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NEET UG 2026 Result: 11.21 लाख क्वालिफाई, पंजाब-हरियाणा के दो छात्र बने टॉपर

Shahana • 2026-07-17 02:29:53
NEET UG 2026 Result: 11.21 लाख क्वालिफाई, पंजाब-हरियाणा के दो छात्र बने टॉपर

NEET UG 2026 Result जारी, 11.21 लाख पास, दो छात्रों ने किया टॉप

री-NEET के बाद आया रिजल्ट, मेडिकल एडमिशन की दौड़ हुई तेज


Location:-  Panchkula, Haryana

Date:-  17 July 2026

Byline:-  Shahana


NEET UG Result
में बड़ा उछाल, कटऑफ बढ़ी, 715 अंक पर संयुक्त टॉपर
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं। पंजाब और हरियाणा के दो छात्रों ने 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। अब देशभर में मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया पर निगाहें टिकी हैं।

NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी, मेडिकल दाखिले की सबसे बड़ी परीक्षा का इंतजार खत्म

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य हेल्थ साइंस कोर्स में दाखिले के लिए क्वालिफाई हुए हैं। परिणाम ऐसे समय आया है जब परीक्षा पहले पेपर लीक विवाद के कारण रद्द हुई थी और बाद में दोबारा आयोजित कराई गई।

रिजल्ट जारी होने के साथ ही देशभर के लाखों परिवारों की प्रतीक्षा समाप्त हुई है। अब अगला चरण मेडिकल काउंसलिंग और सीट आवंटन का होगा, जो इस परीक्षा से जुड़े हर अभ्यर्थी के भविष्य को तय करेगा।

पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने संयुक्त रूप से किया टॉप

इस वर्ष हरियाणा के पांशुल बंसल और पंजाब के आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉप किया है। यह स्कोर इस वर्ष का सर्वोच्च स्कोर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 19 विद्यार्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 138 अभ्यर्थियों ने 690 से ऊपर स्कोर किया। यह संकेत देता है कि इस वर्ष भी शीर्ष रैंक की प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रही।

कटऑफ में आया बड़ा बदलाव

NEET UG 2026 की सबसे महत्वपूर्ण बातों में एक क्वालिफाइंग कटऑफ में वृद्धि भी रही। जनरल और EWS श्रेणी के लिए 50वें पर्सेंटाइल की कटऑफ पिछले वर्ष की तुलना में काफी ऊपर पहुंच गई है। इस बदलाव का अर्थ यह नहीं है कि सभी छात्रों के अंक बढ़े हैं, बल्कि यह परीक्षा के समग्र प्रदर्शन और पर्सेंटाइल वितरण को भी दर्शाता है। अंतिम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश केवल क्वालिफाइंग कटऑफ से नहीं, बल्कि ऑल इंडिया रैंक, श्रेणी, सीट उपलब्धता और काउंसलिंग के आधार पर तय होगा।

छात्राओं का प्रदर्शन रहा प्रभावशाली

NTA के जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष क्वालिफाई करने वालों में लगभग 58 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। यह लगातार बढ़ती महिला भागीदारी और मेडिकल शिक्षा में उनके मजबूत प्रदर्शन की ओर इशारा करता है।

रिपोर्टों के मुताबिक शीर्ष रैंक हासिल करने वाले अधिकांश उम्मीदवार पहली बार परीक्षा देने वाले थे और बड़ी संख्या 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग की रही।

पेपर लीक विवाद के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा

NEET UG 2026 का पूरा परीक्षा चक्र सामान्य नहीं रहा। शुरुआती परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आए, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद NTA ने 21 जून को देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की।

यह निर्णय लाखों छात्रों के लिए मानसिक और शैक्षणिक चुनौती लेकर आया। कई अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी, जबकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।

क्या रिजल्ट समय पर आने से राहत मिली?

हालांकि परीक्षा दोबारा करानी पड़ी, लेकिन परिणाम अपेक्षाकृत समय पर घोषित कर दिया गया। इससे मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया में बड़ी देरी की आशंका कम हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर रिजल्ट जारी होना छात्रों और संस्थानों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग निर्धारित समयसीमा के भीतर शुरू हो सकेगी।

केवल टॉपर्स नहीं, पूरी चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण

हर वर्ष टॉपर्स चर्चा में रहते हैं, लेकिन वास्तविक प्रतिस्पर्धा लाखों छात्रों के बीच उपलब्ध मेडिकल सीटों को लेकर होती है। भारत में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें सीमित हैं, जबकि पात्र उम्मीदवारों की संख्या कहीं अधिक है। इस कारण उच्च अंक प्राप्त करने वाले कई छात्रों को भी अपनी पसंद का कॉलेज नहीं मिल पाता। वहीं कुछ छात्र श्रेणी, राज्य कोटा और ऑल इंडिया कोटा के आधार पर बेहतर अवसर हासिल कर लेते हैं।

परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल अभी खत्म नहीं

पेपर लीक विवाद ने NEET परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल दोबारा परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं होगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और जवाबदेही की मजबूत व्यवस्था विकसित करनी होगी।

दूसरी ओर NTA का कहना है कि दोबारा परीक्षा निष्पक्ष वातावरण में आयोजित की गई और परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार किए गए हैं।

आगे क्या होगा?

अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। उम्मीदवारों को अपने स्कोर, ऑल इंडिया रैंक, श्रेणी और पसंदीदा कॉलेज के आधार पर काउंसलिंग में भाग लेना होगा।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अभ्यर्थी केवल अंक पर नहीं, बल्कि आधिकारिक काउंसलिंग शेड्यूल, दस्तावेज़ सत्यापन और विकल्प भरने की प्रक्रिया पर भी बराबर ध्यान दें।

 

NEET UG 2026 केवल एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत का निर्णायक पड़ाव है। इस वर्ष पेपर लीक विवाद ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए, लेकिन समय पर परिणाम जारी होने से दाखिले की प्रक्रिया को गति मिली है। अब सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध काउंसलिंग सुनिश्चित करना होगी ताकि योग्य अभ्यर्थियों को बिना अनावश्यक बाधा के मेडिकल शिक्षा का अवसर मिल सके।

 

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Shahana

Shahana

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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