दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदों से जुड़े कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने X से संबंधित अकाउंट्स की जानकारी मांगी है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 29 जुलाई 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
PM मोदी से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदों को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X से संबंधित अकाउंट्स की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य पोस्ट साझा करने वाले अकाउंट्स की पहचान करना और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियां साझा की गईं। इन पोस्टों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने की शिकायत मिली थी।
इन शिकायतों और उपलब्ध डिजिटल सामग्री की समीक्षा के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
X को भेजा गया नोटिस
जांच के तहत दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने संबंधित अकाउंट्स की पहचान से जुड़ी जानकारी, उपयोगकर्ता विवरण तथा उपलब्ध लॉगिन रिकॉर्ड साझा करने का अनुरोध किया है।
साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित पोस्ट और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार उसकी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर साझा की जाने वाली सार्वजनिक सामग्री पर लगातार निगरानी रखती है। जहां प्रथम दृष्टया कानून के उल्लंघन की आशंका दिखाई देती है, वहां निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच की दिशा क्या होगी?
जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण करेंगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी या दोष सिद्ध होना न्यायालय की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियां सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर अधिक ध्यान दे रही हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी सीमाओं के बीच संतुलन बनाए रखना भी इस तरह के मामलों में महत्वपूर्ण माना जाता है।