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मोदी का बड़ा ऐलान, अब नंदन नीलेकणी बदलेंगे एग्जाम सिस्टम

Asif Khan • 2026-07-26 20:21:35
मोदी का बड़ा ऐलान, अब नंदन नीलेकणी बदलेंगे एग्जाम सिस्टम

मोदी का भरोसा नंदन नीलेकणी पर, परीक्षा प्रणाली में होंगे बड़े बदलाव


परीक्षा सुधारों के लिए मोदी ने चुना टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा चेहरा


नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में हाई पावर टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना है।


📍New Delhi

📰 July 26, 2026

✍️  Asif Khan


नीट परीक्षा सुधार: भरोसेमंद व्यवस्था की ओर सरकार का नया कदम



देशभर में नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स गठित की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद, पारदर्शी और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित बनाना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि तेज़ सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की गई है और परीक्षा संबंधी अपराधों पर सख्त कानूनी प्रावधानों की दिशा में भी काम हो रहा है।

परीक्षा सुधार क्यों बने राष्ट्रीय प्राथमिकता?

हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट, से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों ने लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ाई है। इन घटनाओं के बाद परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली, डिजिटल सुरक्षा और जवाबदेही पर व्यापक बहस शुरू हुई।

इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने यह संकेत दिया है कि केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली की संरचना और तकनीकी ढांचे में भी व्यापक सुधार आवश्यक हैं।

नंदन नीलेकणी को क्यों मिली जिम्मेदारी?

नंदन मोहनराव नीलेकणी देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी उद्यमियों में गिने जाते हैं। वे इन्फोसिस के सह-संस्थापक रहे हैं और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के पहले अध्यक्ष के रूप में आधार परियोजना के प्रारंभिक क्रियान्वयन का नेतृत्व कर चुके हैं।

डिजिटल पहचान, बड़े स्तर पर डेटा प्रबंधन और सुरक्षित तकनीकी ढांचे के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई पावर टास्क फोर्स का नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।

सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?

प्रधानमंत्री के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, विश्वसनीय और टेक्नोलॉजी आधारित बनाना है। सरकार का कहना है कि टास्क फोर्स भविष्य की परीक्षाओं के लिए ऐसे सुझाव देगी, जिनके आधार पर सुरक्षा, निगरानी और संचालन प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।

हालांकि टास्क फोर्स की विस्तृत कार्यप्रणाली, सदस्य सूची और समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रिया

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ लंबे समय से परीक्षा सुरक्षा में आधुनिक डिजिटल समाधान अपनाने की आवश्यकता पर बल देते रहे हैं। उनका मानना है कि तकनीक का प्रभावी उपयोग परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ा सकता है, लेकिन इसके साथ मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक होगी।

दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल तकनीकी बदलाव पर्याप्त नहीं होंगे। परीक्षा केंद्रों की निगरानी, संस्थागत सुधार, साइबर सुरक्षा और मानवीय हस्तक्षेप से जुड़े जोखिमों पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।

आगे की राह

हाई पावर टास्क फोर्स की सिफारिशें आने वाले समय में देश की परीक्षा प्रणाली की दिशा तय कर सकती हैं। यदि सुझावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने, अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत करने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा सुधार केवल वर्तमान विवादों का समाधान नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा ढांचा तैयार करने की व्यापक पहल है। आने वाले महीनों में टास्क फोर्स की रिपोर्ट और उसके आधार पर लिए जाने वाले फैसलों पर विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और नीति विशेषज्ञों की विशेष नजर रहेगी।

वीडियो देखें

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Asif Khan

Asif Khan

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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