शनिवार, 15 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
India

जंतर-मंतर हिंसा: CJP प्रदर्शन में पथराव, पुलिस की कार्रवाई तेज

Asif Khan 2026-07-23 08:13:15
जंतर-मंतर हिंसा: CJP प्रदर्शन में पथराव, पुलिस की कार्रवाई तेज

जंतर-मंतर हिंसा: CJP प्रदर्शन में पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल


CJP प्रदर्शन बना टकराव, जंतर-मंतर पर बढ़ा सुरक्षा घेरा


जंतर-मंतर बवाल के बाद दिल्ली हाई अलर्ट पर, मेट्रो स्टेशन प्रभावित



दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पथराव में पुलिस अधिकारी घायल हुए, जबकि पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।


📍 नई दिल्ली

📰 23 जुलाई 2026

✍️  Asif Khan


जंतर-मंतर हिंसा: CJP प्रदर्शन में पथराव, पुलिस की कार्रवाई तेज

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन से हिंसक टकराव तक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का प्रदर्शन बुधवार रात अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग और टॉल्स्टॉय मार्ग के आसपास प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़े और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव, धक्का-मुक्की तथा आंसू गैस के इस्तेमाल की नौबत आ गई।

दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें एसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए सख्ती दिखाई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि क्या है

CJP पिछले कई दिनों से कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहा है। आंदोलन के दौरान विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

हाल के दिनों में प्रदर्शन का दायरा बढ़ने के साथ संसद की ओर मार्च की कोशिश भी हुई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी।

झड़प कैसे शुरू हुई

पुलिस का कहना है कि देर शाम कुछ प्रदर्शनकारी तय सीमा से आगे बढ़ने लगे। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों ने पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिससे पुलिस अधिकारी घायल हुए।

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पथराव और अफरा-तफरी दिखाई देती है। हालांकि, वीडियो के सभी हिस्सों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटनाक्रम की जांच जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ स्थानों पर हल्का बल प्रयोग भी किया गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया।

दिल्ली पुलिस ने हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और सुरक्षा बलों पर हमले से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज होने की भी पुष्टि हुई है।

प्रदर्शनकारियों का पक्ष

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था। उनका आरोप है कि प्रशासन ने अनावश्यक बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश की।

CJP ने यह भी दावा किया कि जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित की गईं। इस दावे पर संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विपक्ष ने सरकार से संयम बरतने और छात्रों से संवाद बढ़ाने की मांग की। वहीं केंद्र सरकार ने दोहराया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार छात्रों की जायज़ चिंताओं पर चर्चा के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का समर्थन किया और हिंसा से बचने की अपील की।

न्यायिक और प्रशासनिक पहलू

दिल्ली हाईकोर्ट में प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की बात कही। अदालत ने मामले में तथ्यों के संरक्षण पर जोर दिया। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।

इसका व्यापक असर

यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। इसने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, लोकतांत्रिक विरोध और पुलिस की कार्रवाई जैसे कई महत्वपूर्ण सवालों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

एक ओर सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी का हवाला दे रही है, वहीं छात्र संगठन जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी पक्ष के दावों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही संभव होती है।

आगे क्या

दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच, अदालत की कार्यवाही और सरकार तथा प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित बातचीत इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध नागरिक अधिकार है, जबकि सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जंतर-मंतर की यह घटना इस संतुलन को बनाए रखने की चुनौती को एक बार फिर सामने लेकर आई है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Asif Khan

Asif Khan

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर