मिशिगन में ट्रेनिंग के दौरान एफ-16 हादसा, पायलट सुरक्षित निकला
Harish Qureshi
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2026-09-18 11:41:37
मिशिगन में ट्रेनिंग मिशन के दौरान टेक्सास एयर नेशनल गार्ड का एफ-16 दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पायलट ने सुरक्षित इजेक्शन किया। संभावित बर्ड स्ट्राइक समेत हादसे की जांच जारी है।
मिशिगन, अमेरिका | 18 सितंबर 2026
By Mohd Haris
मिशिगन में ट्रेनिंग मिशन के दौरान हादसा
अमेरिका के मिशिगन में गुरुवार को टेक्सास एयर नेशनल गार्ड का एफ-16 लड़ाकू विमान नियमित ट्रेनिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे से पहले पायलट ने विमान से सुरक्षित इजेक्शन किया। उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
हादसा ग्रैंड ट्रैवर्स काउंटी के ग्रामीण इलाके में हुआ। विमान टेक्सास एयर नेशनल गार्ड की 149वीं फाइटर विंग से संबंधित था और मिशिगन में प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा ले रहा था।
पायलट ने सुरक्षित किया इजेक्शन
149वीं फाइटर विंग के प्रवक्ता सार्जेंट डेरेक गुटियरेज़ के मुताबिक पायलट ने विमान से सफलतापूर्वक इजेक्शन किया। उन्हें स्थानीय अस्पताल में चिकित्सा उपचार दिया जा रहा था।
ग्रैंड ट्रैवर्स काउंटी के शेरिफ माइकल डी. शीया ने बताया कि अस्पताल में पायलट होश में था और कानून प्रवर्तन अधिकारियों से बातचीत कर रहा था। हालांकि सैन्य अधिकारियों ने पायलट की पहचान और चोटों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
विमान प्रशिक्षण अभ्यास में शामिल था
यह एफ-16 मिशिगन के अल्पेना स्थित नेशनल गार्ड प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे अभ्यास का हिस्सा था। यह क्षेत्र डेट्रॉयट से करीब 190 मील उत्तर में स्थित है।
एयर एंड स्पेस फोर्सेज की रिपोर्ट के मुताबिक 149वीं फाइटर विंग इस प्रशिक्षण गतिविधि के तहत तैनाती से जुड़े अभ्यास कर रही थी। विमान का मूल बेस टेक्सास के जॉइंट बेस सैन एंटोनियो-लैकलैंड में है।
बर्ड स्ट्राइक की आशंका, लेकिन कारण अभी तय नहीं
हादसे के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हवाई यातायात से जुड़े ऑडियो में दूसरे पायलट को संभावित बर्ड स्ट्राइक का उल्लेख करते सुना गया। उसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया कि उसके विंगमैन को संभवतः पक्षी से टक्कर लगी थी।
हालांकि 149वीं फाइटर विंग के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें संभावित बर्ड स्ट्राइक की जानकारी नहीं थी और दुर्घटना की जांच जारी है। इसलिए बर्ड स्ट्राइक को फिलहाल संभावित वजह के रूप में ही देखा जा रहा है।
हादसे के बाद धुएं का गुबार
दुर्घटना के बाद घटनास्थल से काला धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने तेज आवाज और आग की लपटें देखने की जानकारी दी।
हादसा ग्रामीण क्षेत्र में हुआ और विमान के मलबे के आसपास आपातकालीन एजेंसियों ने सुरक्षा घेरा बनाया। शुरुआती प्रतिक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी गई।
खतरनाक रासायनिक पदार्थ के कारण निकासी
विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अधिकारियों ने खतरनाक रासायनिक पदार्थ के रिसाव की सूचना दी। इसके बाद घटनास्थल के आसपास करीब 1 मील के दायरे में अस्थायी निकासी कराई गई।
मिशिगन पुलिस ने पहले आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने के निर्देश दिए थे। बाद में प्रभावित इलाके को खाली कराने का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित रासायनिक पदार्थ की पहचान सार्वजनिक नहीं की।
एफ-16 में इस्तेमाल होता है हाइड्राज़ीन
रिपोर्ट के मुताबिक एफ-16 विमानों की आपातकालीन बिजली व्यवस्था में हाइड्राज़ीन नामक विषैला रसायन इस्तेमाल होता है। दुर्घटना के बाद रासायनिक रिसाव की आशंका इसी तरह के विमान प्रणालियों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन इस हादसे में रिसाव हुए पदार्थ की आधिकारिक पहचान अभी सामने नहीं आई है।
नागरिकों को लेकर कोई बड़ी क्षति सामने नहीं आई
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटना में पायलट के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। विमान ग्रामीण इलाके में गिरा, जिससे बड़े पैमाने पर नागरिक क्षति की सूचना सामने नहीं आई।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आसपास के लोगों को अस्थायी तौर पर हटाया। इसके बाद आपातकालीन एजेंसियों ने दुर्घटनास्थल का जायज़ा लिया।
एफ-16 की सुरक्षा पर फिर चर्चा
एफ-16 फाइटिंग फाल्कन अमेरिकी वायुसेना और सहयोगी देशों के बेड़े में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला प्रमुख लड़ाकू विमान है। अमेरिकी सेना ने 1979 से एफ-16 का संचालन किया है।
एयर फोर्स सेफ्टी सेंटर के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्टों में कहा गया है कि 2000 के बाद से एफ-16 से जुड़े कम से कम 14 क्लास ए हादसे दर्ज हुए हैं। इन घटनाओं की श्रेणी में विमान के नष्ट होने, सैन्यकर्मी की मौत या 2 मिलियन डॉलर से अधिक नुकसान जैसी स्थितियां शामिल होती हैं।
जांच से सामने आएगा असली कारण
मिशिगन हादसे में सबसे अहम सवाल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह को लेकर है। संभावित बर्ड स्ट्राइक की सूचना जरूर सामने आई है, लेकिन सैन्य अधिकारियों ने अभी इसे दुर्घटना का आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी रिकॉर्ड, उड़ान से जुड़े आंकड़ों, रेडियो संचार और घटनास्थल से मिले मलबे की जांच करेंगी। अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हादसे की वजह पर स्पष्ट स्थिति बन सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर सैन्य प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल, आपातकालीन इजेक्शन सिस्टम और आबादी वाले इलाकों के आसपास उड़ान संचालन को लेकर सवालों को सामने रखा है। फिलहाल प्राथमिकता दुर्घटनास्थल की सुरक्षा, पायलट के उपचार और हादसे की निष्पक्ष जांच पर है।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।