विशेष प्रवर्तन अभियान: मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
देशी शराब दुकानों पर सघन जांच, स्टॉक और QR कोड की हुई पड़ताल
Locatione:-
Muzaffarnagar
Date:-
17 July 2026
Byline:-
Wasi Siddiqui
मुजफ्फरनगर: आबकारी विभाग ने थोक अनुज्ञापियों
को दिए अहम निर्देश
मुजफ्फरनगर में विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी विभाग ने देशी शराब की थोक एवं फुटकर व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। दुकानों पर स्टॉक, QR कोड, CCTV, POS मशीन और निर्धारित मूल्य पर बिक्री की जांच की गई। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब पर रोक, पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मुजफ्फरनगर में विशेष प्रवर्तन अभियान, आबकारी विभाग ने बढ़ाई निगरानी प्रशासन ने शराब वितरण व्यवस्था पर कसी पकड़
मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत शराब वितरण और बिक्री व्यवस्था पर व्यापक निगरानी शुरू कर दी है। अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में समस्त देशी थोक अनुज्ञापियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी मांग को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना और फुटकर दुकानों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना था।
थोक विक्रेताओं को दिए गए स्पष्ट निर्देश
बैठक में सभी देशी शराब के थोक अनुज्ञापियों को 42.8 प्रतिशत क्षमता वाली 100 एमएल बोतलों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी फुटकर दुकान पर स्टॉक की कमी नहीं होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर आसानी से उत्पाद उपलब्ध हो सके। प्रशासन का मानना है कि नियमित आपूर्ति से अवैध शराब की बिक्री की संभावना भी कम होती है।
दुकानों पर चला सघन निरीक्षण अभियान
बैठक के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आबकारी निरीक्षकों ने शराब दुकानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर का भौतिक सत्यापन किया गया तथा उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्येक बिक्री POS मशीन के माध्यम से दर्ज हो, जिससे पूरी बिक्री प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनी रहे।
QR कोड और CCTV पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान दुकानों में उपलब्ध बोतलों के QR कोड विभागीय ऐप के माध्यम से स्कैन कर उनकी वैधता की जांच की गई। यह व्यवस्था नकली अथवा अवैध शराब की पहचान करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके साथ ही दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की कार्यशील स्थिति भी जांची गई और संचालकों को उन्हें निरंतर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
गोपनीय टेस्ट परचेज से परखी गई व्यवस्था
आबकारी विभाग ने निर्धारित मूल्य पर शराब बिक्री सुनिश्चित करने के लिए गोपनीय टेस्ट परचेज भी कराए। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह देखा गया कि कहीं उपभोक्ताओं से अधिक मूल्य तो नहीं वसूला जा रहा है। यदि किसी दुकान पर अनियमितता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का कहना है कि इस प्रकार की जांच उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दबिश
विशेष प्रवर्तन अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। आबकारी निरीक्षकों ने ग्राम गादला और जोली में भी दबिश देकर संभावित अवैध गतिविधियों की जांच की। हालांकि विभाग की ओर से किसी बरामदगी अथवा गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना बताया गया।
अवैध शराब रोकने की रणनीति का हिस्सा
उत्तर प्रदेश में समय-समय पर आबकारी विभाग विशेष प्रवर्तन अभियान चलाता रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य केवल राजस्व संरक्षण नहीं बल्कि जनसुरक्षा भी है। अवैध शराब से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए लाइसेंसी दुकानों की निगरानी, डिजिटल सत्यापन और नियमित निरीक्षण को प्रशासनिक रणनीति का अहम हिस्सा बनाया गया है।
डिजिटल निगरानी से बढ़ रही पारदर्शिता
POS मशीन, QR कोड और CCTV जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के उपयोग से आबकारी विभाग बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इससे स्टॉक की वास्तविक स्थिति, बिक्री का रिकॉर्ड और उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच आसान होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
हालांकि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब की रोकथाम अब भी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन के लिए नियमित निरीक्षण, स्थानीय सूचना तंत्र और जनसहयोग समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि जागरूकता भी इस अभियान की सफलता में अहम भूमिका निभाती है।
आगे की रणनीति
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा। दुकानों पर औचक निरीक्षण, डिजिटल सत्यापन और गोपनीय जांच नियमित रूप से की जाएंगी। यदि कहीं भी अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लाइसेंसधारकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष प्रवर्तन अभियान के माध्यम से मुजफ्फरनगर
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शराब की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता, वैधता
और उपभोक्ता हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। नियमित निरीक्षण, डिजिटल सत्यापन और ग्रामीण
क्षेत्रों में दबिश जैसी कार्रवाइयों से अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा
रही है। आने वाले समय में इस अभियान की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निगरानी
व्यवस्था कितनी निरंतर और निष्पक्ष बनी रहती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।