मुंबई के भुलेश्वर में गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान 22 फुट ऊंची प्रतिमा अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की जान चली गई और पांच घायल हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रतिमा के सपोर्ट सिस्टम में खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
📍 मुंबई, महाराष्ट्र
📰 23 अगस्त 2026
✍️ Apurva Choudhary
भुलेश्वर में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा
मुंबई के दक्षिणी हिस्से में गणेश उत्सव से पहले हुए एक समारोह के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया। भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा को पंडाल तक ले जाने के दौरान करीब 22 फुट ऊंची प्रतिमा अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं।
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे डॉ. अटमाराम मर्चेंट रोड के पास हुई। प्रतिमा को बायकुला से भुलेश्वर स्थित पंडाल की तरफ ले जाया जा रहा था और पंडाल से कुछ दूरी पहले ही वह असंतुलित होकर नीचे गिर गई।
प्रतिमा के नीचे आए लोग
प्रतिमा गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत की कोशिश शुरू की और प्रशासन को घटना की जानकारी दी।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 33 वर्षीय संकते नेवशे और 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी के तौर पर हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनमें से एक व्यक्ति गणपति मंडल से जुड़ा हुआ था।
दो बच्चों समेत पांच लोग घायल
हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच और सात साल की उम्र के दो बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है। हालांकि घायलों की स्थिति में बदलाव की संभावना को देखते हुए मेडिकल निगरानी जारी रहना महत्वपूर्ण है।
प्रतिमा गिरने की वजह पर जांच
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी ऊंची प्रतिमा अचानक कैसे गिरी। शुरुआती जांच में प्रतिमा को संभालने वाले सपोर्ट सिस्टम में तकनीकी खराबी की आशंका सामने आई है।
पुलिस की जांच में वेल्डिंग या सपोर्ट स्ट्रक्चर के कमजोर होने की संभावना पर भी गौर किया जा रहा है। कुछ शुरुआती जानकारियों में नट-बोल्ट से जुड़े तकनीकी पहलुओं का भी जिक्र हुआ है, लेकिन अभी किसी एक वजह को हादसे का अंतिम कारण मानना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने शुरू की कानूनी जांच
हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान प्रतिमा की बनावट, उसे ले जाने वाले सपोर्ट सिस्टम, वेल्डिंग और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा सकती है। इसके साथ ही समारोह के आयोजन और प्रतिमा को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी देखा जाएगा।
राहत टीमों ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, बीएमसी कर्मचारियों और एंबुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं।
घायलों को अस्पताल भेजने के साथ घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए इलाके में यातायात और आवाजाही भी प्रभावित हुई।
क्षतिग्रस्त प्रतिमा को हटाया गया
गिरने के बाद गणेश प्रतिमा को काफी नुकसान पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में क्षतिग्रस्त प्रतिमा के हिस्सों को घटनास्थल से हटाया गया।
बाद में प्रतिमा को आगे की प्रक्रिया के लिए ले जाया गया। इस दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
उत्सव से पहले सुरक्षा पर सवाल
मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं। ऐसे में विशाल प्रतिमाओं को ले जाने, स्थापित करने और उनके आसपास लोगों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।
भुलेश्वर की घटना ने एक बार फिर बड़े आकार की प्रतिमाओं के परिवहन और सपोर्ट स्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि इस हादसे के आधार पर पूरे गणेश उत्सव की व्यवस्थाओं पर कोई व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
तकनीकी जांच से सामने आएगी असली वजह
किसी भारी और ऊंची प्रतिमा को सड़क के रास्ते ले जाने के दौरान उसका संतुलन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। सपोर्ट सिस्टम में मामूली तकनीकी खराबी भी गंभीर हादसे में बदल सकती है।
इसीलिए हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए प्रतिमा के सपोर्ट स्ट्रक्चर और इस्तेमाल किए गए उपकरणों की तकनीकी जांच अहम होगी। पुलिस जांच पूरी होने से पहले जिम्मेदारी तय करना या किसी व्यक्ति को हादसे के लिए दोषी बताना उचित नहीं होगा।
प्रशासन के सामने सुरक्षा की चुनौती
मुंबई में गणेश उत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा बड़ा पर्व है। हर साल बड़ी संख्या में मंडल विशाल प्रतिमाओं के साथ जुलूस और आगमन कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
ऐसे आयोजनों में भीड़, यातायात, बिजली के तार, रास्ते की चौड़ाई और प्रतिमा के वजन जैसे कई सुरक्षा पहलू एक साथ सामने आते हैं। भुलेश्वर हादसा आयोजकों और प्रशासन के लिए इन सभी व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा का कारण बन सकता है।
हादसे को लेकर क्या स्पष्ट है
इस समय सबसे स्पष्ट तथ्य यह है कि 22 फुट की गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए। पुलिस और संबंधित एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं।
प्रतिमा गिरने की तकनीकी वजह को लेकर शुरुआती आशंकाएं सामने आई हैं, लेकिन इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
आगे क्या होगा
अब जांच का मुख्य फोकस प्रतिमा के सपोर्ट सिस्टम और उसे ले जाने की पूरी प्रक्रिया पर रह सकता है। इसके अलावा आयोजन से जुड़े सुरक्षा इंतजामों और तकनीकी मानकों की भी जांच की जा सकती है।
यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।