त्वचा बार-बार रूखी क्यों हो जाती है? जानिए इसके प्रमुख कारण और बचाव के तरीके
नई दिल्ली। त्वचा का बार-बार रूखा होना एक आम समस्या है। कई लोगों को चेहरा धोने, नहाने या हाथ-पैर साफ करने के बाद त्वचा में खिंचाव महसूस होता है। कुछ लोगों की त्वचा पर सफेद परत दिखाई देने लगती है, जबकि कुछ को खुजली, पपड़ी उतरने या त्वचा फटने जैसी परेशानियां होती हैं। आमतौर पर त्वचा में नमी की कमी और उसकी प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत प्रभावित होने से ऐसा हो सकता है। हालांकि, लगातार रूखापन रहने पर इसके पीछे किसी त्वचा रोग या अन्य स्वास्थ्य समस्या की संभावना भी हो सकती है।
त्वचा रूखी होने के प्रमुख कारण
1. मौसम में बदलाव
ठंडी और कम नमी वाली हवा त्वचा से नमी कम कर सकती है। सर्दियों में घर के भीतर हीटर का इस्तेमाल भी हवा को शुष्क बना सकता है। ऐसे वातावरण में त्वचा का रूखापन और खुजली बढ़ सकती है।
2. गर्म पानी से बार-बार नहाना
लंबे समय तक गर्म पानी से नहाने या बार-बार त्वचा को धोने से उसकी प्राकृतिक चिकनाई प्रभावित हो सकती है। इससे त्वचा में खिंचाव, रूखापन और जलन महसूस हो सकती है।
3. तेज साबुन और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स
कुछ साबुन, सुगंध वाले स्किन केयर उत्पाद और कठोर क्लीनिंग प्रोडक्ट्स त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं। जिन लोगों की त्वचा पहले से संवेदनशील है, उन्हें ऐसे उत्पादों से परेशानी अधिक हो सकती है।
4. उम्र बढ़ने के साथ बदलाव
उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में प्राकृतिक तेल बनाने की क्षमता कम हो सकती है। इस कारण खासकर हाथों, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों में रूखापन बढ़ने की संभावना रहती है।
5. त्वचा संबंधी बीमारियां
एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी स्थितियों में रूखापन, खुजली, पपड़ी या त्वचा पर परतें बनने की समस्या हो सकती है। इसलिए हर बार होने वाले रूखेपन को केवल मौसम का असर मानना सही नहीं है।
6. दवाओं या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का असर
कुछ दवाओं के कारण त्वचा रूखी हो सकती है। डायबिटीज, थायरॉयड से जुड़ी कुछ समस्याओं और किडनी की बीमारी में भी अत्यधिक रूखापन देखने को मिल सकता है। हालांकि, केवल रूखी त्वचा होने से इनमें से किसी बीमारी की पुष्टि नहीं होती।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी और मेयो क्लिनिक के अनुसार, पर्यावरण, नहाने की आदतें, उम्र, कुछ दवाएं और त्वचा संबंधी स्थितियां रूखेपन के संभावित कारणों में शामिल हैं।
त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए क्या करें?
हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें
बहुत गर्म पानी से बचें और नहाने का समय लगभग 5 से 10 मिनट तक सीमित रखने की कोशिश करें।
मॉइस्चराइजर लगाएं
नहाने या चेहरा धोने के बाद त्वचा को तौलिए से धीरे-धीरे थपथपाकर सुखाएं। त्वचा थोड़ी नम रहते ही बिना तेज सुगंध वाला मॉइस्चराइजर लगाएं। जरूरत के अनुसार दिन में दोबारा भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
हल्के क्लींजर चुनें
ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें जो त्वचा को अनावश्यक रूप से रूखा न बनाएं। यदि किसी उत्पाद से जलन या खुजली बढ़ती है, तो उसका इस्तेमाल रोककर सलाह लें।
धूप से बचाव करें
बाहर निकलते समय त्वचा को कपड़ों और उपयुक्त सनस्क्रीन से सुरक्षित रखें। धूप से होने वाली क्षति भी त्वचा की सेहत पर असर डाल सकती है।
कमरे की हवा में नमी बनाए रखें
यदि घर के भीतर हवा बहुत शुष्क रहती है, तो ह्यूमिडिफायर उपयोगी हो सकता है। इसे साफ रखना भी जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, रूखी त्वचा के लिए क्रीम या मरहम जैसे मॉइस्चराइजर कई मामलों में सामान्य लोशन की तुलना में अधिक नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
क्या सिर्फ पानी पीने से रूखापन दूर हो जाएगा?
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन त्वचा का रूखापन हमेशा पानी की कमी के कारण नहीं होता। यदि समस्या गर्म पानी, कठोर साबुन, कम आर्द्रता या त्वचा संबंधी बीमारी से जुड़ी है, तो केवल पानी पीने से इसका समाधान जरूरी नहीं कि हो जाए। ऐसे में त्वचा की बाहरी देखभाल और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच भी महत्वपूर्ण है।
किन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लें?
यदि त्वचा की देखभाल करने के बावजूद रूखापन बना रहे या बढ़ता जाए, तेज खुजली अथवा दर्द हो, त्वचा में गहरी दरारें पड़ें, खून निकले या घाव में सूजन और पस दिखाई दे, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। यदि परेशानी नींद या रोजमर्रा के कामों को प्रभावित कर रही है, तब भी चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
निष्कर्ष
त्वचा का बार-बार रूखा होना कई सामान्य कारणों से जुड़ा हो सकता है, लेकिन लगातार या गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हल्के क्लींजर, गुनगुने पानी और नियमित मॉइस्चराइजर से कई लोगों को राहत मिल सकती है। यदि इन उपायों के बावजूद परेशानी बनी रहे, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।