मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान दिवस की बैठक बिजली विभाग पर लगे कथित अवैध वसूली के आरोपों के कारण विवादों में रही। किसानों ने ट्रांसफॉर्मर बदलने, बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रशासन ने शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जबकि किसानों ने चेतावनी दी कि यदि वसूली जारी रही तो आंदोलन होगा। पूर्व की किसान दिवस बैठकों में भी बिजली और ट्रांसफॉर्मर के मुद्दे प्रमुख रहे हैं।
📍 मुजफ्फरनगर | 📰 15 जुलाई 2026 | ✍️ वसी सिद्दीकी
किसान दिवस में ट्रांसफॉर्मर वसूली के आरोप से गरमाई बैठक
किसानों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
जिला पंचायत सभागार में बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस उस समय गर्मा गया जब किसानों ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर पर फुंके ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर किसानों से कथित रूप से अवैध धनराशि मांगने का आरोप लगाया। बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया और किसान नेताओं ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
किसान नेता नीरज पहलवान ने स्पष्ट कहा कि ट्रांसफॉर्मर बदलना विभाग की जिम्मेदारी है और इसके लिए किसानों से किसी प्रकार की रकम नहीं ली जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी किसान से धन की मांग की गई तो किसान संगठन इसका विरोध करेंगे।
फोन न उठाने पर भी जताई नाराज़गी
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, जिससे समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बिजली आपूर्ति से लेकर जलभराव तक उठे कई मुद्दे
बैठक केवल ट्रांसफॉर्मर विवाद तक सीमित नहीं रही। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित बिजली आपूर्ति, लंबे समय तक फुंके ट्रांसफॉर्मर न बदले जाने, जर्जर सड़कों, जलभराव तथा ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग से जुड़ी समस्याएं भी विस्तार से रखीं।
अधिकारियों ने सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि जिन मामलों की जांच आवश्यक होगी, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह मुद्दा नया नहीं
मुजफ्फरनगर में किसान दिवस की पिछली बैठकों में भी बिजली आपूर्ति और खराब ट्रांसफॉर्मरों का मुद्दा लगातार उठता रहा है। मई 2026 की किसान दिवस बैठक में भी किसानों ने महीनों से खराब पड़े ट्रांसफॉर्मरों और अपर्याप्त बिजली आपूर्ति पर नाराजगी जताई थी। प्रशासन ने तब भी विभागीय अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए थे।
हाल के दिनों में बिजली विभाग के एक अन्य मामले में नियमों के विपरीत बिजली कनेक्शन जारी करने के आरोप में एक जेई के निलंबन की कार्रवाई भी चर्चा में रही, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हुए हैं। हालांकि वर्तमान किसान दिवस में लगाए गए वसूली के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संतुलित दृष्टिकोण भी जरूरी
किसानों के आरोप गंभीर हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना जांच के बाद ही संभव होगा। बैठक में आरोप लगाए गए, पर समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
आगे क्या?
यदि प्रशासन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करता है तो इससे किसानों का भरोसा मजबूत होगा। वहीं यदि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हुआ तो किसान संगठनों द्वारा आंदोलन की चेतावनी प्रशासन के लिए नई चुनौती बन सकती है।
संपादकीय दृष्टिकोण;✍️ वसी सिद्दीकीकिसान दिवस का उद्देश्य किसानों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना है। ऐसे मंच तभी प्रभावी साबित होंगे जब बैठकों में उठाए गए मुद्दों का समाधान धरातल पर दिखाई दे। केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई ही किसानों का विश्वास कायम रख सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।