मुंबई हवाई अड्डे पर डीआरआई ने करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी मामले में तस्करी की कड़ियों की जांच कर रही है।
मुंबई | 11 सितंबर 2026
By Mohd Haris
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व आसूचना निदेशालय ने सोना तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, डीआरआई ने तस्करी से जुड़े संदिग्ध मामले में सोने की खेप को अपने कब्जे में लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि सोने की खेप के स्रोत और उसके संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
इस कार्रवाई में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले आरोपियों की भूमिका को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि जब्त सोना कहां से आया, इसे मुंबई तक किस तरीके से पहुंचाया गया और इसके पीछे किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त हवाई यातायात केंद्रों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और माल की बड़ी आवाजाही के कारण यह तस्करी रोकने वाली एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण निगरानी क्षेत्र भी है।
डीआरआई के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, मुंबई एयरपोर्ट पर पहले भी विदेशी मूल के सोने की तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। एजेंसी ने अलग-अलग मामलों में यात्रियों, हैंडलरों और एयरपोर्ट से जुड़े कर्मचारियों की कथित भूमिका की भी जांच की है।
डीआरआई के मुताबिक, भारत में सोने की तस्करी कई तरीकों से की जाती है। इसमें सामान, शरीर, धातु से बने उपकरणों और अन्य वस्तुओं के भीतर सोना छिपाने जैसी तकनीकें शामिल रही हैं। एजेंसी ने यह भी दर्ज किया है कि बड़े महानगरों तक पहुंचने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तस्करी के लिहाज से संवेदनशील बनी हुई हैं।
मुंबई में अक्टूबर 2025 की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान डीआरआई ने 10.5 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का सोना जब्त करने और 13 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। उस मामले में विदेशी नागरिकों, एयरपोर्ट कर्मचारियों और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका की जांच की गई थी।
इससे पहले नवंबर 2025 में डीआरआई ने मुंबई में सोना तस्करी और अवैध रूप से सोना पिघलाने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11.88 किलोग्राम सोना जब्त किया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार उस कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
मौजूदा मामले में जांच का अहम पहलू जब्त सोने का स्रोत और उसकी अंतिम डिलीवरी से जुड़ी कड़ियां होंगी। एजेंसी यह भी देखेगी कि आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और क्या इस मामले का संबंध किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से है।
गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
मुंबई भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार और हवाई संपर्क केंद्रों में शामिल है। विदेशों से आने वाले यात्रियों और माल की बड़ी संख्या के कारण सीमा शुल्क तथा राजस्व खुफिया एजेंसियों के लिए यहां सतर्कता बनाए रखना अहम है।
डीआरआई के अपने आकलन में सोना अभी भी भारत में तस्करी की प्रमुख वस्तुओं में शामिल है। एजेंसी के अनुसार तस्कर अलग-अलग रास्तों और छिपाने के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के सामने लगातार नई चुनौतियां बनी रहती हैं।
अब जांच का फोकस जब्त सोने की उत्पत्ति, आरोपियों के आपसी संबंध और संभावित तस्करी नेटवर्क पर रहेगा। यदि जांच में दूसरे लोगों या ठिकानों की भूमिका सामने आती है, तो एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि मुंबई हवाई अड्डे पर करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की जब्ती हुई है और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुंबई एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई सोना तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना एजेंसियों की लगातार निगरानी को दिखाती है। बड़ी अंतरराष्ट्रीय यात्री आवाजाही वाले हवाई अड्डों पर तस्करी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए खुफिया जानकारी, यात्री प्रोफाइलिंग और जांच के बीच तालमेल अहम बना हुआ है।
डीआरआई की आगे की जांच से यह पता चलेगा कि मौजूदा मामला अलग-अलग आरोपियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।