लोकसभा में कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। उन्होंने स्वतंत्र जांच, जवाबदेही तय करने और घायल छात्रों को मुआवजा देने की मांग उठाई है। मामला संसद में राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 27 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
लोकसभा में उठा जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
कांग्रेस के कन्याकुमारी से सांसद विजय वसंत ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना है कि इस मुद्दे का संबंध नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था दोनों से है, इसलिए सदन में इस पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
20 जुलाई को पेपर लीक के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया।
कांग्रेस सांसद ने क्या आरोप लगाए?
स्थगन प्रस्ताव नोटिस में विजय वसंत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और सादे कपड़ों में मौजूद सुरक्षा कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग
कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि बल प्रयोग की अनुमति किस स्तर पर दी गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय करने तथा घायल छात्रों को तत्काल चिकित्सा सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर जोर
प्रस्ताव में कहा गया है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी नजर
समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से इस स्थगन प्रस्ताव पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लोकसभा अध्यक्ष इस नोटिस पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या सदन में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा होती है।
राजनीतिक और संसदीय महत्व
यह मामला केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद में नागरिक अधिकार, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक विरोध के दायरे को लेकर व्यापक बहस का कारण बन सकता है। यदि इस पर चर्चा होती है तो सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने पक्ष सदन में रख सकते हैं।
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद तक पहुंच चुका है। कांग्रेस सांसद द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव के बाद इस विषय पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर लोकसभा की कार्यवाही और सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी।