दिल्ली में यमुना और जल प्रबंधन की ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं की शुरुआत के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए और आप की आलोचना की।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 22 अक्टूबर 2026
✍️Wasi Siddiqui
यमुना के कार्यक्रम में राहुल पर निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सियासी हमला किया। करीब ₹8,941 करोड़ की इन परियोजनाओं का संबंध यमुना की सफाई, सीवेज प्रबंधन और पेयजल ढांचे से है।
‘अगले 30 साल’ का बयान
कार्यक्रम में शाह ने राहुल गांधी से कहा, “अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला है।” उन्होंने विपक्ष को जनता के बीच जाकर काम करने की नसीहत दी। यह बयान कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर उनकी राजनीतिक टिप्पणी है, भविष्य के चुनाव परिणाम का प्रमाण नहीं।
वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार
शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने पर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती है। उन्होंने घुसपैठियों के वोट बचाने का आरोप भी लगाया। यह शाह का आरोप है, उपलब्ध सामग्री में इसके समर्थन में कोई स्वतंत्र दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं है।
परियोजनाओं का मकसद
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की कार्यक्रम से पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, योजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट, सीवर नेटवर्क और जलापूर्ति ढांचे के काम शामिल हैं। उनका कहना था कि गंदे पानी को एकत्र कर उसका शोधन करना और नदी में पहुंचने से रोकना इन योजनाओं का मकसद है।
अहम तथ्य
• कार्यक्रम 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।
• दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
• परियोजनाओं की कुल राशि करीब ₹8,941 करोड़ बताई गई।
• शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, दोनों पर निशाना साधा।
उद्घाटन और शिलान्यास में फर्क
कार्यक्रम से पहले जल मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 33 का शिलान्यास निर्धारित था। इसलिए सभी 43 परियोजनाओं को पूरा हो चुका काम बताना सही नहीं होगा।
पंजाब की सियासत का भी ज़िक्र
शाह ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की आलोचना करते हुए पंजाब में एनडीए की सरकार बनने का दावा किया। इसे राजनीतिक आकलन के तौर पर देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में इस बयान पर कांग्रेस या आप का ताज़ा जवाब शामिल नहीं मिला।
यमुना की सफाई पर समयसीमा
शाह ने मई 2029 तक यमुना को साफ करने की प्रतिबद्धता जताई। यह सरकार की घोषित समयसीमा है। नदी की मौजूदा गुणवत्ता में सुधार या लक्ष्य हासिल होने की पुष्टि इससे नहीं होती।
आगे किन बातों पर नज़र
आगे परियोजनाओं की निर्माण प्रगति, सीवर कनेक्शन, शोधन संयंत्रों का संचालन और नदी की जल गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े अहम होंगे। उपलब्ध सामग्री में अगली समीक्षा बैठक की कोई निश्चित तारीख नहीं मिली।
नागरिकों के लिए असल सवाल
कार्यक्रम में राजनीतिक बयान प्रमुख रहे, लेकिन इन योजनाओं का आकलन दिल्ली की जलापूर्ति और सीवेज व्यवस्था में आए सुधार से होगा। घोषणाओं और ज़मीनी नतीजों के बीच फर्क बनाए रखना ज़रूरी है।
एडिटोरियल एनालिसिस
शाह के संबोधन में विकास परियोजनाओं और चुनावी बहस को साथ रखा गया। इससे सरकार को अपने काम का पक्ष पेश करने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का मंच मिला।
संपादकीय नज़रिए से 2 कसौटियां अहम हैं। चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की जांच दस्तावेज़ और सक्षम संस्थाओं के निष्कर्षों से हो। यमुना सफाई की सफलता का आकलन सार्वजनिक जल गुणवत्ता रिपोर्ट और परियोजनाओं के वास्तविक संचालन से हो।