लखनऊ किसान महापंचायत: गन्ने के दाम और बकाया भुगतान पर राकेश टिकैत ने उठाए सवाल
गन्ना किसानों के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक मूल्य की मांग, टिकैत ने उठाया भुगतान का मुद्दा
यूपी में गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग, लखनऊ महापंचायत में किसानों के भुगतान पर ज़ोर
लखनऊ में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक करने और किसानों का लंबित भुगतान जल्द सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश, गन्ना किसान संस्थान | 23 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
लखनऊ में गन्ना किसानों की मांगों पर महापंचायत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को किसान-मज़दूर महापंचायत के दौरान गन्ने की कीमत और बकाया भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक तय करने की मांग की। उन्होंने किसानों की लंबित रकम जल्द दिलाने पर भी ज़ोर दिया।
महापंचायत में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से किसानों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। किसानों ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और भुगतान की समस्या का समाधान करने की अपील की।
गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की मांग
राकेश टिकैत ने गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का मुद्दा उठाया। उनकी मांग है कि गन्ने की कीमत 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक होनी चाहिए।
इससे पहले बिजनौर में आयोजित किसान महापंचायत में भी गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठ चुकी है। हालांकि, किसी किसान संगठन की मांग और सरकार की ओर से घोषित आधिकारिक मूल्य में अंतर है।
बकाया भुगतान पर किसानों की नाराज़गी
गन्ने की कीमत के साथ चीनी मिलों से लंबित भुगतान का मामला भी महापंचायत के केंद्र में रहा।
राकेश टिकैत ने दावा किया कि कुछ किसानों को पिछले पेराई सत्र का भुगतान भी नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से बकाया रकम जल्द दिलाने की मांग की।
हालांकि, इस महापंचायत से संबंधित कुल बकाया राशि, प्रभावित किसानों की संख्या और संबंधित चीनी मिलों का आधिकारिक विवरण स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ है।
महापंचायत से पहले गन्ना संस्थान के बाहर धरना
महापंचायत से एक दिन पहले, 22 अक्टूबर को आयोजन स्थल पर प्रवेश को लेकर विवाद की जानकारी भी सामने आई थी।
राकेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ गन्ना संस्थान के बंद गेट के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उनका कहना था कि किसानों की बैठक पहले से निर्धारित थी और उसकी तैयारियों के लिए परिसर में प्रवेश आवश्यक था।
बाद में गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई।
गन्ना मूल्य के अलावा दूसरे मुद्दे भी उठे
किसानों की मांगें केवल गन्ने की कीमत तक सीमित नहीं रहीं। धान खरीद व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण के मुआवज़े और बिजली से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
राकेश टिकैत ने भूमि अधिग्रहण के मुआवज़े की गणना में पुरानी सर्किल दरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।