वडोदरा में पीएम मोदी ने 35 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन हिस्से पूरे हुए और नई यात्री रेल सेवा शुरू की गई।
स्थान
वडोदरा, गुजरात
तारीख
08 September 2026
By Wasi Siddiqui
वडोदरा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा रेलवे और सड़क संपर्क से जुड़ा है। कार्यक्रम में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन अहम हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जिससे देश का पूरा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क परिचालन में आ गया।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान नई यात्री रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने वाली कई परियोजनाओं की नींव रखी गई। केंद्र सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं का मकसद माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ाना, यात्री परिवहन क्षमता मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की बड़ी उपलब्धि
वडोदरा कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन हिस्सों का लोकार्पण रहा। इन तीनों हिस्सों की कुल लंबाई 326 किलोमीटर है और इनके विकास पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।
इनमें न्यू साणंद से न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव से न्यू सफाले और न्यू सफाले से न्यू जेएनपीटी खंड शामिल हैं। इन हिस्सों के शुरू होने के बाद डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा नेटवर्क परिचालन में आ गया है।
सरकार के मुताबिक जेएनपीटी से सीधा संपर्क निर्यात और आयात से जुड़े माल की आवाजाही को तेज करेगा। इससे औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। मुंबई के मौजूदा रेल नेटवर्क पर माल ढुलाई का दबाव घटाने में भी यह नेटवर्क अहम भूमिका निभा सकता है।
मालगाड़ियों के लिए अलग नेटवर्क क्यों अहम
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बुनियादी मकसद मालगाड़ियों को यात्री रेल नेटवर्क से अलग मार्ग उपलब्ध कराना है। इससे माल ढुलाई के लिए अधिक क्षमता और बेहतर समय प्रबंधन की गुंजाइश बनती है।
वडोदरा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए तेज और सुगम कनेक्टिविटी जरूरी है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ते हुए इसकी भूमिका पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर अब बड़ी संख्या में मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि इस नेटवर्क पर साल भर में लगभग 430 मालगाड़ियां चल रही हैं।
नई यात्री रेल सेवा की शुरुआत
वडोदरा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने टांडा रोड और वडोदरा के प्रतापनगर के बीच नई यात्री रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। यह सेवा गुजरात के उन इलाकों के लिए अहम है, जहां बेहतर रेल संपर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है।
केंद्र सरकार के अनुसार नई सेवा से वडोदरा के साथ छोटा उदयपुर और अलीराजपुर क्षेत्र के यात्रियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह लाइन छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का हिस्सा है और अलीराजपुर के दूरदराज तथा आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ती है।
गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच बढ़ेगी रेल क्षमता
प्रधानमंत्री ने तीन नई रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 329 किलोमीटर है और इनकी अनुमानित लागत 9,700 करोड़ रुपये से अधिक है।
इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन, मियागाम करजन-चोरंदा-मालसर गेज परिवर्तन और विश्वामित्री-डभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्री और माल परिवहन की क्षमता बढ़ाना, मौजूदा रेल मार्गों पर भीड़ कम करना और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करना है।
सड़क नेटवर्क को भी मिला विस्तार
वडोदरा कार्यक्रम केवल रेलवे परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा। प्रधानमंत्री ने लगभग 1,780 करोड़ रुपये की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के कामरेज-चलथान हिस्से को छह लेन में बदलना, वडोदरा-सूरत हिस्से में तापी और नर्मदा पर बड़े पुलों सहित अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर अभावा, मिंढोला तथा खजोड़ जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटेड संरचनाओं का निर्माण शामिल है।
गुजरात की राज्य परियोजनाओं पर भी फोकस
केंद्र और रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा गुजरात सरकार की लगभग 2,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी कार्यक्रम रखा गया। इनमें वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी रिंग रोड के दूसरे चरण और कडाना बांध पर 110 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला शामिल है।
इसके अलावा वडोदरा नगर निगम के नए कार्यालय सहित अन्य परियोजनाओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आवासीय प्रोजेक्ट और पूर्वी वडोदरा के 11 गांवों के लिए जलापूर्ति परियोजना का भी उद्घाटन किया गया।
पीएम मोदी ने गति शक्ति और कनेक्टिविटी पर दिया जोर
वडोदरा में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को विकसित भारत की यात्रा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत है, जो व्यापक होने के साथ तेज और सुगम भी हो।
प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका विचार वर्ष 2004 में सामने आया था और 2014 के बाद इसके काम में तेजी आई। उन्होंने परियोजना के लंबे समय तक लंबित रहने को लेकर भी अपनी राजनीतिक टिप्पणी रखी। ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री का राजनीतिक आकलन हैं और इन्हें स्वतंत्र प्रशासनिक मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
लॉजिस्टिक्स और उद्योग पर संभावित असर
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूर्ण परिचालन का असर केवल रेलवे तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसका सीधा संबंध बंदरगाहों, औद्योगिक केंद्रों, निर्यात-आयात कारोबार और माल परिवहन की लागत से है।
सरकार का कहना है कि बेहतर रेल माल ढुलाई से पारगमन समय घटाने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच माल की आवाजाही आसान बनाने में मदद मिलेगी। जेएनपीटी से सीधा संपर्क पश्चिमी भारत के औद्योगिक और बंदरगाह नेटवर्क के लिए विशेष महत्व रखता है।
हालांकि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का वास्तविक असर उसकी परिचालन क्षमता, माल की मांग, कनेक्टिंग नेटवर्क और अंतिम उपयोगकर्ताओं तक पहुंच पर निर्भर करता है। इसलिए परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ उनके दीर्घकालिक आर्थिक परिणामों का आकलन भी जरूरी रहेगा।
आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों के लिए रेल संपर्क
जोबट-टांडा रोड रेल लाइन इस पूरे पैकेज का अलग महत्व रखती है। अलीराजपुर जैसे आदिवासी बहुल और दूरदराज क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने से यात्रियों की आवाजाही के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बेहतर परिवहन विकल्प मिल सकता है।
रेल संपर्क बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े आवागमन को सुविधा मिलने की संभावना रहती है। हालांकि इन क्षेत्रों में वास्तविक सामाजिक और आर्थिक असर का मूल्यांकन सेवा की नियमितता, किराया, स्टेशन कनेक्टिविटी और स्थानीय परिवहन व्यवस्था के आधार पर होगा।
वडोदरा से मुंबई तक व्यापक विकास एजेंडा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा केवल वडोदरा तक सीमित नहीं रहा। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इसके बाद प्रधानमंत्री मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन किया।
इस तरह एक ही दौरे में रेलवे, राजमार्ग, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, सौर ऊर्जा और वित्तीय तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों को जोड़ा गया। वडोदरा में घोषित परियोजनाओं का केंद्रीय फोकस कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर रहा।
आगे की तस्वीर
वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास गुजरात के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा कदम है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन हिस्सों के शुरू होने से देश के समर्पित माल ढुलाई नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।
अब असली चुनौती इन परियोजनाओं के प्रभावी और लगातार संचालन की है। माल ढुलाई में समय की बचत, लॉजिस्टिक्स लागत में बदलाव, यात्री सेवाओं की विश्वसनीयता और नए रेल संपर्क से स्थानीय क्षेत्रों को मिलने वाला लाभ आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं की सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगा।
वडोदरा कार्यक्रम का व्यापक संदेश यही रहा कि रेलवे और सड़क नेटवर्क को आर्थिक विकास के साथ जोड़ा जा रहा है। गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच मजबूत संपर्क, बंदरगाहों तक तेज माल पहुंच और दूरदराज इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ना इस परियोजना समूह के प्रमुख पहलू हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।