उत्तराखंड में कांवड़ मेले के सफल समापन के बाद कुंभ मेला-2027 की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
📍 Location: हरिद्वार, उत्तराखंड
📰 Date: 5 अगस्त 2026
✍️ Byline: Apurva Chaudhary
कुंभ-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
उत्तराखंड में कांवड़ मेले के सफल समापन के साथ ही अब प्रशासन का पूरा ध्यान कुंभ मेला-2027 की तैयारियों पर केंद्रित हो गया है। मेला प्रशासन ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण परियोजनाओं पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विकास कार्य पूरे किए जा सकें।
मेलाधिकारी सोनिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
पांच नए पुलों का निर्माण होगा
कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पांच नए पुलों के निर्माण का कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन के अनुसार सभी पुलों की गुणवत्ता का परीक्षण आईआईटी रुड़की से कराया जाएगा ताकि सुरक्षा और टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके।
सड़क, पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
कुंभ-2027 की तैयारियों में केवल पुल ही नहीं बल्कि सड़क चौड़ीकरण, बस अड्डों का विकास, पार्किंग स्थलों का निर्माण, पैदल मार्ग, फुटपाथ और प्रमुख चौराहों के सुधार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
शहर के सौंदर्यीकरण पर भी जोर
बैठक में शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। फसाड लाइटिंग, सार्वजनिक स्थलों के विकास और हरित क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा वर्षा ऋतु समाप्त होते ही कुंभ शिविरों के लिए चिन्हित भूमि की सफाई और समतलीकरण कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मेलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण परियोजनाओं की थर्ड-पार्टी गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। तकनीकी सेल को स्टील स्ट्रक्चर और अन्य निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
अतिक्रमण हटाने और समयबद्ध कार्यों पर सख्ती
समीक्षा बैठक के दौरान मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला-2027 से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। मेलाधिकारी सोनिका ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण स्थलों के आसपास मौजूद अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित एजेंसियां समय पर अतिक्रमण नहीं हटाती हैं तो उनके भुगतान पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन का मानना है कि समय रहते अतिक्रमण हटाने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और भविष्य में यातायात या सुरक्षा संबंधी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा। इसके साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव की समस्या दूर करने पर विशेष जोर
हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी को देखते हुए समीक्षा बैठक में प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और जलनिकासी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है, वहां स्थायी समाधान तैयार किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
इसी उद्देश्य से सड़क नेटवर्क, पार्किंग, घाटों का विकास, पैदल मार्ग, बस अड्डों और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस बार आधुनिक तकनीक और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और सुगम अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा।
IIT रुड़की करेगा गुणवत्ता का परीक्षण
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पांच नए पुलों सहित प्रमुख निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता का परीक्षण आईआईटी रुड़की से कराया जाएगा। इसके अलावा तकनीकी विशेषज्ञ समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
थर्ड-पार्टी गुणवत्ता जांच का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और भविष्य में किसी प्रकार के सुरक्षा जोखिम से बचना है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। होटल, परिवहन, छोटे व्यापार, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और पर्यटन उद्योग को इससे व्यापक लाभ मिलता है।
बेहतर बुनियादी ढांचे का लाभ केवल कुंभ मेले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आयोजन के बाद भी स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में विभिन्न विभाग निर्माण कार्यों की गति बढ़ाएंगे। मानसून समाप्त होने के बाद सड़क, पुल, घाट, पार्किंग, जलनिकासी और सौंदर्यीकरण से जुड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू होगा।
मेला प्रशासन नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रत्येक परियोजना की प्रगति की निगरानी करेगा। गुणवत्ता परीक्षण, तकनीकी निरीक्षण और विभागीय समन्वय के आधार पर कुंभ-2027 की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।