दुबई से चला कथित निवेश नेटवर्क, मुजफ्फरनगर में 60 लाख की ठगी का मुकदमा दर्ज
Asif Khan
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2026-07-12 12:48:34
60 लाख की कथित ठगी, दुबई बैठे आरोपी पर मुजफ्फरनगर में एफआईआर
निवेश का सपना या बड़ा जाल? दुबई कनेक्शन की जांच शुरू
क्यूएफएक्स के नाम पर करोड़ों के खेल की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
मुजफ्फरनगर में निवेश के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। दुबई में रह रहे बताए जा रहे आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। अब पुलिस वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की जांच कर रही है।
📍 Muzaffarnagar
📰 July 12, 2026
✍️ Asif Khan
दुबई कनेक्शन वाली कथित निवेश योजना पर पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के थाना खालापार में गाजियाबाद के पसोंडा निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब के खिलाफ कथित निवेश धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अपनी कंपनी क्यूएफएक्स के माध्यम से निवेश पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर लगभग 60 लाख रुपये का निवेश कराया और बाद में रकम वापस नहीं की।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर वित्तीय लेनदेन, निवेश के दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं और जांच जारी है।
मामला कैसे सामने आया
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें बेहतर मुनाफे का भरोसा दिलाया गया था। आरोप है कि निवेश बढ़ने के बाद भुगतान रुक गया और संपर्क करना भी मुश्किल हो गया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस का रुख किया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब यह जांच का विषय है कि निवेश किस माध्यम से लिया गया, धनराशि किन खातों में पहुंची और क्या इस कथित नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े थे।
क्यूएफएक्स क्या है और जांच किन बिंदुओं पर होगी
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि संबंधित कंपनी का संचालन किस प्रकार किया जा रहा था। यह भी देखा जाएगा कि क्या निवेश से जुड़े आवश्यक कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं।
यदि विदेशी खातों या अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल हुआ है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रेल और ऑनलाइन संचार महत्वपूर्ण साक्ष्य बनते हैं।
निवेश धोखाधड़ी के मामलों में क्या होता है
हाल के वर्षों में ऑनलाइन निवेश और तेज मुनाफे के दावों वाले कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ लगातार सलाह देते रहे हैं कि बिना नियामकीय जानकारी और पर्याप्त जांच के किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
हालांकि हर निवेश योजना धोखाधड़ी नहीं होती, लेकिन असामान्य रिटर्न के दावों की स्वतंत्र जांच करना जरूरी माना जाता है।
यदि आरोपी विदेश में मौजूद है तो जांच एजेंसियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना होगा। डिजिटल साक्ष्य जुटाना, बैंक रिकॉर्ड का विश्लेषण करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगा।
जांच के दौरान पुलिस यह भी देखेगी कि क्या इस मामले में अन्य पीड़ित भी सामने आते हैं और क्या कथित नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश के बाहर तक था।
अलग-अलग पक्ष क्या कहते हैं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनसे निवेश के नाम पर बड़ी रकम ली गई और वापस नहीं की गई।
दूसरी ओर, एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं होता। भारतीय न्याय व्यवस्था में आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होती है।
आम लोगों के लिए क्या सीख
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, कंपनी का पंजीकरण, नियामकीय मंजूरी और जोखिम की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।
केवल ऊंचे मुनाफे के वादे के आधार पर निवेश करना भविष्य में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
मुजफ्फरनगर में दर्ज यह मामला केवल एक एफआईआर नहीं बल्कि ऑनलाइन निवेश के बढ़ते जोखिमों की भी याद दिलाता है। अब सबसे महत्वपूर्ण पहलू पुलिस जांच है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप किस हद तक सही हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती और न्यायालय कोई निष्कर्ष नहीं देता, तब तक सभी आरोप जांच के दायरे में ही माने जाएंगे।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।