मूंगफली की तासीर ठंडी होती है या गर्म?
नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में मूंगफली की मांग बढ़ जाती है। लोग इसे भूनकर, उबालकर या गुड़ के साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि मूंगफली की तासीर गर्म होती है या ठंडी और क्या इसे खाने से किसी बीमारी को ठीक किया जा सकता है?
पारंपरिक खानपान की मान्यताओं में मूंगफली को अक्सर गर्म तासीर वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। हालांकि, आधुनिक पोषण विज्ञान में खाद्य पदार्थों को गर्म या ठंडी तासीर के आधार पर वर्गीकृत करने का कोई सर्वमान्य वैज्ञानिक पैमाना नहीं है। मूंगफली के पोषण संबंधी फायदे मुख्य रूप से उसमें मौजूद प्रोटीन, असंतृप्त वसा, फाइबर, विटामिन और खनिजों से जुड़े हैं।
मूंगफली में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
मूंगफली को पौधों से मिलने वाले प्रोटीन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं।
प्रोटीन: शरीर की मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण तथा मरम्मत में मदद करता है।
असंतृप्त वसा: संतृप्त वसा की जगह उचित मात्रा में असंतृप्त वसा लेना हृदय के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।
फाइबर: पाचन और नियमित मल त्याग में मदद करता है।
विटामिन ई: शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है।
मैग्नीशियम: मांसपेशियों, तंत्रिकाओं और सामान्य शारीरिक कार्यों के लिए जरूरी है।
मूंगफली खाने से कौन-सी बीमारियों में मदद मिल सकती है?
यह समझना जरूरी है कि मूंगफली किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं है। हालांकि, संतुलित आहार में इसे शामिल करने से कुछ स्वास्थ्य लक्ष्यों में मदद मिल सकती है।
1. हृदय स्वास्थ्य के लिए
मूंगफली में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट संतृप्त वसा की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है। हालांकि, केवल मूंगफली खाने से हृदय रोग ठीक नहीं होता।
2. मांसपेशियों को पोषण देने में
मूंगफली में मौजूद प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है। जो लोग शाकाहारी भोजन करते हैं, उनके लिए यह प्रोटीन का एक उपयोगी स्रोत हो सकती है।
3. पाचन को बेहतर रखने में
मूंगफली में फाइबर होता है, जो संतुलित आहार के साथ पाचन और मल त्याग को नियमित रखने में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी और अन्य फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी जरूरी है।
4. वजन को नियंत्रित रखने में मदद
मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और वसा होने के कारण पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे कुछ लोगों को बार-बार खाने की इच्छा नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसमें कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
5. शरीर को ऊर्जा देने में
मूंगफली में वसा और प्रोटीन के साथ अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। इसे नाश्ते में सीमित मात्रा में खाने से ऊर्जा और पोषण मिल सकता है।
रोज कितनी मूंगफली खाना उचित है?
स्वस्थ वयस्कों के लिए बिना नमक वाली मूंगफली की लगभग एक छोटी मुट्ठी यानी 25–30 ग्राम एक सामान्य स्नैक मात्रा हो सकती है। हालांकि, सही मात्रा व्यक्ति की ऊर्जा जरूरत, वजन, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। कम नमक वाली या बिना अतिरिक्त नमक की मूंगफली बेहतर विकल्प है।
किन लोगों को मूंगफली खाने में सावधानी रखनी चाहिए?
मूंगफली से एलर्जी वाले लोग: उन्हें मूंगफली और उससे बने खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। एलर्जी गंभीर भी हो सकती है।
वजन नियंत्रित करने वाले लोग: अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है।
नमक सीमित रखने वाले लोग: ज्यादा नमक वाली मूंगफली के बजाय बिना नमक वाला विकल्प चुनें।
पाचन में परेशानी महसूस करने वाले लोग
यदि मूंगफली खाने से पेट में असहजता होती है, तो मात्रा कम करें या चिकित्सकीय सलाह लें।मूंगफली खाने के बाद होंठ, जीभ या गले में सूजन अथवा सांस लेने में परेशानी हो तो यह गंभीर एलर्जी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
निष्कर्ष
मूंगफली सस्ती और पौष्टिक खाद्य सामग्री है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और असंतृप्त वसा मिलते हैं। इसे पारंपरिक रूप से गर्म तासीर वाला माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से इसका कोई सर्वमान्य गर्म-ठंडा वर्गीकरण नहीं है। संतुलित मात्रा में मूंगफली खाना पोषण के लिए फायदेमंद हो सकता है, पर इसे किसी बीमारी के इलाज या दवा के विकल्प के रूप में नहीं लेना चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।