सेहत के लिए कितना फायदेमंद है गेहूं के जवारे का रस? जानिए रिसर्च क्या कहती है?
प्रकृति आधारित खाद्य पदार्थों और उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों को लेकर लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में गेहूं के जवारे का रस, जिसे अंग्रेजी में Wheatgrass Juice कहा जाता है, भी काफी लोकप्रिय है। इसे कई जगह ‘हरा खून’ जैसे नामों से प्रचारित किया जाता है। हालांकि इस नाम का इस्तेमाल पारंपरिक या प्रचारात्मक संदर्भ में होता है और इसे मानव रक्त का विकल्प नहीं माना जा सकता।
वैज्ञानिक साहित्य के अनुसार गेहूं के जवारे में क्लोरोफिल, विटामिन, खनिज, अमीनो एसिड, फेनोलिक यौगिक और अन्य एंटीऑक्सीडेंट घटक पाए जाते हैं। अमेरिकी नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार Wheatgrass Juice में विटामिन ए, बी, सी और ई सहित कई खनिज और जैव सक्रिय घटक मौजूद होते हैं।
गेहूं के जवारे का रस क्या है?
गेहूं के पौधे की शुरुआती हरी पत्तियों को काटकर उनसे निकाला गया रस Wheatgrass Juice कहलाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में इसे Triticum aestivum यानी सामान्य गेहूं के युवा पौधे से प्राप्त रस के रूप में वर्णित किया गया है। इसमें मौजूद क्लोरोफिल, पॉलीफेनॉल और अन्य जैव सक्रिय यौगिकों की वजह से इसे एक संभावित functional food के रूप में देखा गया है। हालांकि इसके स्वास्थ्य प्रभाव व्यक्ति, पौधे की किस्म, खेती की परिस्थितियों और प्रसंस्करण के तरीके के अनुसार अलग हो सकते हैं।
क्या यह खून की कमी में मदद करता है?
गेहूं के जवारे के रस पर एनीमिया और रक्त संबंधी समस्याओं को लेकर कुछ शोध हुए हैं। 2025 की एक वैज्ञानिक समीक्षा में इसके सेवन से हीमोग्लोबिन में संभावित सुधार का उल्लेख किया गया, लेकिन समीक्षा ने यह भी स्पष्ट किया कि उपलब्ध प्रमाण सीमित हैं और बड़े तथा बेहतर क्लिनिकल अध्ययनों की जरूरत है। इसलिए इसे खून की कमी की प्रमाणित दवा कहना उचित नहीं होगा। आयरन की कमी या एनीमिया होने पर डॉक्टर से जांच और उचित उपचार जरूरी है।
कैंसर के बारे में क्या कहती है रिसर्च?
गेहूं के जवारे को कैंसर के इलाज से जोड़कर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन यहां सावधानी जरूरी है।प्रयोगशाला और छोटे मानव अध्ययनों में Wheatgrass के कुछ संभावित एंटीऑक्सीडेंट और सहायक प्रभाव सामने आए हैं। कैंसर के मरीजों में कीमोथेरेपी के दौरान Wheatgrass Juice पर किए गए कुछ छोटे अध्ययनों में रक्त कोशिकाओं और कुछ प्रतिरक्षा संकेतकों से जुड़े संभावित लाभ देखे गए। लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक समीक्षा यह भी बताती है कि ये अध्ययन छोटे हैं और अभी इतने मजबूत प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि Wheatgrass को कैंसर का इलाज या कैंसर से बचाव की प्रमाणित दवा कहा जा सके। इसलिए कैंसर के मरीजों को इसे डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज के स्थान पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एंटीऑक्सीडेंट और पोषण संबंधी संभावनाएं
गेहूं के जवारे में क्लोरोफिल, फेनोलिक यौगिक, फ्लेवोनॉयड और दूसरे जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। शोध में Wheatgrass के एंटीऑक्सीडेंट गुणों का अध्ययन किया गया है। अलग-अलग गेहूं की किस्मों से बने Wheatgrass Juice में पोषक और जैव सक्रिय घटकों की मात्रा भी अलग पाई गई है। इसी वजह से इसे संतुलित आहार का एक संभावित हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन केवल इसका सेवन करने से शरीर की सभी बीमारियां दूर हो जाएंगी—ऐसा दावा वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित नहीं है।
क्या डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, गठिया और दूसरी बीमारियां ठीक होती हैं?
मूल दावे में डायबिटीज, हृदय रोग, लिवर-किडनी की कमजोरी, गठिया, पथरी, अस्थमा, पीलिया, लकवा, त्वचा रोग, कब्ज और एलर्जी समेत कई बीमारियों में लाभ का दावा किया गया है।उपलब्ध शोध इन सभी दावों को प्रमाणित नहीं करता। Wheatgrass पर हुई समीक्षाओं में संभावित एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कुछ सहायक स्वास्थ्य प्रभावों का उल्लेख मिलता है, लेकिन अधिकांश क्लिनिकल प्रमाण छोटे अध्ययनों पर आधारित हैं। बड़े और उच्च गुणवत्ता वाले परीक्षण अभी जरूरी हैं। इसलिए इसे किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज या दवा का विकल्प बताना भ्रामक हो सकता है।
घर पर कैसे तैयार करें?
यदि कोई व्यक्ति गेहूं के जवारे का रस आहार के तौर पर लेना चाहता है तो स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से उगाए गए पौधों का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है।
गेहूं के दानों को साफ माध्यम में अंकुरित करके शुरुआती हरे पौधे तैयार किए जाते हैं। सामान्यतः कुछ दिनों में हरी पत्तियां विकसित हो जाती हैं, जिन्हें साफ करके रस निकाला जाता है। वैज्ञानिक साहित्य में Wheatgrass की खेती और प्रसंस्करण के विभिन्न तरीकों का उल्लेख मिलता है।
घर पर तैयार रस के मामले में स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण है। कच्चे पौधों और ताजा रस में दूषण की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए पौधों को अच्छी तरह साफ करना और रस को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से बचना बेहतर है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
Wheatgrass को सामान्य भोजन या आहार अनुपूरक की तरह लेने और इसे बीमारी की दवा मानने में अंतर है। कुछ लोगों में इसका सेवन सहन न होने पर मतली जैसी समस्या हो सकती है। एक छोटे कैंसर अध्ययन में कुछ प्रतिभागियों में मतली बढ़ने के कारण सेवन रोकना पड़ा था। गेहूं से एलर्जी या सीलिएक रोग जैसी स्थिति वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
गेहूं के जवारे का रस पोषक तत्वों और जैव सक्रिय यौगिकों वाला पेय हो सकता है, लेकिन इसे ‘चमत्कारी इलाज’ कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। उपलब्ध शोध में इसके संभावित एंटीऑक्सीडेंट, पोषण संबंधी और कुछ सहायक स्वास्थ्य प्रभाव सामने आए हैं, लेकिन कई बड़े स्वास्थ्य दावों के लिए अभी पर्याप्त मजबूत प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।