सोमवार, 28 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
World

जापान में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़, कम से कम छह लोगों की मौत

Shah Times • 2026-08-14 12:35:41
जापान में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़, कम से कम छह लोगों की मौत

जापान में रिकॉर्ड बारिश, चिबा में कम से कम छह मौतें

टोक्यो के पास बाढ़ का कहर, हजारों यात्री फंसे

चिबा में 360 मिमी बारिश से तबाही, बढ़ा बाढ़ का खतरा


जापान के चिबा प्रीफेक्चर में रिकॉर्ड बारिश से व्यापक बाढ़ और परिवहन संकट पैदा हुआ है। कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 24 घंटे में 360 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। नारिता एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे, जबकि बिजली और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।


चिबा, जापान|14 अगस्त 2026|शाह टाइम्स

By Mohd Haris


चिबा में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़

जापान के टोक्यो के पास स्थित चिबा प्रीफेक्चर में रिकॉर्ड बारिश के बाद व्यापक बाढ़ और जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाद के अपडेट में कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भारी बारिश ने सड़क और रेल यातायात बाधित किया, घरों में पानी घुसा और हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट तथा रेलवे स्टेशनों पर रात गुजारनी पड़ी।

रिपोर्ट के मुताबिक चिबा के कुछ हिस्सों में 24 घंटे के भीतर 360 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। चिबा शहर में एक घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश हुई, जो अगस्त की सामान्य मासिक बारिश के करीब पहुंचने वाला असाधारण आंकड़ा है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने 14 अगस्त को भारी बारिश और भूस्खलन के लिए उच्चतम स्तर की चेतावनी जारी की थी। एजेंसी के रियल-टाइम रिस्क मैप में बाढ़ और भारी बारिश के खतरे को उच्च स्तर पर दिखाया गया।

कम से कम छह लोगों की मौत

बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के एक अपडेट में चिबा प्रीफेक्चर में छह मौतों की पुष्टि बताई गई है। पीड़ितों में बाढ़ के पानी में फंसे वाहन से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा कम था। पहली रिपोर्ट में चार मौतों और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि राहत और बचाव अभियान के दौरान आंकड़ा बदलता रहा।

ऐसे हालात में मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई स्थानों तक पहुंच मुश्किल होने के कारण शुरुआती आंकड़े अंतिम नहीं माने जाते।

24 घंटे में 360 मिमी से ज्यादा बारिश

चिबा में बारिश की तीव्रता इस आपदा की सबसे बड़ी वजहों में रही। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ इलाकों में 24 घंटे के भीतर 360 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।

चिबा शहर के चुओ वार्ड में एक घंटे के भीतर 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। अनादोलु एजेंसी ने भी इसी इलाके में बेहद कम समय में असाधारण वर्षा की जानकारी दी।

इतनी तेज बारिश ने शहरी ड्रेनेज सिस्टम और निचले इलाकों पर भारी दबाव डाला। सड़कें पानी में डूब गईं और कई जगह वाहन फंस गए।

4 लाख से ज्यादा लोगों के लिए निकासी आदेश

बारिश के चरम दौर में चिबा और पड़ोसी इबाराकी प्रीफेक्चर में 4 लाख से ज्यादा लोगों के लिए निकासी आदेश जारी किए गए थे। अनादोलु एजेंसी के मुताबिक शुक्रवार सुबह चिबा में करीब 1,02,600 लोग अभी भी निकासी आदेश के दायरे में थे।

अल जज़ीरा ने बताया कि चिबा में 2,30,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। कई इलाकों में अस्थायी शेल्टर खोले गए।

जापानी प्रशासन ने लोगों से स्थानीय निकासी निर्देशों का पालन करने और बाढ़ तथा भूस्खलन के जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने को कहा।

नारिता एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे

बाढ़ का असर जापान के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट हब नारिता एयरपोर्ट पर भी पड़ा। रेल और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण करीब 7,000 यात्री रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे।

