लीक दस्तावेजों पर आधारित रिपोर्ट में युगांडा और इजरायल के रक्षा सहयोग के विस्तृत पहलुओं का दावा है। 2024 के 52.1 मिलियन डॉलर के ड्रोन सौदे का भी उल्लेख है।
कंपाला | 4 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
एक नई जांच रिपोर्ट ने युगांडा और इजरायल के बीच वर्षों से जारी रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उसे इजरायली रक्षा कंपनी Elbit Systems से जुड़े हैक किए गए ईमेल और दस्तावेजों का एक आर्काइव मिला, जिसमें युगांडा की सैन्य ड्रोन और निगरानी क्षमताओं को विकसित करने से जुड़े सौदों का विवरण मौजूद है।
रिपोर्ट के अनुसार दस्तावेजों में युगांडा की Military Intelligence और Special Forces Command के लिए निगरानी प्रणालियों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति का उल्लेख है।
लीक दस्तावेजों में मार्च 2024 का एक कथित समझौता प्रमुख है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें चार Hermes 900 ड्रोन और उनसे जुड़ा सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल था और सौदे की कीमत 52.1 मिलियन डॉलर थी।
रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों में यह भी दर्ज था कि 2021 तक Elbit को 14.2 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जा चुका था।
हालांकि इन लीक दस्तावेजों की कारोबारी जानकारी पर Elbit Systems ने आपत्ति जताई है। कंपनी ने कहा कि वह ग्राहकों से जुड़े कारोबारी मामलों पर टिप्पणी नहीं करती और रिपोर्ट में प्रस्तुत सामग्री उसकी कारोबारी गतिविधियों को सही ढंग से नहीं दर्शाती।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि युगांडा का Elbit के साथ ड्रोन कार्यक्रम 2019 से चल रहा था।
दस्तावेजों के मुताबिक 2019 में एक refurbished Hermes 450 सिस्टम की आपूर्ति हुई। इसके बाद 2020 और 2021 में अन्य प्रणालियों की आपूर्ति और अपग्रेड से जुड़े समझौते हुए। बाद में Hermes 900 प्लेटफॉर्म और उसके command तथा communication systems को आगे विकसित करने की योजना सामने आई।
2024 में पूर्वी कांगो में युगांडा के निशान वाला एक ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। रिपोर्टिंग के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के Group of Experts ने बाद में उसकी पहचान Hermes 900 के रूप में की।
यहां शब्दावली में सावधानी जरूरी है।
युगांडा और इजरायल ने सितंबर 2022 में Defence Cooperation पर एक औपचारिक Memorandum of Understanding सार्वजनिक रूप से घोषित किया था। युगांडा के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस MoU ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया था। इसमें
प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, तकनीकी हस्तांतरण, खुफिया जानकारी जुटाने, एयरस्पेस मैनेजमेंट और सीमा सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल थे।
इसलिए यह कहना सटीक नहीं होगा कि दोनों देशों के बीच पूरा रक्षा सहयोग गुप्त था।
लीक दस्तावेजों का महत्व इस बात में है कि उन्होंने कथित तौर पर इस व्यापक सरकारी सहयोग के भीतर Elbit Systems और युगांडा की सैन्य एजेंसियों के बीच विशिष्ट उपकरणों, कीमतों और परियोजनाओं की जानकारी सामने रखी।
Drop Site News के मुताबिक दस्तावेजों में ऐसी प्रणालियों का उल्लेख है जो बड़े इलाकों की लगातार निगरानी, संचार इंटरसेप्शन और रात या बादलों के दौरान रडार इमेजिंग जैसी क्षमताओं से जुड़ी थीं। रिपोर्ट में कुछ हथियार प्रणालियों और loitering munitions का भी उल्लेख किया गया है।
इन दावों को लीक दस्तावेजों की रिपोर्टिंग के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री से हर प्रणाली की वास्तविक डिलीवरी, परिचालन स्थिति और इस्तेमाल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
युगांडा के रक्षा मंत्रालय ने खुद स्वीकार किया है कि इजरायल के साथ उसका रक्षा सहयोग लंबे समय से जारी है।
2022 के आधिकारिक बयान के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच प्रशिक्षण, आधुनिक सैन्य उपकरण और तकनीकी हस्तांतरण के साथ खुफिया जानकारी जुटाने, एयरस्पेस मैनेजमेंट और बॉर्डर प्रोटेक्शन में भी सहयोग रहा है।
इस लिहाज से नई लीक रिपोर्ट किसी पूरी तरह नए रिश्ते का खुलासा नहीं करती। इसका दावा रिश्ते के अधिक विशिष्ट सैन्य और कारोबारी पहलुओं को सामने लाने का है।
यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब युगांडा गाजा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय stabilization force में सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक युगांडा की संसद ने अगस्त 2026 में संभावित सैनिक तैनाती का रास्ता साफ किया था। युगांडा के रक्षा मंत्री ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से युगांडा की भागीदारी को लेकर संपर्क किया था।
इस घटनाक्रम ने युगांडा के इजरायल के साथ रक्षा रिश्तों को नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय निगरानी में ला दिया है।
युगांडा के Chief of Defence Forces मुहूज़ी काइनेरुगाबा इजरायल के प्रति सार्वजनिक रूप से समर्थन व्यक्त करते रहे हैं।
Drop Site की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 में उन्होंने कहा था कि इजरायल को नष्ट करने या हराने की बात होने पर युगांडा इजरायल के पक्ष में खड़ा होगा।
यह बयान मौजूदा रक्षा सहयोग और संभावित गाजा तैनाती के बीच राजनीतिक संदर्भ को और अहम बनाता है। हालांकि इससे यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि किसी विशेष सैन्य सौदे का मकसद गाजा मिशन था।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल लीक दस्तावेजों की प्रामाणिकता से आगे जाकर उनकी वास्तविक कारोबारी और सैन्य परिणति का है।
अगर 52.1 मिलियन डॉलर का सौदा और संबंधित सिस्टम वास्तव में उसी रूप में लागू हुए हैं, तो यह युगांडा की सैन्य निगरानी क्षमता में महत्वपूर्ण
इजरायली तकनीकी भूमिका की ओर इशारा करता है।
लेकिन दस्तावेजों में प्रस्तावित, अनुबंधित और वास्तव में वितरित उपकरणों के बीच अंतर करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टिंग हर बिंदु पर यह अंतर पूरी तरह स्थापित नहीं करती।
आगे की तफ्तीश में युगांडा सरकार, रक्षा मंत्रालय और Elbit Systems की विस्तृत प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
साथ ही यह देखना होगा कि संबंधित अनुबंधों की स्वतंत्र पुष्टि सरकारी खरीद रिकॉर्ड, संसद के दस्तावेजों, अदालतों या अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड से होती है या नहीं।
गाजा में संभावित युगांडा तैनाती आगे बढ़ती है तो इन रक्षा संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और मानवाधिकार बहस भी और तेज हो सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।