IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से करीब 8-10 घंटे पूछताछ हुई। पुलिस बयान, CCTV और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
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मुंबई, महाराष्ट्र
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03 October 2026
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Mohd Naved
IIT बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद जांच जारी
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की तफ्तीश आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान दर्ज किया है। उनसे करीब 8-10 घंटे तक पूछताछ की गई।
पुलिस की पूछताछ का फोकस परीक्षा के दौरान साहिल और प्रोफेसर के बीच हुई बातचीत, परीक्षा हॉल से साहिल को बाहर भेजे जाने की परिस्थितियों और इसके बाद हुई घटनाओं पर रहा। पुलिस उपलब्ध CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से प्रोफेसर के बयान का मिलान कर रही है।
18 सितंबर को हुई थी साहिल वाकोडे की मौत
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे में BTech के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर को उन्हें संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था।
इससे पहले उसी दिन एक मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के मुताबिक पुलिस अब परीक्षा हॉल में हुई घटनाओं और साहिल की मौत के बीच के घटनाक्रम को क्रमवार जोड़ने की कोशिश कर रही है।
प्रोफेसर डूला से क्या पूछा गया
क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर डूला से मुख्य तौर पर परीक्षा के दौरान साहिल के साथ हुई बातचीत के बारे में सवाल किए।
जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन से जुड़ा विवाद कैसे सामने आया, साहिल को परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया के तहत क्या बताया गया और इसके बाद किन अधिकारियों या शिक्षकों से उनकी बातचीत हुई।
जांच एजेंसी उस समयावधि की घटनाओं को भी खंगाल रही है, जो परीक्षा हॉल की घटना और साहिल की बाद की गतिविधियों के बीच आती है।
प्रोफेसर ने आरोपों से किया इनकार
पूछताछ के दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने उनके खिलाफ लगाए गए उत्पीड़न और जातिगत टिप्पणी से जुड़े आरोपों से इनकार किया है।
उनके बयान के मुताबिक उन्होंने साहिल के साथ संस्थान की निर्धारित गाइडलाइन और प्रक्रिया के अनुसार व्यवहार किया। यह उनका पक्ष है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं मानी जा सकती।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
साहिल के परिवार ने प्रोफेसर डूला पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोप लगाए हैं। परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर का नाम FIR में शामिल किया गया है।
पुलिस अब इन आरोपों की जांच बयान, CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। इसलिए आरोपों को फिलहाल जांच के विषय के रूप में ही देखा जाना चाहिए, स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।
करीब 40 से 45 लोगों के बयान
जांच में पुलिस ने साहिल के परिवार, छात्रों, दोस्तों, संस्थान से जुड़े कर्मचारियों और हॉस्टल स्टाफ समेत बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
अलग-अलग रिपोर्टों में अब तक करीब 40 से 45 लोगों के बयान दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह संख्या जांच आगे बढ़ने के साथ बदल सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जांच के दायरे में
क्राइम ब्रांच मामले में डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का मकसद साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की स्पष्ट टाइमलाइन तैयार करना है। इसमें परीक्षा हॉल की गतिविधियां, बातचीत, CCTV रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा अहम भूमिका निभा सकते हैं।
संस्थान की ओर से क्या हुआ
घटना के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन भी हुए। प्रोफेसर डूला को पहले प्रशासनिक पद, डीन एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स, से हटाया गया था। हालांकि वे संस्थान में प्रोफेसर बने रहे।
संस्थान ने बाद में घटना से जुड़े अपने शुरुआती संचार को लेकर माफी भी मांगी थी और कहा था कि मौत से पहले की परिस्थितियों की जांच जारी है।
परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल का मामला
इस मामले का एक अहम पहलू परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ा है। उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के अनुसार साहिल पर परीक्षा के दौरान फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।
लेकिन परीक्षा में कथित अनुशासन उल्लंघन और छात्र की मौत के बीच सीधा कारणात्मक संबंध स्थापित करना जांच का विषय है। दोनों घटनाओं को स्वतः एक ही कारण मानना उचित नहीं होगा।
यही वजह है कि पुलिस परीक्षा हॉल की घटनाओं से लेकर साहिल की मौत तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
अकादमिक अनुशासन और जांच, दोनों अलग सवाल
इस मामले में 2 अलग पहलू हैं। पहला, परीक्षा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े अकादमिक नियमों का सवाल। दूसरा, छात्र की मौत से पहले उसके साथ हुए कथित व्यवहार और किसी संभावित उत्पीड़न का सवाल।
किसी छात्र के खिलाफ अकादमिक कार्रवाई की प्रक्रिया और आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
पुलिस के सामने अब क्या सवाल
क्राइम ब्रांच के सामने मुख्य सवाल परीक्षा हॉल में हुई वास्तविक घटनाओं की पुष्टि करना है।
इसके साथ पुलिस यह भी देख रही है कि साहिल और संबंधित शिक्षकों के बीच पहले कोई विवाद या शिकायत थी या नहीं। गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य इन दावों की पुष्टि या खंडन में अहम होंगे।
पुलिस प्रोफेसर डूला के बयान को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है।
IIT बॉम्बे ने बनाई थी जांच समिति
साहिल की मौत की परिस्थितियों की आंतरिक जांच के लिए IIT बॉम्बे बोर्ड ने 10 सदस्यीय समिति गठित की थी। दूसरी तरफ पुलिस की जांच आपराधिक आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर केंद्रित है।
इन दोनों प्रक्रियाओं के निष्कर्ष अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच पूरी होना जरूरी है।
परिवार की मांग और आगे की जांच
साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर डूला की गिरफ्तारी और मामले में जवाबदेही की मांग की है। परिवार ने विरोध के तौर पर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल भी की थी। The
दूसरी ओर प्रोफेसर डूला ने पूछताछ के दौरान आरोपों से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल मामला जांच के चरण में है और दोनों पक्षों के दावों की कानूनी जांच बाकी है।
अब क्या होगा
क्राइम ब्रांच आगे और लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच और CCTV फुटेज का विश्लेषण भी जांच का हिस्सा है।
जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी किसी व्यक्ति को साहिल की मौत के लिए दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी।
साहिल वाकोडे की मौत ने IIT बॉम्बे में अकादमिक अनुशासन, छात्र-शिक्षक संवाद और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल सामने रखे हैं।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का लंबी पूछताछ के बाद बयान दर्ज किया है और उनके दावों की तुलना दूसरे साक्ष्यों से की जा रही है।
जांच पूरी होने तक आरोप, बचाव और संभावित जिम्मेदारी के बीच स्पष्ट अंतर रखना जरूरी है। इस मामले में अंतिम तस्वीर पुलिस की तफ्तीश, फॉरेंसिक साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आएगी।