दिल्ली के पीतमपुरा में दशहरे पर 30 फुट का कॉकरोच पुतला जलाने से सियासी विवाद छिड़ गया। विपक्ष ने इसे युवा आंदोलन पर निशाना बताया, जबकि आयोजकों ने स्वच्छता का संदेश देने की बात कही।
नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
दिल्ली में दशहरे पर कॉकरोच दहन से बढ़ा राजनीतिक विवाद
राजधानी दिल्ली में दशहरे के मौके पर एक अनोखे पुतला दहन ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में आयोजित रामलीला समारोह के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा की भूमिका सामने आई है। इस घटना को देश में सक्रिय युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, आयोजकों ने साफ किया है कि पुतला दहन का मकसद किसी राजनीतिक संगठन या प्रदर्शनकारी समूह को निशाना बनाना नहीं था। उनके मुताबिक यह आयोजन स्वच्छता और गंदगी के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए किया गया।
कपिल मिश्रा ने जलाया पुतला, विपक्ष ने लगाया युवाओं के अपमान का आरोप
श्री केशव रामलीला समिति की ओर से आयोजित समारोह में कॉकरोच का विशाल पुतला जलाए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पुतला दहन में हिस्सा लिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजन के बहाने युवा प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया। दिल्ली आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा आंदोलन के प्रतीक को धार्मिक उत्सव से जोड़कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है। भारद्वाज ने उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस आयुक्त से शिकायत करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
क्या हैं पूरे मामले के अहम तथ्य?
स्थान: नेताजी सुभाष प्लेस मैदान, पीतमपुरा, दिल्ली।
आयोजन: श्री केशव रामलीला समिति का दशहरा समारोह।
पुतले की ऊंचाई: लगभग 30 फुट।
संबंधित नेता: दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और भाजपा विधायक अशोक गोयल।
विवाद की वजह: कॉकरोच जनता पार्टी के युवा आंदोलन के बीच उसी प्रतीक का दहन।
विपक्ष की मांग: शिकायत के आधार पर एफआईआर और कार्रवाई।
आयोजकों का पक्ष: पुतला स्वच्छता का प्रतीक था, राजनीतिक विरोध का नहीं।
आयोजकों ने आरोपों को किया खारिज
श्री केशव रामलीला समिति से जुड़े भाजपा विधायक अशोक गोयल ने आयोजन से पहले स्पष्ट किया था कि कॉकरोच का पुतला गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है।
उनके मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली जैसे अभियानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आयोजकों का कहना है कि पुतला दहन को किसी राजनीतिक आंदोलन से जोड़ना उचित नहीं है।
इस तरह विवाद में 2 अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। विपक्ष इसे युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतीकात्मक कार्रवाई बता रहा है, जबकि आयोजन समिति इसे सामाजिक जागरूकता से जुड़ा कार्यक्रम बता रही है।
आखिर क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन?
कॉकरोच जनता पार्टी युवा प्रदर्शनकारियों का एक आंदोलन है, जिसने मई 2026 में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर आवाज उठानी शुरू की थी।
आंदोलन से जुड़े युवाओं ने कॉकरोच को अपनी राजनीतिक अभिव्यक्ति और प्रतिरोध का प्रतीक बनाया।
अभिजीत दिपके इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। संगठन ने परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, बेरोज़गारी और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाया है।
बाद में आंदोलन का दायरा बढ़ा और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए, हालांकि इन आरोपों को अपने आप में सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। अक्टूबर में दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर हुए प्रदर्शनों और कार्यकर्ताओं की हिरासत ने इस आंदोलन को दोबारा सुर्खियों में ला दिया।
अभिजीत दिपके ने पुतला दहन पर क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुतले से जुड़े वीडियो पर सोशल मीडिया के ज़रिये व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने मुफ्त प्रचार मिलने के लिए धन्यवाद जताया। उनकी प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि आंदोलन से जुड़े लोग इस घटनाक्रम को अपने संगठन के प्रतीक के संदर्भ में देख रहे हैं।
हालांकि, दिपके की प्रतिक्रिया और आयोजकों की सफाई अलग-अलग पक्षों को सामने रखती हैं। पुतला दहन के पीछे किसी राजनीतिक निर्देश या पूर्व निर्धारित योजना का स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
20 अक्टूबर को पुलिस से शिकायत, कार्रवाई की मांग
इस मामले में 20 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक आयोजन के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
विपक्ष ने भाजपा से जुड़े नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।