इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने 36 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। चोटों से जूझने के बाद 11 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हुआ।
इंग्लैंड | 22 सितंबर 2026
BY MOHD HARIS
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 36 वर्षीय वुड ने चोटों से लंबे संघर्ष के बाद अपने 11 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का फैसला किया। उन्होंने इंग्लैंड के लिए तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला और अपनी तेज रफ्तार के लिए अलग पहचान बनाई।
वुड का संन्यास तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से चली आ रही चोटों, खासकर घुटने की समस्या, ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी को मुश्किल बना दिया था। स्काई स्पोर्ट्स के मुताबिक, वुड ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली एशेज सीरीज में वापसी के लिए उन्होंने चोट से उबरने के बाद जल्दी मैदान पर लौटने की कोशिश की थी।
जरूरी तथ्य
मार्क वुड ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय तीनों फॉर्मेट में प्रतिनिधित्व किया। आईसीसी के रिकॉर्ड के अनुसार उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2025 में रहा।
रिपोर्ट के अनुसार वुड ने इंग्लैंड के लिए 38 टेस्ट, 70 वनडे और 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। तीनों फॉर्मेट मिलाकर उन्होंने 253 विकेट लिए।
टेस्ट करियर में वुड ने 38 मैचों में 119 विकेट हासिल किए। स्काई स्पोर्ट्स और द इंडिपेंडेंट के अनुसार यह उनका अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे बड़ा विकेट आंकड़ा रहा।
चोटों ने बदली करियर की दिशा
वुड का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा। घुटने की समस्या के कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से बाहर रहना पड़ा। 2025 की एशेज सीरीज के दौरान भी वह चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर आगे बढ़ाना मुश्किल होता गया।
रिपोर्ट के अनुसार वुड ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक अब उनके लिए टेस्ट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा।
एशेज में यादगार भूमिका
मार्क वुड ने अपने करियर में चार एशेज सीरीज में हिस्सा लिया। 2015 में उनके प्रदर्शन का एक अहम हिस्सा वह विकेट था, जिसने ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड को एशेज हासिल करने में मदद की थी। 2023 की एशेज में हेडिंग्ले टेस्ट के दौरान भी उन्होंने तेज गेंदबाजी से मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई थी।
2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने के बाद वुड इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी इकाई के अहम सदस्यों में शामिल रहे। उनकी गेंदबाजी की पहचान तेज गति और आक्रामक स्पेल से बनी।
दो विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा
मार्क वुड इंग्लैंड की दो विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा रहे। वह 2019 वनडे विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम में शामिल थे। इसके बाद 2022 में इंग्लैंड ने टी20 विश्व कप जीता और वुड उस टीम का भी हिस्सा रहे।
2019 विश्व कप में उन्होंने 18 विकेट हासिल किए थे। 2022 टी20 विश्व कप में भी उन्होंने इंग्लैंड के अभियान में योगदान दिया।
रफ्तार बनी पहचान
मार्क वुड इंग्लैंड के सबसे तेज गेंदबाजों में गिने जाते रहे हैं। उनकी गेंदबाजी में तेज गति के साथ उछाल और आक्रामक लाइन का इस्तेमाल प्रमुख रहा।
आईसीसी की प्रोफाइल में वुड को दाएं हाथ का तेज गेंदबाज बताया गया है। उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण 2015 में हुआ और 2025 को उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय वर्ष दर्ज किया गया।
इंग्लैंड के लिए आखिरी मैच
वुड ने नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में एशेज सीरीज का पहला टेस्ट खेला था। इसके बाद घुटने की समस्या के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी नहीं कर सके।
आईसीसी की खिलाड़ी प्रोफाइल में भी 2025 को उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ष दर्ज है।
वुड का बयान
संन्यास की घोषणा करते हुए वुड ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने अपने बयान में इंग्लैंड के लिए खेलना अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि वह चोट से वापसी करते हुए खुद को साबित करने की कोशिश करते रहे, लेकिन इस बार संघर्ष को आगे जारी रखना संभव नहीं रहा। चिकित्सकीय सलाह के बाद टेस्ट और 50 ओवर के क्रिकेट से दूर होने का फैसला उनके संन्यास का अहम आधार बना।
इंग्लैंड क्रिकेट में योगदान
वुड का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग 11 साल तक चला। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड की टेस्ट, वनडे और टी20 टीमों का प्रतिनिधित्व किया और दो विश्व कप जीतने वाली टीमों में जगह बनाई।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक वुड डरहम से जुड़े तेज गेंदबाज रहे हैं और लंबे समय तक इंग्लैंड की गेंदबाजी योजनाओं का हिस्सा रहे।
आगे क्या
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद वुड के सामने अब पेशेवर क्रिकेट से जुड़े दूसरे विकल्प मौजूद रहेंगे। हालिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि वह मीडिया और कमेंट्री की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उनका फैसला इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी इकाई के लिए एक बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में टीम को उनके स्थान पर दूसरे तेज गेंदबाजों को अधिक जिम्मेदारी देनी होगी।
निष्कर्ष
मार्क वुड ने 36 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। चोटों, विशेष रूप से घुटने की समस्या, से लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2015 से 2026 तक चला और इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया।
38 टेस्ट में 119 विकेट और तीनों फॉर्मेट में कुल 253 अंतरराष्ट्रीय विकेट के साथ वुड ने इंग्लैंड क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। वह 2019 वनडे विश्व कप और 2022 टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीमों का हिस्सा भी रहे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।