NTA का बड़ा एक्शन, 47 अधिकारी बर्खास्त, परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत
Asif Khan
•
2026-07-24 22:22:01
नीट परीक्षा विवाद के बाद NTA में बड़े स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने और संस्थागत पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने का दावा किया गया है। सरकार का कहना है कि उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करना है।
📍 नई दिल्ली 📰 24 जुलाई 2026 ✍️ आसिफ खान
NTA में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव शुरू हो गए हैं। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। कुछ मामलों में कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
सरकार का कहना है कि यह कदम केवल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। हालांकि संबंधित अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
नीट विवाद के बाद क्यों उठाना पड़ा कदम
पिछले दो वर्षों में नीट समेत कई राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे। पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन को लेकर छात्रों तथा अभिभावकों के बीच भरोसे का संकट पैदा हुआ। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने NTA की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा शुरू की।
पुनर्गठन की दिशा में नए कदम
सूत्रों के अनुसार एजेंसी के आउटसोर्सिंग मॉडल, साइबर सुरक्षा, परीक्षा संचालन, तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की नियुक्ति और नई भर्ती प्रक्रिया भी इसी योजना का हिस्सा बताई जा रही है।
चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर पदों पर भर्ती तथा प्रतिभा सेतु के माध्यम से यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। यह कदम प्रो. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में माना जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या स्थिति
विपक्ष और छात्र संगठनों की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी है। हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दे रही है और फिलहाल इस्तीफे का सवाल नहीं है।
इसका छात्रों पर क्या असर होगा
यदि प्रस्तावित सुधार पूरी तरह लागू होते हैं तो राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में निगरानी, सुरक्षा, डिजिटल सत्यापन और जवाबदेही का स्तर बढ़ सकता है। हालांकि इन सुधारों की सफलता उनके वास्तविक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा, स्वतंत्र ऑडिट और नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक होगी।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
NTA सुधार अभियान देश की परीक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। 47 अधिकारियों पर कार्रवाई एक बड़ा संकेत है, लेकिन इससे भी बड़ी चुनौती छात्रों का विश्वास दोबारा हासिल करना होगी। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि घोषित सुधार वास्तव में परीक्षा प्रणाली को कितना मजबूत बना पाते हैं।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।