मुंबई के भांडुप में 10वीं मंजिल से गिरी 26 वर्षीय महिला पेड़ की डाल में फंस गई। दमकल ने करीब 20 फीट की ऊंचाई से उसे नीचे उतारा। पुलिस घटना की वजह की जांच कर रही है।
भांडुप पश्चिम, मुंबई
27 अगस्त 2026
Mohd Naved
मुंबई के भांडुप पश्चिम इलाके में बुधवार सुबह एक महिला के 10वीं मंजिल से गिरने की घटना सामने आई। महिला सीधे जमीन पर गिरने के बजाय इमारत के नीचे मौजूद पेड़ की डालियों में फंस गई। इससे उसकी जान बच गई, हालांकि एक मोटी डाल उसकी जांघ में घुस गई और वह जमीन से करीब 20 फीट ऊपर पेड़ में अटकी रही।
घटना तुलशेतपाड़ा इलाके की सनशाइन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक महिला की उम्र 26 वर्ष है और उसकी शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। महिला की पहचान प्रतीक्षा हिवराले के रूप में सामने आई है।
प्रत्यक्ष परिस्थितियों के मुताबिक महिला 10वीं मंजिल से नीचे गिरी और रास्ते में पेड़ की डालियों में अटक गई। एक मोटी डाल उसकी जांघ में फंस गई थी। इसी वजह से वह जमीन तक नहीं पहुंची और पेड़ पर ही लटक गई।
मुंबई दमकल विभाग के मुताबिक घटना की सूचना सुबह करीब साढ़े नौ बजे मिली। दमकल की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उस समय महिला पेड़ की डाल में फंसी हुई थी और उसे अतिरिक्त चोट से बचाते हुए नीचे उतारना चुनौतीपूर्ण था।
महिला को नीचे उतारने के लिए दमकलकर्मियों ने एंगस लैडर की मदद से पेड़ की डाल तक पहुंच बनाई। रेस्क्यू के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जांघ में फंसी डाल को हटाना थी।
दमकलकर्मियों ने इलेक्ट्रिक आरी से डाल को काटा। इसके साथ ही महिला को स्थिर रखने के लिए रस्सियों और कैनवास स्ट्रेचर का इस्तेमाल किया गया। ऑपरेशन के दौरान डाल को शरीर से सीधे खींचकर निकालने के बजाय उसे नियंत्रित तरीके से काटा गया, ताकि महिला को और चोट न पहुंचे।
रेस्क्यू टीम ने डाल के हिस्से को महिला की जांघ में फंसा रहने दिया और उसे सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा। इसके बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। दमकल अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला चिकित्सकीय वजहों से लिया गया, क्योंकि मौके पर डाल को जबरन निकालना जोखिम भरा था।
रेस्क्यू के बाद घायल महिला को शुरुआती उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे सायन अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भेजा गया, जहां आगे के उपचार की व्यवस्था की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक महिला की जांघ में गंभीर चोट आई है और उसे सर्जरी की जरूरत बताई गई है। हालांकि, उसकी मौजूदा चिकित्सकीय स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि महिला 10वीं मंजिल से नीचे कैसे गिरी। पुलिस अभी इसकी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला का बयान अभी दर्ज नहीं हो सका है। अस्पताल में उपचार की स्थिति को देखते हुए पुलिस उसके बयान का इंतजार कर रही है। बयान दर्ज होने के बाद घटना के कारण को लेकर स्थिति ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
कुछ रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से इसे आत्महत्या के प्रयास की आशंका से जोड़ा गया है, लेकिन इसे अभी अंतिम तथ्य नहीं माना गया है। पुलिस की जांच पूरी होने और महिला का बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वह किन परिस्थितियों में 10वीं मंजिल से नीचे गिरी।
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टिंग के मुताबिक महिला की शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। घटना की जानकारी उसके मायके के परिजनों को दे दी गई है।
इस तथ्य को घटना के कारण के रूप में नहीं देखा जा सकता। महिला के वैवाहिक जीवन या निजी परिस्थितियों से जुड़ी कोई भी अटकल बिना आधिकारिक पुष्टि के लगाना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस की जांच और महिला के बयान को ही इस मामले में निर्णायक माना जाएगा।
महिला के पेड़ में फंसे होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। आपात स्थिति में शुरुआती सूचना मिलने के बाद दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया।
ऐसे मामलों में समय पर सूचना और प्रशिक्षित बचाव दल की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी महिला को पेड़ से निकालने के लिए दमकलकर्मियों को ऊंचाई पर पहुंचकर नियंत्रित तरीके से अभियान चलाना पड़ा।
10वीं मंजिल जैसी ऊंचाई से गिरने की घटना के बाद पेड़ की मौजूदगी ने महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, इस घटना को सामान्य सुरक्षा उपायों का विकल्प नहीं माना जा सकता।
ऊंची इमारतों में खिड़कियों, बालकनी और अन्य खुले हिस्सों की सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के लिए ऊंचाई से गिरने के जोखिम को कम करने वाली व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि महिला के गिरने के पीछे दुर्घटना थी, आत्महत्या का प्रयास था या कोई अन्य परिस्थिति। इसलिए घटना के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट ली गई है और महिला की स्थिति के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला का बयान इस जांच का अहम हिस्सा होगा। इसके अलावा पुलिस इमारत की खिड़की, घटनास्थल, आसपास मौजूद लोगों और घटना के समय की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर सकती है।
जब तक जांच पूरी नहीं होती, इस घटना को केवल 10वीं मंजिल से गिरने और पेड़ की डाल में फंसने के बाद हुए बचाव के रूप में ही देखा जाना चाहिए। महिला का बचना राहत की बात है, लेकिन उसकी चोटें गंभीर हैं और आगे का चिकित्सकीय उपचार महत्वपूर्ण रहेगा।
मुंबई के भांडुप पश्चिम में 10वीं मंजिल से गिरने के बाद पेड़ की डाल में फंसी महिला को दमकल विभाग ने कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित नीचे उतारा। डाल उसकी जांघ में फंसी होने के कारण अभियान बेहद सावधानी से चलाना पड़ा।
महिला को उपचार के लिए सायन अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि वह 10वीं मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरी। उसका बयान दर्ज होने के बाद मामले की तस्वीर ज्यादा साफ होने की उम्मीद है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।