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मूड बेहतर करने के लिए 30 सेकंड की आदतें, तनाव के बीच ऐसे पाएं तुरंत राहत
Harish Qureshi
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2026-09-17 15:15:02
काम और रोजमर्रा की व्यस्तता के बीच मूड संभालने के लिए छोटे ब्रेक उपयोगी हो सकते हैं। गहरी सांस, पानी पीना, थोड़ी स्ट्रेचिंग और कुछ सेकंड का ध्यान आपके रूटीन में आसानी से शामिल हो सकता है।
नई दिल्ली | 17 सितंबर 2026
By Mohd Haris
मूड खराब होने पर लंबा ब्रेक जरूरी नहीं
दिनभर काम, ट्रैफिक, स्क्रीन टाइम और लगातार मिलने वाले संदेशों के बीच मानसिक थकान महसूस होना आम अनुभव है। ऐसे समय में हर व्यक्ति के पास लंबा ब्रेक लेने का वक्त नहीं होता।
ऐसे में कुछ छोटी आदतें आपके रूटीन में शामिल की जा सकती हैं। इनमें कुछ सेकंड के लिए रुकना, धीरे-धीरे सांस लेना, पानी पीना या शरीर को हल्का स्ट्रेच करना शामिल है।
इन गतिविधियों को किसी इलाज के विकल्प के तौर पर नहीं देखना चाहिए। इनका मकसद रोजमर्रा की व्यस्तता के बीच थोड़ी देर का विराम देना है।
30 सेकंड गहरी और धीमी सांस
कुछ सेकंड के लिए अपनी गतिविधि रोककर सांस पर ध्यान दें। धीरे-धीरे सांस अंदर लें और फिर आराम से बाहर छोड़ें।
इस दौरान फोन या दूसरी स्क्रीन से नजर हटाकर केवल सांस की गति पर ध्यान देने की कोशिश करें। यह एक छोटा माइंडफुल ब्रेक बन सकता है।
पानी का एक गिलास
पानी पीने के लिए कुछ सेकंड निकालना भी आपके रूटीन में एक छोटा विराम जोड़ता है। काम में लगातार व्यस्त रहने के दौरान लोग पानी पीना भूल जाते हैं।
अपने डेस्क या कार्यस्थल के पास पानी रखना इस आदत को आसान बना सकता है।
30 सेकंड की हल्की स्ट्रेचिंग
लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बाद कंधों, गर्दन और हाथों को हल्के तौर पर स्ट्रेच करने के लिए कुछ सेकंड निकालें।
हर गतिविधि आरामदायक सीमा में करें। अगर किसी मूवमेंट से दर्द या असहजता हो, तो उसे रोक दें।
आंखों को स्क्रीन से विराम दें
लगातार स्क्रीन देखने के बीच कुछ सेकंड के लिए नजर स्क्रीन से हटाएं। दूर किसी वस्तु की ओर देखें और आंखों को आराम दें।
यह आदत खास तौर पर उन लोगों के लिए रूटीन का हिस्सा बन सकती है जो लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं।
अपना ध्यान वर्तमान पल पर लाएं
मूड खराब होने पर हमारा ध्यान बार-बार उसी परेशानी की तरफ जा सकता है। ऐसे में कुछ सेकंड के लिए आसपास की चीजों पर ध्यान देना एक छोटा मानसिक विराम देता है।
आप आसपास दिखाई देने वाली कुछ चीजों को नोटिस कर सकते हैं, कमरे की आवाजों पर ध्यान दे सकते हैं या अपने शरीर की स्थिति महसूस कर सकते हैं।
चेहरे और शरीर को रिलैक्स करें
तनाव के दौरान लोग अनजाने में जबड़े, कंधे या माथे की मांसपेशियों में खिंचाव रखते हैं। कुछ सेकंड के लिए कंधों को ढीला छोड़ना और जबड़े को आराम देना शरीर को रिलैक्स करने की याद दिला सकता है।
इसमें किसी खास उपकरण या लंबे समय की जरूरत नहीं होती।
एक छोटा सकारात्मक काम करें
किसी सहकर्मी को धन्यवाद कहना, किसी दोस्त को छोटा संदेश भेजना या अपने आसपास की कोई अच्छी चीज नोटिस करना भी रोजमर्रा के रूटीन में सकारात्मक विराम जोड़ सकता है।
यह हर स्थिति में मूड तुरंत बदल देगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। लेकिन छोटी सकारात्मक गतिविधियां दिन के अनुभव को संतुलित करने की कोशिश का हिस्सा बन सकती हैं।
30 सेकंड की आदतों को रूटीन कैसे बनाएं
इन आदतों को याद रखने का आसान तरीका है इन्हें रोजमर्रा के काम से जोड़ना। जैसे फोन कॉल खत्म होने के बाद कुछ धीमी सांस लेना, पानी पीते समय स्क्रीन से नजर हटाना या हर घंटे बैठने की स्थिति बदलना।
एक साथ कई आदतें शुरू करने की जरूरत नहीं है। पहले ऐसी एक गतिविधि चुनें जिसे आपके लिए नियमित रूप से करना आसान हो।
कब सिर्फ छोटी आदत काफी नहीं
अगर खराब मूड लगातार बना रहता है, रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं या व्यक्ति लंबे समय तक उदासी, बेचैनी या निराशा महसूस करता है, तो इसे केवल छोटी आदतों से संभालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
ऐसी स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित कदम है। अगर खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आएं, तो तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति और स्थानीय आपातकालीन या मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवा से संपर्क करें।
मूड सुधारने का मतलब समस्या को नजरअंदाज करना नहीं
30 सेकंड की आदतें किसी बड़ी परेशानी का समाधान नहीं हैं। इनका इस्तेमाल दिन के बीच छोटे विराम के तौर पर किया जा सकता है।
रोजमर्रा की जिंदगी में नींद, नियमित भोजन, शारीरिक गतिविधि, सामाजिक संपर्क और पर्याप्त आराम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार बने रहने वाले मानसिक या भावनात्मक दबाव को गंभीरता से लेना जरूरी है।
छोटे ब्रेक का मकसद खुद को कुछ पल देना है। अगर 30 सेकंड में आप रुकते हैं, सांस पर ध्यान देते हैं और अपने शरीर या आसपास के माहौल को नोटिस करते हैं, तो यह व्यस्त दिन के बीच एक सरल सेल्फ-केयर रूटीन बन सकता है।
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।