जूनियर बॉक्सिंग में मुजफ्फरनगर का दम, दो खिलाड़ियों ने जीते रजत पदक
चित्रकूट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मुजफ्फरनगर के मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन
Locatione:-
Muzaffarnagar
Date:-
17 July 2026
Byline:-
Wasi Siddiqui
डीएम ने रजत पदक विजेता जूनियर बॉक्सरों को किया
सम्मानित
चित्रकूट में आयोजित प्रदेश स्तरीय जूनियर बालक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में मुजफ्फरनगर के दो खिलाड़ियों ने रजत पदक जीतकर जिले की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाई। जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किए जाने से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और अब उनसे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।
मुजफ्फरनगर के युवा मुक्केबाजों ने प्रदेश में
मनवाया लोहा
मुजफ्फरनगर के लिए खेल जगत से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। चित्रकूट में आयोजित प्रदेश स्तरीय जूनियर बालक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जिले के दो युवा मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि ने यह संकेत दिया है कि जनपद में बॉक्सिंग जैसी प्रतिस्पर्धी खेल विधा में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने दोनों खिलाड़ियों को अपने कार्यालय में सम्मानित करते हुए उन्हें खेल किट भेंट की, पुष्पमाला पहनाई और मिठाई खिलाकर राष्ट्रीय स्तर की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। यह सम्मान खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।
प्रदेश स्तरीय जूनियर बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन
10 से 13 जुलाई 2026 तक चित्रकूट में आयोजित प्रदेश स्तरीय जूनियर बालक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच मुजफ्फरनगर के अंगद ने 63-66 किलोग्राम भार वर्ग में तथा यश ने 50-52 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट के दौरान संतुलित, तकनीकी रूप से मजबूत और प्रतिस्पर्धात्मक रहा। हालांकि वे स्वर्ण पदक से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
खिलाड़ियों के सम्मान से बढ़ा उत्साह
जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे प्रभावी जरिया है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मान समारोह में अंगद के पिता धर्मेंद्र कुमार तथा गुरुकुल के आचार्य सुरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। परिवार और प्रशिक्षकों की मौजूदगी इस उपलब्धि को और अधिक प्रेरणादायक बनाती है।
प्रशिक्षण व्यवस्था का दिखा असर
जिला खेल कार्यालय के अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने प्रभारी क्रीड़ाधिकारी भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त किया। पूर्व अंडर-19 भारतीय बॉक्सिंग टीम के इंटरनेशनल कोच रह चुके भूपेंद्र सिंह का अनुभव खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी में अहम माना जा रहा है।
उनके नेतृत्व में जिले के कई युवा खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रतियोगी वातावरण खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लगातार बेहतर बना रहा है।
खेल संस्कृति के लिए सकारात्मक संदेश
किसी भी जिले में राज्य स्तर पर पदक जीतना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि पूरे खेल तंत्र की सफलता भी मानी जाती है। यह उपलब्धि संकेत देती है कि यदि खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतियोगिताओं का अवसर मिलता रहे तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को लगातार प्रोत्साहन मिलना चाहिए, क्योंकि इन्हीं क्षेत्रों से भविष्य के राष्ट्रीय खिलाड़ी निकलते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेंगी उम्मीदें
प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद अब दोनों खिलाड़ियों से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अगले चरण की तैयारी उनके लिए अधिक चुनौतीपूर्ण होगी, जहां प्रतिस्पर्धा का स्तर और अधिक ऊंचा होगा।
यदि प्रशिक्षण और सुविधाओं का क्रम इसी प्रकार जारी रहा तो आने वाले वर्षों में मुजफ्फरनगर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
चित्रकूट में मिली यह सफलता केवल दो खिलाड़ियों की उपलब्धि नहीं बल्कि मुजफ्फरनगर की उभरती खेल संस्कृति का प्रमाण भी है। राज्य स्तर पर रजत पदक जीतने वाले अंगद और यश ने यह साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी बड़ी पहचान बना सकते हैं। अब खेल प्रेमियों की निगाहें उनकी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेंगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।