशित समीक्षा में भी contact dermatitis और allergic reactions का उल्लेख किया गया है। इसलिए यदि फिटकरी लगाने के बाद जलन, लालिमा, खुजली, सूजन या ज्यादा रूखापन महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
क्या फिटकरी सुरक्षित है?
यह सवाल केवल “फिटकरी सुरक्षित है या नहीं” तक सीमित नहीं है। सुरक्षा इस बात पर भी निर्भर करती है कि कौन-सा उत्पाद है, उसमें कौन-सा रसायन है, उसकी मात्रा कितनी है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
Cosmetic Ingredient Review व्यक्तिगत कॉस्मेटिक ingredients की सुरक्षा का मूल्यांकन करता है और यह भी स्पष्ट करता है कि ingredient की सुरक्षा उसके उपयोग और formulation पर निर्भर करती है। इसलिए घर में रखी फिटकरी को किसी कॉस्मेटिक उपचार का विकल्प मानना उचित नहीं होगा।
चेहरे पर फिटकरी इस्तेमाल करनी हो तो क्या ध्यान रखें?
क्या फिटकरी त्वचा को गोरा करती है?
फिटकरी को त्वचा का रंग गोरा करने वाला प्रमाणित उपचार नहीं माना जा सकता। चेहरे पर किसी पदार्थ के इस्तेमाल से त्वचा का रंग स्थायी रूप से बदलने का दावा वैज्ञानिक प्रमाण के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
फिटकरी में कसैले गुण होते हैं और एल्युमिनियम यौगिकों का त्वचा विज्ञान में कुछ उपयोग भी दर्ज है। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि फिटकरी हर व्यक्ति की त्वचा के लिए फायदेमंद है।विशेष रूप से चेहरे पर इसका अत्यधिक या गलत इस्तेमाल रूखापन और जलन जैसी समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए फिटकरी को घरेलू नुस्खे के रूप में इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता और उत्पाद की प्रकृति को ध्यान में रखना जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।