गाजियाबाद के बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रशासन से संयुक्त कार्रवाई की मांग की है ताकि सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
📍 Location: गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
📰 Date: 7 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
गाजियाबाद में छह करोड़ की सड़क पर ट्रकों का कब्जा, उद्योगों और आम लोगों की बढ़ी परेशानी
गाजियाबाद के बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई सड़क अब अपनी मूल उपयोगिता खोती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) द्वारा लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस सड़क पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग लगातार बढ़ रही है। सड़क पर दोनों ओर खड़े ट्रकों के कारण यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
उद्योग क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए बनी थी सड़क
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र से राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) तक जाने वाली सड़क पहले लंबे समय से जर्जर हालत में थी। गड्ढों और खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। यूपीसीडा ने विकास कार्य अपने हाथ में लेने के बाद इस सड़क का पुनर्निर्माण कराया ताकि उद्योगों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
हालांकि सड़क बनने के बाद नई समस्या सामने आ गई। अब भारी वाहन सड़क किनारे स्थायी रूप से खड़े किए जा रहे हैं, जिससे पूरी सड़क पार्किंग स्थल जैसी दिखाई देती है।
सड़क पर खड़े ट्रकों से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का जोखिम
स्थानीय लोगों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क पर खड़े ट्रकों के कारण दूसरे वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। कई बार सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक और निजी वाहन आते-जाते हैं, इसलिए यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
उद्योग बंधु की बैठक में भी उठा मुद्दा
हाल ही में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क पर अवैध पार्किंग रोकने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक परियोजना का लाभ तभी मिलेगा जब सड़क पूरी तरह यातायात के लिए उपलब्ध रहे।
यूपीसीडा ने बनाई अलग पार्किंग
यूपीसीडा के उप महाप्रबंधक सलिल यादव के अनुसार, भारी वाहनों के लिए लालकुआं कट से मणिपाल अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर अलग पार्किंग विकसित की गई है। इस पार्किंग का उद्देश्य मुख्य सड़क पर ट्रकों की आवाजाही और पार्किंग को नियंत्रित करना है।
इसके बावजूद कई चालक सुविधा होने के बाद भी सड़क किनारे वाहन खड़े कर रहे हैं।
संयुक्त कार्रवाई की मांग
यूपीसीडा ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि आरटीओ और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाई जाए। यह टीम सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई करे।
अधिकारियों का मानना है कि समन्वित कार्रवाई से सड़क को अवैध पार्किंग से मुक्त कराया जा सकता है और औद्योगिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
आगे क्या?
यदि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाता, तो आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्र में ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ उसके प्रभावी प्रबंधन और नियमों का सख्ती से पालन भी उतना ही आवश्यक है।
गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का उद्देश्य उद्योगों और नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी देना था। लेकिन अवैध पार्किंग ने इस परियोजना की उपयोगिता को प्रभावित किया है। अब जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों पर है कि वे सड़क को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करें।