एयरपोर्ट पर उड़ानें संचालित होती रहीं, लेकिन यात्रियों के आने-जाने के लिए रेल और सड़क सेवाएं बाधित थीं। इससे टर्मिनल के भीतर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई।

एयरपोर्ट कर्मचारियों ने फंसे यात्रियों को कंबल, पानी और भोजन उपलब्ध कराया। कई यात्रियों ने टर्मिनल में ही रात बिताई।

रेलवे और हाईवे सेवाएं प्रभावित

बाढ़ ने चिबा में रेलवे नेटवर्क को गंभीर रूप से प्रभावित किया। कई ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं, जबकि कुछ मार्गों पर शुक्रवार सुबह सीमित सेवा बहाल की गई।

कई प्रमुख हाईवे भी बंद किए गए। इससे वैकल्पिक रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। राहत और बचाव टीमों की आवाजाही भी प्रभावित इलाकों में चुनौतीपूर्ण रही।

सोगा स्टेशन पर करीब 4,000 लोगों को लंबे समय तक फंसे रहने के बाद जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने निकाला।

हजारों घरों की बिजली गुल

भारी बारिश और बाढ़ के साथ बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। रॉयटर्स के मुताबिक शुक्रवार सुबह 11 बजे तक 22,000 से ज्यादा घर बिजली के बिना थे।

अन्य रिपोर्टों में बताया गया कि बिजली कटौती का आंकड़ा आपदा के चरम समय में इससे काफी अधिक था और बाद में घटा। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 23,000 घर बिजली से वंचित थे।

बिजली आपूर्ति बहाल करना राहत अभियान का अहम हिस्सा बना हुआ है, खासकर उन इलाकों में जहां सड़कें अभी भी जलमग्न हैं।

जापान की सेना राहत अभियान में उतरी

जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। जवानों ने प्रभावित इलाकों में लोगों को निकालने और सहायता पहुंचाने का काम शुरू किया।

सैकड़ों लोग सरकारी इमारतों और अस्थायी निकासी केंद्रों में रात गुजारने के लिए मजबूर हुए। चिबा प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट बिल्डिंग भी अस्थायी शेल्टर के रूप में इस्तेमाल की गई।

प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है, दूसरी तरफ बाढ़ के बाद भूस्खलन और दोबारा जलभराव के जोखिम से निपटना है।

क्या बारिश का खतरा खत्म हो गया है?

बारिश में कमी आने के बावजूद खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी है। एजेंसी का रियल-टाइम सिस्टम बारिश और बाढ़ के जोखिम की निगरानी करता है।

एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि शुक्रवार को चेतावनी का स्तर कम किया गया था, लेकिन बाद में और बारिश की संभावना बनी हुई थी। इससे जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम बरकरार रहा।

इसलिए राहत अभियान के साथ स्थानीय प्रशासन के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए रखना भी अहम है।

चिबा ही सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों हुआ

चिबा टोक्यो के ठीक पूर्व में स्थित है और ग्रेटर टोक्यो क्षेत्र का हिस्सा है। यहां घनी आबादी, बड़े शहरी क्षेत्र और महत्वपूर्ण परिवहन नेटवर्क मौजूद हैं। नारिता इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इसी प्रीफेक्चर में है।

इस वजह से प्राकृतिक आपदा का असर केवल स्थानीय आबादी तक सीमित नहीं रहता। सड़क और रेल नेटवर्क बाधित होने पर टोक्यो क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों पर भी असर पड़ता है।

इस बार बाढ़ का असर इसी व्यापक नेटवर्क पर दिखाई दिया। एयरपोर्ट चालू रहने के बावजूद यात्रियों के लिए जमीन से संपर्क टूटने के कारण हजारों लोग टर्मिनल में फंस गए।

छुट्टियों के दौरान बढ़ी मुश्किल

यह आपदा जापान के बोन हॉलिडे पीरियड के दौरान आई, जो देश में साल के सबसे व्यस्त यात्रा समयों में शामिल है। इस वजह से परिवहन सेवाओं पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा दबाव था।

