चीन की फिल्म निउ लाई एनीमेशन और उलझी कहानी की वजह से सोशल मीडिया पर वायरल हुई। 5 अगस्त को कमजोर शुरुआत के बाद 15 अगस्त को इसकी कमाई 70 लाख युआन से ऊपर पहुंची। यह मामला बताता है कि नकारात्मक प्रचार दर्शकों और बॉक्स ऑफिस को बदल सकता है।
चीन | 17 अगस्त 2026
By Mohd Haris
चीन की एनिमेशन फिल्म ‘निउ लाई’ ने 2026 के समर बॉक्स ऑफिस में एक असामान्य मोड़ पैदा किया है। जिस फिल्म की विजुअल क्वालिटी, कहानी और आवाज़ों को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई, वही फिल्म कुछ ही दिनों में दर्शकों की जिज्ञासा का केंद्र बन गई। 5 अगस्त को रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में बेहद कम कमाई की, लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ने के बाद इसकी टिकट बिक्री अचानक तेज हो गई। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इसे चीन की गर्मियों की सबसे अप्रत्याशित बॉक्स ऑफिस सफलता बताया है।
‘निउ लाई’ की रिलीज के शुरुआती दस दिनों में फिल्म की कमाई लगभग 7,700 युआन रही। इसके बाद 14 अगस्त से फिल्म के कथित तौर पर बेहद खराब एनिमेशन और अजीबोगरीब विजुअल्स के क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। दर्शकों ने फिल्म को देखने के लिए टिकट खरीदना शुरू किया, लेकिन मकसद पारंपरिक मनोरंजन से ज्यादा यह देखना था कि ऑनलाइन वायरल हो रही फिल्म वास्तव में कैसी है।
15 अगस्त को फिल्म की एक दिन की कमाई 70 लाख युआन से ऊपर पहुंच गई। यह रिलीज के पहले दिन की कमाई से करीब 204 गुना अधिक थी। इसी दौरान फिल्म की स्क्रीनिंग भी तेजी से बढ़ी। 16 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों में फिल्म की संचयी कमाई 500 लाख युआन के स्तर को पार करने की रिपोर्ट सामने आई, जबकि अलग-अलग समय पर जारी बॉक्स ऑफिस अपडेट में आंकड़े लगातार बदलते रहे।
‘निउ लाई’ का निर्देशन शिन यूमेंग ने किया है और पटकथा सन लिफांग ने लिखी है। आधिकारिक फिल्म रिकॉर्ड में इसे चीनी एनिमेशन फिल्म के रूप में दर्ज किया गया है और चीन के राष्ट्रीय फिल्म प्रशासन की सार्वजनिक सूची में इसे 2024 के एनिमेशन रिलीज लाइसेंस के साथ दर्ज किया गया है।
फिल्म करीब 86 मिनट लंबी है। इसकी कहानी एक छोटे बछड़े के सपने और उसके भीतर होने वाले भावनात्मक विकास के इर्द-गिर्द रखी गई है। फिल्म में एक चिड़िया उसके सफर का हिस्सा बनती है और कहानी प्रेम, साहस, धैर्य और बलिदान जैसे विषयों को सामने लाने की कोशिश करती है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, कई दर्शकों ने इसकी कहानी को उलझी हुई बताया।
फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा उसकी तकनीकी प्रस्तुति को लेकर हुई। चीनी मीडिया और दर्शकों ने इसके एनिमेशन को कठोर, असमान और तकनीकी तौर पर कमजोर बताया। आवाज़ों और संवादों को लेकर भी आलोचना सामने आई।
‘निउ लाई’ की कहानी की असली दिलचस्पी उसके बॉक्स ऑफिस से ज्यादा उसके प्रचार के तरीके में है। फिल्म के पास बड़े स्टूडियो जैसा प्रचार अभियान नहीं था। रिलीज के शुरुआती दौर में इसकी मौजूदगी लगभग अदृश्य रही। फिर कुछ दर्शकों ने फिल्म की कमियों को सोशल मीडिया पर साझा किया और आलोचना ही उसका सबसे बड़ा प्रचार माध्यम बन गई। 14 अगस्त के बाद फिल्म से जुड़े कई विषय चीनी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। शंघाई सिक्योरिटीज जर्नल के अनुसार, फिल्म से जुड़े दर्जनों विषय माइक्रोब्लॉगिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर चर्चा में आए। इसके बाद बॉक्स ऑफिस और स्क्रीनिंग दोनों में तेज इज़ाफा दर्ज हुआ।
यहां एक अहम बदलाव हुआ। पहले दर्शक फिल्म के कंटेंट के लिए टिकट खरीदते हैं। ‘निउ लाई’ के मामले में शुरुआती वायरल दौर में दर्शक फिल्म की चर्चा का हिस्सा बनने के लिए थिएटर पहुंचने लगे। कई लोगों ने इसे एक सामूहिक इंटरनेट मज़ाक और अनुभव के तौर पर लिया।
कुछ सिनेमाघरों ने दर्शकों की दिलचस्पी को देखते हुए अतिरिक्त शो जोड़े। कुछ जगहों पर दर्शकों ने सीटों को इस तरह बुक किया कि ऊपर से देखने पर चीनी अक्षर ‘牛’, यानी बैल या गाय से जुड़ा प्रतीक, बनता दिखाई दे। इससे फिल्म की ऑनलाइन पहचान और मजबूत हुई।
फिल्म के निर्देशक शिन यूमेंग ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच स्वीकार किया कि यह फिल्म पांच साल में उन्होंने और उनकी मां ने मिलकर तैयार की। उन्होंने माना कि स्थापित थिएटर एनिमेशन के मानकों की तुलना में फिल्म में कई कमियां हैं। यह बयान फिल्म की आलोचना से इनकार करने के बजाय उसके निर्माण की सीमाओं को स्वीकार करता है।
फिल्म को लेकर दर्शकों की राय एक जैसी नहीं रही। एक वर्ग ने इसे बेहद कमजोर निर्माण बताया। दूसरे वर्ग ने इसे सीमित संसाधनों में तैयार व्यक्तिगत रचनात्मक प्रयास के रूप में देखा। इसी विरोधाभास ने फिल्म की चर्चा को और लंबा किया। फिल्म उद्योग से जुड़े कुछ विश्लेषकों ने भी इसे पारंपरिक अर्थों में ‘खराब फिल्म की जीत’ मानने से परहेज किया। उनका तर्क है कि सोशल मीडिया ने ऐसे दर्शकों को थिएटर तक पहुंचाया जो सामान्य परिस्थितियों में फिल्म देखने नहीं जाते।
बॉक्स ऑफिस आंकड़े इस मामले का सबसे स्पष्ट हिस्सा हैं। 5 अगस्त को फिल्म की कमाई सिर्फ 3,420 युआन बताई गई। 15 अगस्त को यही आंकड़ा एक दिन में 70 लाख युआन से ऊपर पहुंच गया। स्क्रीन शेयर भी 15 अगस्त के 0.4 प्रतिशत से बढ़कर अगले दिन 2.4 प्रतिशत तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई।
हांगकांग 01 ने 16 अगस्त को रिपोर्ट किया कि फिल्म की संचयी बॉक्स ऑफिस कमाई 500 लाख युआन से अधिक हो चुकी थी और माओयान के अनुमान में अंतिम कमाई इससे काफी अधिक रहने की संभावना जताई गई थी। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि फिल्म ने बेहद कम आधार से असाधारण तेजी पकड़ी। लेकिन इसे सामान्य बॉक्स ऑफिस सफलता मानना अभी जल्दबाजी होगी। फिल्म की कमाई का बड़ा हिस्सा वायरल जिज्ञासा से आया है और यह देखना बाकी है कि चर्चा कम होने के बाद दर्शक कितने समय तक थिएटर पहुंचते हैं।
‘निउ लाई’ का मामला फिल्म मार्केटिंग के लिए अहम संकेत देता है। सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रतिक्रिया भी उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। किसी फिल्म को खराब बताने वाली पोस्ट, वीडियो या मीम कई बार उसी फिल्म के लिए दर्शकों की जिज्ञासा पैदा कर सकते हैं। लेकिन यहां एक सीमा भी है। यदि फिल्म की खराब गुणवत्ता को ही प्रचार रणनीति की तरह दोहराया जाने लगे, तो दर्शकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। शंघाई सिक्योरिटीज जर्नल में उद्योग से जुड़े लोगों ने इसी खतरे की ओर इशारा किया कि अगर ‘खराब होना’ एक दोहराई जा सकने वाली मार्केटिंग रणनीति बन गया, तो गंभीरता से कंटेंट तैयार करने वाले निर्माताओं पर दबाव बढ़ सकता है।
इस मामले ने चीन में फिल्म प्रमाणन और तकनीकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े किए। कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने पूछा कि इतनी कमजोर मानी जा रही फिल्म सिनेमाघरों तक कैसे पहुंची। लेकिन विशेषज्ञों ने इस सवाल को अलग नजरिए से देखने की बात कही। शंघाई फिल्म समीक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रोफेसर लियू हाइबो ने कहा कि फिल्म समीक्षा में कंटेंट और तकनीकी जांच दोनों पहलू होते हैं। उनके मुताबिक एनिमेशन की कलात्मक शैली को लेकर अत्यधिक कठोर मानक लगाना भी उचित नहीं होगा, क्योंकि एनिमेशन में अलग-अलग सौंदर्यशास्त्र मौजूद हैं। इसलिए उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि फिल्म का प्रमाणन किसी विशेष अनियमितता का प्रमाण है। ऐसी किसी धारणा के लिए स्वतंत्र और ठोस सबूत की जरूरत होगी।
‘निउ लाई’ की कमाई ने थिएटर कारोबार के एक छोटे लेकिन दिलचस्प पहलू को भी सामने रखा है। शंघाई के एक थिएटर मैनेजर के मुताबिक दर्शकों की मांग बढ़ने के बाद सिनेमाघरों के लिए अतिरिक्त शो देना स्वाभाविक कारोबारी फैसला था। फिल्म के दर्शकों ने पॉपकॉर्न और पेय जैसे थिएटर उत्पादों की बिक्री में भी योगदान दिया।
इससे पता चलता है कि वायरलिटी का असर केवल टिकट बिक्री तक सीमित नहीं रहता। दर्शक व्यवहार बदलने पर थिएटर की स्क्रीनिंग रणनीति और सहायक बिक्री दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
‘निउ लाई’ का मामला चीन के घरेलू सिनेमा से बाहर भी डिजिटल कंटेंट अर्थव्यवस्था के लिए दिलचस्प है। वैश्विक दर्शक अब फिल्म के प्रचार को केवल स्टूडियो अभियान, ट्रेलर और विज्ञापन से नहीं देखते। सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रिया खुद एक वितरण शक्ति बन चुकी है।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने भी इस फिल्म की असामान्य सफलता को चीन के समर बॉक्स ऑफिस के बड़े हॉलीवुड रिलीज के बीच उल्लेखनीय बताया। इससे यह सवाल उठता है कि भविष्य में छोटे बजट की फिल्में बड़े प्रचार बजट के बिना किस तरह दर्शक जुटा सकती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि फिल्म की मौजूदा कमाई कितने समय तक कायम रहेगी। दूसरा सवाल यह है कि क्या इसकी वायरल लोकप्रियता स्थायी दर्शक रुचि में बदलेगी या कुछ दिनों बाद खत्म हो जाएगी। एक और अहम सवाल फिल्म के वितरण को लेकर है। 16 अगस्त को दालियान के कुछ सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग बंद होने की खबरें आईं। स्थानीय थिएटर कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इसे हटाने के निर्देश मिले थे, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं था। अन्य शहरों में फिल्म की स्क्रीनिंग जारी रहने की रिपोर्ट भी सामने आई।
आगे क्या होगा?
आने वाले दिनों में ‘निउ लाई’ की असली परीक्षा बॉक्स ऑफिस की स्थिरता होगी। अगर दर्शकों की दिलचस्पी केवल मीम, मज़ाक और जिज्ञासा तक सीमित रहती है, तो कमाई तेजी से नीचे आ सकती है। अगर फिल्म लगातार नए दर्शक खींचती रही, तो यह चीन के हालिया सिनेमा में सबसे असामान्य स्वतंत्र बॉक्स ऑफिस मामलों में शामिल हो सकती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि फिल्म ने अपनी शुरुआती कमजोरी को सोशल मीडिया की असाधारण चर्चा में बदल दिया है। उसकी आलोचना ने ही उसे वह दृश्यता दी, जो पारंपरिक प्रचार से हासिल नहीं हुई।
‘निउ लाई’ की कहानी अच्छी या खराब फिल्म के सामान्य पैमाने से आगे जाती है। यह दर्शाती है कि आज दर्शक किसी फिल्म को देखने का फैसला केवल समीक्षा या प्रचार देखकर नहीं करते। जिज्ञासा, मीम संस्कृति और सामूहिक ऑनलाइन चर्चा भी टिकट खरीदने को प्रभावित कर सकती है।
लेकिन वायरल होना और टिकाऊ फिल्म सफलता एक ही बात नहीं है। ‘निउ लाई’ ने बॉक्स ऑफिस पर असाधारण वापसी जरूर की है, पर इसका दीर्घकालीन असर तभी स्पष्ट होगा जब सोशल मीडिया की सनसनी खत्म होने के बाद भी दर्शक थिएटर पहुंचते रहें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।