राहुल गांधी इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। जेन-जी और 35 वर्ष तक के युवाओं पर फोकस रहेगा।
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश
🗓️ 19 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार, 19 सितंबर 2026 को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए इंदौर पहुंचे। प्रस्तावित कार्यक्रम में वह युवाओं और विद्यार्थियों से शिक्षा, रोजगार तथा उनसे जुड़े दूसरे अहम मसलों पर सीधे संवाद करेंगे।
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने पर हवाई अड्डे के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 60 कांग्रेस नेताओं ने उनसे मुलाकात की। इनमें विधायक, पूर्व विधायक और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल रहे।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शाम 5:30 बजे रीजनल पार्क के सामने मैदान में आयोजित किया जाना है। कार्यक्रम का घोषित केंद्र युवाओं और विद्यार्थियों से बातचीत है। शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े सवालों पर चर्चा प्रस्तावित है।
आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रखी गई हैं। गायक राघव चैतन्य, रैपर लशकरी और डांस ग्रुप विकास अनबिटेबल के प्रस्तुति देने की जानकारी सामने आई है।
आयोजकों ने कार्यक्रम को खास तौर पर जेन-जी और 35 वर्ष तक के युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसके लिए कार्यक्रम से पहले युवाओं के बीच पंजीयन और संपर्क अभियान चलाया गया।
इस पहल का घोषित मकसद युवाओं की समस्याओं, उनकी अपेक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सीधे सुनना है। इससे पहले भी ‘छात्रों की गूंज’ के कार्यक्रम अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जा चुके हैं।
इंदौर कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता इसका प्रारूप है। रिपोर्ट के अनुसार आयोजन स्थल पर कांग्रेस के झंडे और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं किया गया है। राहुल गांधी मंच पर अकेले युवाओं से संवाद करेंगे, जबकि पार्टी के दूसरे नेताओं को मुख्य मंच साझा नहीं कराया जाएगा।
कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय युवा संवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि राहुल गांधी कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं और कार्यक्रम पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का हिस्सा है। इसलिए इसके राजनीतिक संदर्भ को पूरी तरह अलग करके देखना संभव नहीं है।
‘छात्रों की गूंज’ पहल के तहत इंदौर से पहले कोटा, प्रयागराज, देहरादून और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इंदौर को इस श्रृंखला के अगले पड़ाव के तौर पर रखा गया है।
इस पहल में छात्रों से शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, रोजगार और युवा जीवन से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखने का आग्रह किया गया है। कार्यक्रम की पूर्व घोषणा में राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी समस्याओं और उन रुकावटों के बारे में बताने को कहा था, जो उनके सपनों और करियर के रास्ते में आ रही हैं।
युवा वर्ग के लिए शिक्षा और रोजगार लंबे समय से सार्वजनिक बहस के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा का दबाव, छात्रावास और रोजगार के अवसर जैसे विषय युवाओं की चिंता का हिस्सा हैं।
इंदौर के कार्यक्रम में इन मुद्दों पर किस तरह की चर्चा होती है और छात्रों की ओर से कौन से सवाल सामने आते हैं, यह कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट होगा। अभी किसी विशेष मांग या प्रस्ताव को कार्यक्रम का अंतिम एजेंडा मानना उचित नहीं होगा।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच अनुमति तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा रही। रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम स्थल, मार्ग, पार्किंग और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन ने शर्तें रखी हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सुरक्षा से जुड़ी 31 शर्तें रखी थीं। रिपोर्ट में इन शर्तों को राहुल गांधी की सुरक्षा और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़े सुरक्षा संदर्भों से जोड़ा गया है। कांग्रेस ने कुछ शर्तों और प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई, जबकि पुलिस की ओर से सुरक्षा को इसका आधार बताया गया।
कार्यक्रम से पहले कांग्रेस और प्रशासन के बीच अनुमति तथा अग्नि और विद्युत अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर भी खींचतान की रिपोर्ट सामने आई थी। कांग्रेस नेताओं ने इसमें देरी को लेकर प्रशासन पर आरोप लगाए थे।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई। कुछ स्थानों पर कार्यक्रम के विरोध में पोस्टर लगाए जाने की रिपोर्ट आई, जबकि कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम में व्यवधान की कोशिश बताया। दूसरी ओर भाजपा से जुड़े नेताओं ने इन पोस्टरों को राहुल गांधी के खिलाफ छात्रों की प्रतिक्रिया बताया। दोनों पक्षों के दावों को उनके राजनीतिक बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए।
इसी तरह कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से अतिरिक्त भुगतान की मांग को लेकर भी विवाद सामने आया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इंदौर विकास प्राधिकरण ने जमीन के निर्धारित अवधि से पहले इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस से 4,03,270 रुपये की अतिरिक्त राशि मांगी थी। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ा, जबकि प्रशासनिक पक्ष में इसे जमीन के उपयोग से जुड़ा मामला बताया गया।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और उनके सवाल चर्चा का मुख्य केंद्र रहने की उम्मीद है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह शाम 5:30 बजे से रात 8:15 बजे तक इंदौर में रहेंगे और इसके बाद दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
इस आयोजन का महत्व केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं है। युवाओं की ओर से उठाए गए वास्तविक सवाल, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं पर होने वाली चर्चा और उसके बाद सामने आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पहल की आगे की दिशा तय करने में अहम होंगी।
इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ का अगला चरण इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें युवाओं को सीधे अपनी बात रखने का मंच दिया जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि संवाद के दौरान कौन से मुद्दे प्रमुखता से सामने आते हैं और उन पर राहुल गांधी की ओर से क्या जवाब तथा प्रस्ताव रखे जाते हैं
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।