राहुल गांधी की मिमिक्री पर विवाद, सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा के आरोपों पर किया पलटवार
Wasi Siddiqui
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2026-09-21 16:29:11
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश 🗓️ 21 सितंबर 2026 ✍️ Wasi Siddiqui
इंदौर के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री मोदी की बोलने की शैली और हावभाव की नकल की थी। इस दौरान राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद थे।
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए। भाजपा का आरोप है कि मिमिक्री के दौरान प्रधानमंत्री की दिवंगत मां को लेकर भी आपत्तिजनक संदर्भ आया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर विवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा पर किया पलटवार
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने विवाद को लेकर भाजपा के हमलों का जवाब दिया। उनका तर्क रहा कि भाजपा इस पूरे मामले को जिस तरह पेश कर रही है, उसमें कार्यक्रम के वास्तविक संदर्भ और छात्रों से जुड़े मुद्दे पीछे चले गए हैं।
द हिंदू के वीडियो में श्रीनेत की प्रतिक्रिया इसी सियासी विवाद के संदर्भ में दिखाई गई है। मूल वीडियो पेज तक प्रत्यक्ष पहुंच इस समय उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनकी प्रतिक्रिया के ऐसे शब्द या दावे, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी, यहां हूबहू प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं।
भाजपा ने क्या आरोप लगाए
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा से बाहर जाने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि मंच पर प्रधानमंत्री और उनकी मां से जुड़े संदर्भों का इस्तेमाल आपत्तिजनक तरीके से किया गया।
भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के साथ राजनीतिक असहमति अलग विषय है, जबकि व्यक्तिगत और पारिवारिक संदर्भों को राजनीतिक कार्यक्रम में लाना अलग मुद्दा है। इन बयानों के बाद विवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर और तेज हुआ।
कांग्रेस का पक्ष क्या है
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम का मूल केंद्र छात्रों से जुड़े सवाल थे और मिमिक्री को लेकर पैदा हुए विवाद के कारण चर्चा का फोकस बदल गया।
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में व्यवधान और भाजपा की आलोचना को भी राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाया है। इससे पहले कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुआ था।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम क्यों महत्वपूर्ण है
इंदौर का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों पर केंद्रित था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसमें शिक्षा, भर्ती और रोजगार जैसे मुद्दे उठाए गए थे।
कार्यक्रम को लेकर विवाद पहले भी सामने आया था। पुलिस की सुरक्षा शर्तों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद गठित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी।
कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर भी पहले खींचतान हुई थी। शुरुआती कार्यक्रम को लेकर नेहरू स्टेडियम की अनुमति का मुद्दा सामने आया था और बाद में कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया।
विवाद का केंद्र मिमिक्री या राजनीतिक मर्यादा
पूरे प्रकरण में दो अलग-अलग सवाल उभरते हैं। पहला सवाल अभिव्यक्ति और राजनीतिक व्यंग्य की सीमा से जुड़ा है। दूसरा सवाल सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत और पारिवारिक संदर्भों के इस्तेमाल की मर्यादा से जुड़ा है।
भाजपा इसे प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के अपमान से जोड़ रही है। कांग्रेस दूसरी तरफ इसे भाजपा द्वारा राजनीतिक विवाद को बढ़ाने के रूप में पेश कर रही है। दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है, क्योंकि मिमिक्री की सामग्री और उसके संदर्भ की व्याख्या को लेकर राजनीतिक मतभेद मौजूद हैं।
आगे क्या
फिलहाल विवाद राजनीतिक बयानबाज़ी और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं तक केंद्रित है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले में किसी न्यायिक निष्कर्ष या आधिकारिक जांच के परिणाम की जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए पूरे मामले में स्थापित तथ्य और राजनीतिक आरोपों को अलग रखना जरूरी है। स्थापित तथ्य यह है कि इंदौर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री हुई, राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और इसके बाद भाजपा तथा कांग्रेस के बीच तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। मिमिक्री में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के संदर्भ को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस ने इस राजनीतिक व्याख्या को स्वीकार नहीं किया।
यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक मर्यादा, व्यंग्य और सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यक्तिगत संदर्भों के इस्तेमाल को लेकर बहस को आगे बढ़ा सकता है।
वीडियो देखें
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Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।