अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, कहा, छात्र आंदोलन ने झुकाई सरकार
Asif Khan
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2026-07-28 19:20:11
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर सियासी संग्राम, अखिलेश ने सरकार से मांगा जवाब
"झुकती है सरकार", लोकसभा में अखिलेश यादव ने गिनाए पेपर लीक के मामले
लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन को लोकतांत्रिक जीत बताते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने नीट पेपर लीक, एनटीए और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए, जबकि सरकार ने विधेयक को परीक्षा प्रणाली मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम बताया।
📍 New Delhi
📰 July 28, 2026
✍️ Asif Khan
अखिलेश यादव बोले, छात्र आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया
लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर हुई चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्र हितों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा लीक के विरोध में खड़े हुए छात्रों और नौजवानों ने लोकतांत्रिक तरीके से ऐसा दबाव बनाया कि सरकार को अपने रुख में बदलाव करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने दिखाया कि संगठित और शांतिपूर्ण जनदबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था में असर डाल सकता है। उनके अनुसार नई पीढ़ी ने अपने मनोबल, एकजुटता और संवाद के माध्यम से अपनी आवाज़ पूरे देश तक पहुंचाई।
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर सरकार से मांगे जवाब
अखिलेश यादव ने बहस के दौरान कहा कि यदि वर्ष 2024 में लागू कानून पर्याप्त था तो उसके बाद भी नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाएं क्यों सामने आईं। उन्होंने सरकार से पूछा कि संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी और पहले बनाए गए प्रावधान अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं दे सके।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद के सामने केवल नया कानून रखना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि पिछली व्यवस्था में कमियां कहां थीं और उन्हें दूर करने के लिए कौन से संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं।
छात्र आंदोलन को बताया लोकतांत्रिक दबाव का उदाहरण
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि इस आंदोलन की विशेषता यह रही कि केवल छात्र ही नहीं बल्कि उनके परिवार भी बड़ी संख्या में जुड़े। उनके अनुसार यह मुद्दा किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करोड़ों परिवारों की चिंता का विषय बन गया।
उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और सरकार पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बनाया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
शिक्षा व्यवस्था और एनटीए पर विपक्ष के सवाल
बहस के दौरान अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, यानी एनटीए, की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की कमी ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक या संस्थागत चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में अतीत में सामने आए विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों का भी उल्लेख किया और कहा कि केवल सख्त कानून बना देना पर्याप्त नहीं होगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
सरकार का पक्ष भी रहा स्पष्ट
बहस के दौरान सरकार ने संशोधन विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाना, तकनीकी निगरानी को मजबूत करना और दोषियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं।
विपक्ष ने जहां इन प्रावधानों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने इन्हें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
लोकतांत्रिक बहस के केंद्र में शिक्षा
लोकसभा की यह बहस केवल एक विधेयक तक सीमित नहीं रही। चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, युवाओं का भविष्य और संस्थागत जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दे सामने आए। स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में बनी चिंताओं के बीच संसद में हुई यह बहस आने वाले समय में शिक्षा नीति और परीक्षा सुधारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विधेयक पर अंतिम निर्णय चाहे जो भी हो, इस बहस ने यह संकेत दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता अब राष्ट्रीय विमर्श का प्रमुख विषय बन चुकी है। आने वाले महीनों में सरकार द्वारा किए जाने वाले सुधार और उनके क्रियान्वयन पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की निगाह बनी रहेगी।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।