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जंतर-मंतर प्रदर्शन: पुलिस ने लाठीचार्ज से किया इनकार, अनशन खत्म

Apurva Choudhary 2026-07-20 13:00:47
जंतर-मंतर प्रदर्शन: पुलिस ने लाठीचार्ज से किया इनकार, अनशन खत्म
जंतर-मंतर पर संसद मार्च के प्रयास के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया। इस बीच 23 दिनों से जारी छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त हो गया। मामला अब भी राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।
📍 नई दिल्ली
📰 20 जुलाई 2026
✍️ अपूर्वा चौधरी

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच बढ़ा विवाद
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब संसद मार्च की कोशिश के बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई किए जाने के दावे किए गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए गए।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को पेशेवर तरीके से संभाला गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में हिंसा तथा लोगों को हिरासत में लेने जैसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी जानकारी सही नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
पुलिस ने यह भी कहा कि राजधानी में संसद का मानसून सत्र चल रहा है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता रही।

संसद मार्च की कोशिश के दौरान बढ़ी सुरक्षा
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि संसद का मानसून सत्र चलने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके चलते जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस तथा धक्का-मुक्की की खबरें सामने आईं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे किए गए। इन दावों पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए।

23 दिन बाद छात्रों ने समाप्त किया अनशन
प्रदर्शन के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं ने 23 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। छात्र नेताओं ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब इसे लोकतांत्रिक और संसदीय माध्यमों से आगे बढ़ाया जाएगा।
अनशन समाप्त कराने के लिए विभिन्न विपक्षी सांसदों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने छात्रों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों को संसद और अन्य लोकतांत्रिक मंचों पर उठाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

आंदोलन की मांगें और आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों की समस्याओं पर जवाबदेही और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और वे संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर का प्रदर्शन एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। अब सभी की नजर सरकार, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की अगली रणनीति पर बनी हुई है।

जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ले आया है। जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की बात कही, वहीं दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कानून के अनुसार बनाए रखी गई।
23 दिनों तक चले अनिश्चितकालीन अनशन के समाप्त होने के बाद भी छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से आगे बढ़ाते रहेंगे। आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया इस मुद्दे की दिशा तय कर सकती है।
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Apurva Choudhary

Apurva Choudhary

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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