नारिता एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों की बड़ी संख्या इसी वजह से बनी। रेल सेवाएं बाधित होने से यात्रियों के पास एयरपोर्ट से बाहर निकलने के सीमित विकल्प रह गए।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि बड़े एयरपोर्ट की संचालन व्यवस्था सामान्य रहने के बावजूद उसके आसपास का सड़क और रेल नेटवर्क ठप पड़ने पर यात्रियों की स्थिति कितनी मुश्किल हो सकती है।

ग्राउंड रियलिटी क्या बताती है

चिबा में मौजूदा स्थिति को केवल भारी बारिश की घटना के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। रिकॉर्ड बारिश ने बाढ़, परिवहन संकट, बिजली कटौती और निकासी की एक साथ कई समस्याएं पैदा की हैं।

जापान के पास आपदा प्रबंधन का मजबूत ढांचा है। इसके बावजूद असाधारण बारिश ने स्थानीय प्रशासन, परिवहन नेटवर्क और आपातकालीन सेवाओं पर भारी दबाव डाला।

सबसे अहम चुनौती अब राहत से आगे की है। जलभराव वाले इलाकों में लोगों की सुरक्षित वापसी, बिजली बहाली, सड़कों और रेल नेटवर्क की मरम्मत तथा भूस्खलन के जोखिम की निगरानी आने वाले दिनों की प्राथमिकता होगी।

आगे क्या होगा

अब प्रशासन की निगाह बाढ़ के पानी के उतरने, बिजली बहाली और परिवहन सेवाओं की पूर्ण बहाली पर है। जिन इलाकों में जमीन पहले से संतृप्त है, वहां अतिरिक्त बारिश होने पर भूस्खलन और नए जलभराव का खतरा बना रह सकता है।

नारिता एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी अहम रहेगी। उड़ानें सामान्य रूप से चलती रहने के बावजूद रेल और हाईवे नेटवर्क में रुकावट यात्रियों के लिए समस्या पैदा कर सकती है।

मृतकों और प्रभावित परिवारों की संख्या का अंतिम आकलन भी राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

जापान के चिबा प्रीफेक्चर में रिकॉर्ड बारिश ने व्यापक बाढ़ और परिवहन संकट पैदा कर दिया है। कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग बाढ़ और परिवहन व्यवधान के कारण प्रभावित हुए हैं।

24 घंटे में 360 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश और कुछ इलाकों में एक घंटे के भीतर 115 मिलीमीटर वर्षा ने हालात को गंभीर बनाया। हजारों यात्रियों का नारिता एयरपोर्ट पर फंसना इस आपदा के व्यापक असर को दिखाता है।

जापानी प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौसम कितना स्थिर रहता है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन कितनी तेजी से बहाल होता है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Shah Times

Shah Times

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

दक्षिण-पूर्वी अल्जीरिया में भारी बारिश से बाढ़, सड़कें जलमग्न

2026-09-28 15:12:31

थाईलैंड की राजधानी में जलभराव गंभीर, बैंकॉक के 50 जिलों में आपदा घोषणा

2026-09-26 14:20:29

नेपाल में 60 घंटे बाद मलबे से जिंदा मिली बच्ची, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

2026-09-03 16:34:39

मध्य प्रदेश में 72 घंटे से बारिश, गढ़चिरौली में बाढ़ के हालात; यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

2026-09-28 13:57:16

रावलपिंडी में सैलाब से हाहाकार, नाला लई 29 फीट पार, स्कूल-कॉलेज बंद

2026-09-01 15:36:52

मानसून ने पूरे देश को घेरा, अजमेर में मकान ढहा, कई राज्यों में भारी तबाही

2026-07-09 10:45:04

ब्रिटेन में एयरबेस के पास बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन, 5 गिरफ्तार और 85 घर खाली कराए गए

2026-09-28 16:00:31

बेंजामिन नेतन्याहू पहुंचे UAE, अबू धाबी में राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से गुप्त मुलाकात

2026-09-28 15:48:25

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर