कंगना रनौत का राखी सावंत पर तीखा पलटवार, पीएम मोदी और स्मृति ईरानी पर बयान से बढ़ा विवाद
Mohammad Naved
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2026-09-15 12:41:32
राखी सावंत के एक पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी से जुड़ी विवादित टिप्पणी के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने सफल महिलाओं के खिलाफ व्यक्तिगत और चरित्र आधारित हमलों पर आपत्ति जताई।
📍 मुंबई 🗓️ 15 सितंबर 2026 ✍️ Mohd Naved
राखी सावंत के बयान के बाद शुरू हुआ नया विवाद
बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत तथा अभिनेत्री राखी सावंत के बीच बयानबाज़ी ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। विवाद की शुरुआत राखी सावंत के एक पॉडकास्ट में दिए गए ऐसे बयान से हुई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का जिक्र किया था। इसके बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए राखी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राखी सावंत ने क्या कहा था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राखी सावंत ने पॉडकास्ट बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी महिला नेताओं का संदर्भ दिया। उनकी टिप्पणी में कंगना रनौत और स्मृति ईरानी के नाम भी आए। बयान में यौन संकेतों वाली भाषा के इस्तेमाल का आरोप है, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।
रिपोर्टों में राखी की टिप्पणी को आपत्तिजनक और विवादित बताया गया है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री मूल पॉडकास्ट बयान और उसके बाद हुई प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। इसलिए किसी भी अतिरिक्त मंशा या राजनीतिक मकसद को तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
कंगना रनौत ने दिया तीखा जवाब
राखी सावंत की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लंबा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना और निजी हमले करना एक ऐसी प्रवृत्ति है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कंगना ने यह भी कहा कि महिलाओं को बार-बार खुद को सही साबित करने के लिए सफाई देने की जरूरत नहीं है।
कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया में राखी की पेशेवर सफलता पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कथित तौर पर किए गए तमाम फेवर के बावजूद राखी को स्वीपर की नौकरी तक नहीं मिली। यह टिप्पणी अब इस विवाद का सबसे चर्चित हिस्सा बन गई है।
विवाद में महिला नेताओं का जिक्र क्यों अहम है
इस मामले का एक अहम पहलू यह है कि बयान में केवल बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों का जिक्र नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्मृति ईरानी जैसे राजनीतिक नाम भी शामिल थे। इसी वजह से मामला केवल दो कलाकारों के बीच निजी विवाद तक सीमित नहीं रहा और सोशल मीडिया पर राजनीतिक तथा सामाजिक बहस का हिस्सा बन गया।
कंगना खुद राजनीति में सक्रिय हैं और लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्मृति ईरानी भी लंबे समय से राजनीति और मनोरंजन जगत दोनों से जुड़ी रही हैं। ऐसे में किसी सार्वजनिक टिप्पणी में इन नामों के आने के बाद प्रतिक्रिया का दायरा स्वाभाविक रूप से व्यापक हो गया।
कंगना की प्रतिक्रिया का केंद्र व्यक्तिगत हमले
कंगना के जवाब का एक बड़ा हिस्सा महिलाओं के खिलाफ होने वाले व्यक्तिगत और चरित्र आधारित हमलों पर केंद्रित था। उन्होंने ऐसे हमलों को जलन, असफलता और अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि सफल महिलाओं को लगातार निशाना बनाए जाने की स्थिति में उन्हें खुद को अपमानित महसूस करने या बार-बार सफाई देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
यहां एक महत्वपूर्ण फर्क भी समझना जरूरी है। कंगना की प्रतिक्रिया एक व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से चर्चित हस्ती की सोशल मीडिया टिप्पणी है। इसे किसी व्यापक सामाजिक निष्कर्ष या संस्थागत नीति के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा असर
इस विवाद के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह दोनों पक्षों की सार्वजनिक पहचान है। राखी सावंत लंबे समय से अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए चर्चा में रही हैं, जबकि कंगना रनौत फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ सक्रिय राजनीति का भी हिस्सा हैं।
सोशल मीडिया पर ऐसे मामलों में मूल बयान से ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया, स्क्रीनशॉट और छोटे वीडियो प्रसारित होते हैं। इससे कई बार संदर्भ सीमित होकर सामने आता है और बहस व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच जाती है। इस मामले में भी कंगना की प्रतिक्रिया प्रकाशित होने के बाद विवाद का केंद्र राखी की टिप्पणी से हटकर दोनों के बीच बयानबाज़ी पर आ गया।
क्या यह मामला राजनीतिक विवाद बन रहा है
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से इतना स्पष्ट है कि विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों का जिक्र हुआ। हालांकि, इसे किसी औपचारिक राजनीतिक विवाद या पार्टी स्तर के टकराव के रूप में पेश करने के लिए अतिरिक्त आधिकारिक प्रतिक्रिया की जरूरत होगी।
अब तक सामने आई कवरेज मुख्य रूप से राखी सावंत के बयान और कंगना रनौत के जवाब पर केंद्रित है। इसलिए इस प्रकरण का मौजूदा स्वरूप ज्यादा तौर पर सेलिब्रिटी विवाद और सार्वजनिक बयानबाज़ी का है, जिसमें राजनीतिक संदर्भ भी जुड़ गया है।
सार्वजनिक बहस में मर्यादा का सवाल
यह विवाद एक व्यापक संपादकीय और सामाजिक सवाल भी उठाता है। राजनीतिक या फिल्मी हस्तियों की आलोचना लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा है, लेकिन आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणी के बीच सीमा को लेकर लगातार बहस होती रही है।
इस मामले में राखी की टिप्पणी और कंगना की प्रतिक्रिया दोनों ही सार्वजनिक मंच पर सामने आए हैं। इसलिए पाठकों के लिए जरूरी है कि वे मूल बयान, जवाब और बाद की व्याख्याओं के बीच फर्क रखें। किसी एक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर आगे के दावे करना पत्रकारिता की दृष्टि से उचित नहीं होगा।
आगे क्या
अभी तक सामने आई रिपोर्टों में मुख्य घटनाक्रम कंगना रनौत की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया तक सीमित है। आगे मामला तब नया मोड़ ले सकता है, जब राखी सावंत इस प्रतिक्रिया का जवाब दें या संबंधित राजनीतिक अथवा सार्वजनिक हस्तियां इस विवाद पर आधिकारिक टिप्पणी करें।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि एक पॉडकास्ट टिप्पणी ने बॉलीवुड और राजनीति के दो अलग-अलग क्षेत्रों को एक ही सार्वजनिक विवाद में ला दिया है। इस पूरे मामले में बयान की प्रकृति, उसके संदर्भ और उसके जवाब को अलग-अलग समझना ही सबसे अहम है।
राखी सावंत की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत का जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। कंगना ने इसे महिलाओं के खिलाफ निजी और चरित्र आधारित हमलों से जोड़कर प्रतिक्रिया दी, जबकि उनके अपने जवाब की तीखी भाषा ने विवाद को और बढ़ा दिया।
मामले का अगला रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि राखी सावंत या संबंधित राजनीतिक हस्तियों की ओर से आगे कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल इसे बयानबाज़ी से उपजा सार्वजनिक विवाद मानना अधिक सटीक है, न कि किसी स्थापित राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में।
वीडियो देखें
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।